डॉ. सुमिता मिश्रा के नेतृत्व में हरियाणा में 13 जिलों में राज्य स्तरीय बाढ़ मॉक ड्रिल आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य मानसून से पहले आपदा प्रबंधन तैयारियों और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को मजबूत करना है।
आगामी मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए हरियाणा सरकार द्वारा राज्य के 13 बाढ़ संभावित जिलों में एक साथ राज्य स्तरीय बाढ़ मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस पूरे अभ्यास का नेतृत्व वित्त आयुक्त (राजस्व) एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने किया।
राज्य नियंत्रण कक्ष से हुआ पूरे अभ्यास का संचालन
डॉ. सुमिता मिश्रा ने ‘स्टेट इंसिडेंट कमांडर’ के रूप में राज्य नियंत्रण कक्ष से पूरे अभ्यास का संचालन किया और सभी जिलों की गतिविधियों की निगरानी की। इस दौरान विभिन्न विभागों के बीच आपसी समन्वय और आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण किया गया।
आगामी मानसून सीजन के मद्देनजर आपदा तैयारियों और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए आज प्रदेश के 13 बाढ़ संभावित जिलों में एक साथ पहली राज्य स्तरीय बाढ़ मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।
वित्त आयुक्त (राजस्व) एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ.… pic.twitter.com/fQ4madioRV
— DPR Haryana (@DiprHaryana) May 14, 2026
आपदा तैयारियों की समीक्षा और कमियों की पहचान
इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य राज्य की आपदा प्रबंधन तैयारियों का मूल्यांकन करना और संभावित कमियों की पहचान करना था। अभ्यास के दौरान राहत और बचाव कार्यों की प्रक्रिया, संचार व्यवस्था और विभागीय समन्वय की भी जांच की गई।
डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि यह अभ्यास हरियाणा सरकार की उस प्रतिबद्धता का हिस्सा है, जिसके तहत एक मजबूत, तकनीक-आधारित और समुदाय-केंद्रित आपदा प्रबंधन प्रणाली विकसित की जा रही है।
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मानसून से पहले तैयारियों को मजबूत करने की पहल
मानसून के दौरान संभावित बाढ़ जोखिमों को देखते हुए यह अभ्यास बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे जिला और राज्य स्तर पर आपदा प्रतिक्रिया समय, संसाधन प्रबंधन और समन्वय प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।