AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने संसद में नए कानून की चर्चा पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के जंतर-मंतर प्रदर्शन से ध्यान भटका रही है।
आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता सौरभ भारद्वाज ने केंद्र सरकार द्वारा संसद में नया कानून लाने की पहल पर सवाल उठाते हुए इसे छात्रों के आंदोलन से ध्यान हटाने की रणनीति बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ऐसे मुद्दे को संसद में चर्चा के लिए ला रही है, जिसकी तत्काल मांग किसी ने नहीं की थी।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जब सरकार के पास अध्यादेश के जरिए कदम उठाने का विकल्प था, तो फिर संसद में इस विषय पर बहस कराने की जरूरत क्यों महसूस की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का उद्देश्य वास्तविक मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाकर राजनीतिक बहस में उलझाना है।
छात्रों के प्रदर्शन से ध्यान हटाने का लगाया आरोप
AAP नेता ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र अपने अधिकारों और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार छात्रों की समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय संसद की बहस को मुद्दा बनाकर जनता का ध्यान दूसरी तरफ मोड़ना चाहती है।
उन्होंने कहा कि युवाओं और विद्यार्थियों से जुड़े सवालों पर गंभीर चर्चा और समाधान की जरूरत है, न कि केवल राजनीतिक बहस तक सीमित रहने की।
Parliament Discussion is a TRAP
Why suddenly BJP Govt wants to bring a Law which no one demanded ?
Why do they want to discuss this bill in Parliament when they could do it through Ordinance ?
Because Govt wants to divert attention from Students protest of Jantar Mantar.
Govt… pic.twitter.com/jKSuhZ6t71
— Saurabh Bharadwaj (@Saurabh_MLAgk) July 24, 2026
संसद में बहस को लेकर उठाए सवाल
सौरभ भारद्वाज ने सवाल किया कि सरकार जिस कानून को संसद में लाने की बात कर रही है, उसकी जरूरत और समय को लेकर स्पष्टता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि असली मुद्दा छात्रों के भविष्य और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि वह छात्रों की समस्याओं को प्राथमिकता दे और परीक्षा से जुड़े विवादों का स्थायी समाधान निकाले।
AAP ने छात्रों के मुद्दों पर जारी रखा विरोध
आम आदमी पार्टी लगातार परीक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साध रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए जवाबदेही और प्रभावी सुधार जरूरी हैं। वहीं, केंद्र सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने और अनियमितताओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।