डॉ. सुमिता मिश्रा के निर्देश पर हरियाणा में लिंग अनुपात सुधार अभियान तेज कर दिया गया है। अवैध लिंग जांच पर रोक और जिला स्तर पर सख्त निगरानी के लिए टास्क फोर्स को सक्रिय किया गया है।
हरियाणा सरकार ने राज्य में लिंग अनुपात में सुधार और अवैध भ्रूण लिंग निर्धारण गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए अपने राज्यव्यापी अभियान को और तेज कर दिया है। इस दिशा में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं।
जिला स्तर पर सख्त निगरानी और कार्रवाई के आदेश
डॉ. सुमिता मिश्रा ने सभी जिला स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राज्यभर में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और साथ ही व्यापक जन-जागरूकता अभियान भी चलाया जाए। उन्होंने कहा कि अवैध लिंग जांच जैसी गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाना प्राथमिकता है।
हरियाणा सरकार ने लिंग अनुपात में सुधार और गैरकानूनी लिंग निर्धारण प्रथाओं पर रोक लगाने के लिए अपने राज्यव्यापी अभियान को और तेज कर दिया है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. @sumitamisra ने जिला स्वास्थ्य अधिकारियों को सभी जिलों में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित…
— DPR Haryana (@DiprHaryana) May 14, 2026
जिला स्तरीय समितियों की नियमित बैठकें अनिवार्य
उन्होंने सभी सिविल सर्जनों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि अगले तीन कार्य दिवसों के भीतर डिप्टी कमिश्नर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति और जिला टास्क फोर्स की बैठकें अनिवार्य रूप से आयोजित की जाएं।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इन बैठकों का नियमित आयोजन किया जाए, ताकि जिला स्तर पर बेहतर समन्वय, कड़ी निगरानी और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
सरकार का लक्ष्य: लिंग समानता और सामाजिक सुधार
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य राज्य में लिंग अनुपात में सुधार लाना और अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाना है। सरकार ने इसे सामाजिक सुधार और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।