Wednesday, July 22, 2026

Corona के लगातार नए वेरिएंट क्यों सामने आ रहे हैं, इसके पीछे क्या वजह है?

by editor
Corona के लगातार नए वेरिएंट क्यों सामने आ रहे हैं, इसके पीछे क्या वजह है?

Corona वायरस खुद से म्यूटेट नहीं होता, बल्कि यह मरीज की कोशिकाओं से संपर्क में आने पर म्यूटेशन करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, अब तक कोरोना वायरस में सैकड़ों म्यूटेशन हो चुके हैं, जिनमें से कुछ खतरनाक साबित हुए जबकि कई ऐसे थे जो फैल नहीं पाए।

Corona वायरस फिर से पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बन गया है। सिंगापुर, हांगकांग और चीन के बाद अब यह संक्रमण अमेरिका और एशिया के कई अन्य देशों तक फैल चुका है। हर साल कोरोना का नया वेरिएंट सामने आता है जो वैश्विक स्तर पर परेशानियां बढ़ाता है। इस साल अप्रैल से कोरोना का संक्रमण फिर से फैलना शुरू हुआ है और अब तक तीन नए वेरिएंट सामने आ चुके हैं। इन वेरिएंट्स पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है, क्योंकि इनके फैलने की क्षमता और गंभीरता को लेकर सभी चिंतित हैं। कई देशों ने कोरोना को लेकर एडवाइजरी भी जारी कर दी है।

2019 में Corona का संक्रमण फैला था, जिसके बाद तीन बड़े वेरिएंट सामने आए। इनमें डेल्टा वेरिएंट सबसे ज्यादा खतरनाक था जिसने पूरे विश्व में भारी तबाही मचाई थी। डेल्टा बहुत तेजी से फैला और इससे संक्रमित लाखों लोगों की मौत हुई। इसके बाद आने वाले वेरिएंट्स अपेक्षाकृत कम गंभीर रहे। कोरोना के लगभग अंत में ओमीक्रॉन वेरिएंट आया, जो सबसे हल्का था और ज्यादा संक्रामक या घातक नहीं था। इस वजह से दुनिया जल्द ही इसके प्रभाव से बाहर आ गई। अब हर साल कोरोना के नए-नए वेरिएंट आ रहे हैं, और इस साल भी तीन नए वेरिएंट सामने आए हैं।

Corona वायरस खुद म्यूटेट नहीं कर पाता, बल्कि यह म्यूटेशन संक्रमित व्यक्ति की कोशिकाओं के माध्यम से होता है।  जब किसी व्यक्ति को कोरोना संक्रमण होता है, तो उसके शरीर की कोशिकाओं में बदलाव के कारण वायरस म्यूटेट हो जाता है। फिर उस व्यक्ति से जो भी नया संक्रमित होता है, वह नया वेरिएंट होता है। म्यूटेशन कितना घातक होगा या सामान्य, यह व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर निर्भर करता है। कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों में म्यूटेशन अधिक खतरनाक हो सकता है, जबकि मजबूत इम्यूनिटी वाले में यह कम गंभीर होता है। डॉ. गुप्ता ने बताया कि अभी इस विषय पर शोध जारी है कि वायरस म्यूटेशन के बाद गंभीर या हल्का क्यों होता है।

मौसम बदलने पर कोरोना संक्रमण बढ़ने का खतरा रहता है। Corona के तीन नए वेरिएंट पाए गए हैं, जिनकी लगातार निगरानी हो रही है, लेकिन इनकी गंभीरता और संक्रामकता के पुख्ता प्रमाण अभी नहीं मिले हैं। उन्होंने बताया कि मौसम बदलने के साथ ही वायरल संक्रमणों में वृद्धि होती है क्योंकि इस दौरान लोगों की इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है, जिससे कोरोना फैलने का मौका मिलता है। संक्रमण की शुरुआत आमतौर पर हल्की होती है और तेजी से नहीं फैलती, इसलिए शुरुआत में इसे नोटिस करना मुश्किल होता है। जब ज्यादा लोग संक्रमित होने लगते हैं तब इसका पता चलता है।

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