Often Flatulence फूलने की परेशानी को सामान्य गैस या भारी भोजन से जुड़ा मान लेते हैं, लेकिन अगर यह समस्या बार-बार हो या बिना ज्यादा खाए भी पेट फूला हुआ महसूस हो, तो यह किसी गंभीर रोग की चेतावनी हो सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक बार-बार ब्लोटिंग होना शरीर में किसी आंतरिक गड़बड़ी का संकेत हो सकता है, जिसे नज़रअंदाज़ करना जोखिम भरा हो सकता है।
गैस और ब्लोटिंग में फर्क
ब्लोटिंग यानी पेट का फूला हुआ महसूस होना कई लोगों के लिए एक आम अनुभव है। लेकिन अगर यह बार-बार हो, घरेलू उपायों से आराम न मिले और पेट हर बार खाने के बाद असहज रूप से फूल जाए, तो यह सामान्य नहीं माना जा सकता।
पेट फूलने के पीछे हो सकती हैं ये 4 बीमारियां:
इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (IBS): यह आंतों से जुड़ी एक पुरानी समस्या है, जिसमें गैस, दस्त, कब्ज और पेट में ऐंठन के साथ ब्लोटिंग की शिकायत बनी रहती है। तनाव, गलत खानपान और नींद की कमी से यह समस्या और बढ़ सकती है।
लैक्टोज इन्टॉलरेंस: जिन लोगों का शरीर दूध और उससे बनी चीजें नहीं पचा पाता, उन्हें यह समस्या होती है। ऐसे लोगों को दूध लेने के बाद पेट फूलना, दर्द, गैस और दस्त की शिकायत हो सकती है।
लिवर संबंधी बीमारी (जैसे फैटी लिवर या सिरोसिस):
जब लिवर सही से काम नहीं करता तो शरीर में टॉक्सिन्स जमा हो जाते हैं, जिससे पेट में Ascites (पानी भरना) की स्थिति बनती है। इस वजह से पेट फूलने के साथ वह सख्त महसूस होने लगता है, और साथ में थकावट, भूख कम लगना व पीलापन जैसे लक्षण दिखते हैं।महिलाओं में ओवरी से जुड़ी समस्याएं (PCOS या ओवरी सिस्ट):
अगर किसी महिला को बार-बार ब्लोटिंग, अनियमित पीरियड्स, मुंहासे, वजन बढ़ना आदि लक्षण दिखाई दें, तो यह ओवरी से जुड़ी किसी गड़बड़ी की ओर इशारा कर सकता है। ओवरी सिस्ट पेट में भारीपन और दर्द भी पैदा कर सकता है।
कब जाएं डॉक्टर के पास?
अगर पेट फूलना लगातार हो रहा हो, भूख कम लग रही हो, वजन कम हो रहा हो, उल्टी हो रही हो या पेट सख्त लग रहा हो, तो इसे गैस मानकर अनदेखा न करें। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से समय पर जांच कराना ही बेहतर होता है।