अगर संजीव मुखिया मास्टरमाइंड नहीं है तो फिर 2024 का पेपर किसने लीक किया? CBI जवाब दे!: अरविंद केजरीवाल
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जवाब देते हुए कहा कि कल रात बारह बजे प्रधानमंत्री जी ने एक वीडियो जारी कर पूरे देश से कहा कि पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का कानून सोमवार को संसद में लाया जाएगा। प्रधानमंत्री जी का यह आश्वासन कितना खोखला और कितना झूठा है, यह कल ही साबित हो गया। वर्ष 2024 में NEET का पेपर लीक हुआ था, उस समय उन्होंने कहा था कि संजीव मुखिया नाम का व्यक्ति इसका मास्टरमाइंड है। सरकार ने स्वयं बड़े तामझाम के साथ उसकी गिरफ्तारी की थी। लेकिन गिरफ्तारी के तीन महीने के भीतर ही सरकार ने उसे जमानत दिला दी और वह जेल से बाहर आ गया। उसके खिलाफ केस चलने लगा, और कल आपको विश्वास नहीं होगा कि दोपहर डेढ़ बजे PTI की खबर आई कि CBI ने कोर्ट में कहा है कि संजीव मुखिया निर्दोष है! CBI ने कहा कि संजीव मुखिया के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं और उसे छोड़ दिया जाए। तो अगर CBI के मुताबिक संजीव मुखिया मास्टरमाइंड नहीं है, तो फिर मास्टरमाइंड कौन है? CBI ने मास्टरमाइंड का नाम नहीं बताया। इसका मतलब यह हुआ कि 2024 में जो पेपर लीक हुआ, उसे किसी ने लीक ही नहीं किया! क्या आप फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाकर इस तरह काम करेंगे? कल रात साढ़े नौ बजे प्रधानमंत्री जी ने ट्वीट करके भी कहा था कि मैं फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाऊंगा, और कुछ ही घंटों बाद मीडिया में खबर आ गई कि CBI ने मुख्य मास्टरमाइंड को छोड़ दिया।
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अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि अगर आपकी CBI कोर्ट में सबूत ही पेश नहीं करेगी, तो प्रधानमंत्री जी इन फास्ट ट्रैक कोर्टों का क्या महत्व रह जाता है? आप पेपर लीक माफियाओं को क्यों बचाना चाहते हैं? आप देश को इस तरह के झूठे और खोखले आश्वासन क्यों दे रहे हैं? पूरे देश का युवा पीड़ित है, बच्चों ने आत्महत्या कर ली है और आप ऐसे झूठे वादे कर रहे हैं। अगले साल NEET का पेपर लीक न हो, इसके लिए आपने क्या कदम उठाए? कोई कदम नहीं उठाया। इस बार पेपर लीक हुआ, कई बच्चों ने आत्महत्या की और अगली बार फिर पेपर लीक होगा। आप फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की बात कर रहे हैं, लेकिन इन फास्ट ट्रैक कोर्टों से क्या होगा? फास्ट ट्रैक कोर्ट तो अभी भी POCSO और रेप के मामलों के लिए कई जगह बनी हुई हैं, फिर भी उनमें वर्षों लग जाते हैं। अगर आपको पेपर लीक माफियाओं के मास्टरमाइंड को छोड़ना ही है, अगर आपको सबूत ही इकट्ठा नहीं करने हैं, अगर आपको जांच ही नहीं करनी है और उन्हें जमानत दिलाकर जेल से बाहर ही निकालना है, तो फास्ट ट्रैक कोर्ट क्या करेगी? प्रधानमंत्री जी, आपकी नीयत में ही खोट है।