अमित शाह ने पेपर लीक मामलों में फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने के फैसले का स्वागत किया। जानें प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा और सरकार की नई पहल।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतें (Fast-Track Courts) स्थापित करने के केंद्र सरकार के फैसले की सराहना की है। उन्होंने कहा कि यह कदम युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि युवाओं का कल्याण और उनका उज्ज्वल भविष्य मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
युवाओं का हित और उनका उज्ज्वल भविष्य मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता भी है और संकल्प भी। प्रधानमंत्री जी द्वारा फास्ट ट्रैक कोर्ट्स के गठन से पेपर लीक के मामलों में दोषियों के खिलाफ त्वरित सुनवाई और कठोर कार्रवाई का निर्णय इसी का प्रतिबिंब है।
पेपर लीक के कारण युवाओं के भविष्य… https://t.co/7RExtxkHSG
— Amit Shah (@AmitShah) July 23, 2026
‘युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई’
अपने संदेश में गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पेपर लीक मामलों की सुनवाई में तेजी लाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्णय सरकार की स्पष्ट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली से जुड़ी अनियमितताओं के जरिए युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ उठाया गया यह कदम आने वाले समय में एक महत्वपूर्ण मिसाल साबित हो सकता है।
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प्रधानमंत्री मोदी ने फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का किया ऐलान
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा था कि सरकार ने पेपर लीक से जुड़े मामलों में त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित करने का निर्णय लिया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि छात्रों के हितों की रक्षा करना सरकार की प्राथमिकता है और इस दिशा में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
NEET पेपर लीक विवाद के बीच आया फैसला
सरकार की यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब कथित NEET पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं को लेकर देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन जारी हैं। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर सहित विभिन्न स्थानों पर कई राजनीतिक दलों और छात्र संगठनों ने प्रदर्शन कर परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की है। प्रदर्शनकारियों ने कथित परीक्षा अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री से जवाबदेही तय करने की भी मांग उठाई है।
छात्रों के हितों पर सरकार का जोर
केंद्र सरकार का कहना है कि सार्वजनिक परीक्षाओं की निष्पक्षता बनाए रखना और छात्रों का विश्वास मजबूत करना उसकी प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से पेपर लीक मामलों की त्वरित सुनवाई, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं।