दीया मिर्जा ने छात्र प्रदर्शन और पेपर लीक मामले पर पीएम मोदी के बयान पर सवाल उठाए। 47 दिन की देरी और छात्रों की चिंताओं को लेकर प्रतिक्रिया दी।
बॉलीवुड अभिनेत्री दीया मिर्जा ने देश में चल रहे छात्र प्रदर्शनों और पेपर लीक विवाद को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात रखते हुए छात्रों, अभिभावकों और प्रदर्शनकारियों की चिंताओं को लेकर कई सवाल उठाए।
दीया मिर्जा ने प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इतने बड़े मुद्दे पर सरकार की ओर से प्रतिक्रिया आने में काफी समय लगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के संबोधन में उन छात्रों और परिवारों के दर्द का पर्याप्त जिक्र नहीं किया गया, जो पेपर लीक जैसी घटनाओं से प्रभावित हुए हैं।
दीया मिर्जा ने छात्रों और अभिभावकों के मुद्दे पर उठाई आवाज
अभिनेत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उन माता-पिता के दर्द को भी समझना जरूरी है जिन्होंने अपने बच्चों को खोया है। उन्होंने यह भी सवाल किया कि लंबे समय तक आंदोलन कर रहे छात्रों और अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे युवाओं की चिंताओं पर अधिक संवेदनशीलता क्यों नहीं दिखाई गई। दीया मिर्जा ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा की जरूरत है।
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पीएम मोदी के बयान पर दीया ने जताई निराशा
दीया मिर्जा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बयान आने में देरी हुई और इसमें प्रभावित लोगों के प्रति अपेक्षित संवेदना नजर नहीं आई।
उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से पूछा कि जिन परिवारों ने इस पूरे विवाद के कारण परेशानियां झेली हैं, उनके लिए सरकार की ओर से और अधिक संवेदनशील संदेश की जरूरत थी।
सोशल मीडिया पर दीया मिर्जा की हुई चर्चा
दीया मिर्जा के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं। कई यूजर्स ने अभिनेत्री की बेबाकी की सराहना की और कहा कि उन्होंने छात्रों से जुड़े मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। कुछ लोगों ने कहा कि जहां कई लोग केवल प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं, वहीं दीया मिर्जा ने सीधे सवाल पूछने का साहस दिखाया।
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पीएम मोदी ने पेपर लीक पर कार्रवाई का दिया था भरोसा
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामलों को लेकर वीडियो संदेश जारी किया था। उन्होंने कहा था कि सरकार छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है और परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रधानमंत्री ने फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से ऐसे मामलों में तेजी से न्याय दिलाने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की बात कही थी।
सोनम वांगचुक ने खत्म किया था अनशन
प्रधानमंत्री के आश्वासन के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया था। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया था।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद सोनम वांगचुक ने अनशन खत्म करने का फैसला लिया। इस दौरान परीक्षा सुधार, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता जैसे मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहे।