इसुदान गढ़वी: भाजपा नेताओं ने दूसरी पार्टी के कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया, जबकि वास्तव में पेपर लीक का मुद्दा भुला दिया जाए, इसलिए उन्हें ऐसे नखरे करने पड़ते हैं
आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने कहा कि देश में बार-बार हो रही पेपर लीक की घटनाओं को लेकर जनता में भारी रोष है। मेरी अपील के बाद हजारों छात्र काली पट्टी बांधकर या काले कपड़े पहनकर कॉलेज गए, जबकि AAP की छात्र इकाई ‘ASAP’ ने भी जगह-जगह विरोध दर्ज कराया। आगामी 25 जुलाई को गांधीनगर में बड़ी संख्या में युवा एकत्र होकर इस आंदोलन का हिस्सा बनेंगे। आज स्थिति यह है कि भाजपा के अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं के बच्चे भी इस पेपर लीक का शिकार हुए हैं, लेकिन पद और ठेके खोने के डर से वे अपनी ही पार्टी के खिलाफ नहीं बोल सकते। दूसरी ओर, भाजपा नेताओं ने हाल ही में दूसरी पार्टी के कार्यालय पर जाकर विरोध प्रदर्शन किया। वास्तव में पेपर लीक का मूल मुद्दा जनता भूल जाए, इसलिए भाजपा के लोगों को ऐसे नखरे करने पड़ते हैं। अब जनता को स्वीकार कर लेना चाहिए कि भाजपा विपक्ष के रूप में मजबूत है, लेकिन शासक के रूप में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है।
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‘आप’ नेता इसुदान गढ़वी ने आगे कहा कि सरकार अपने खिलाफ उठने वाली आवाज को दबाने के लिए डर और लालच की नीति अपनाती है। भाजपा प्रसिद्ध कलाकारों को डायरों और नाटकों जैसे सरकारी कार्यक्रम देकर अपनी पार्टी में शामिल कर लेती है, जिससे ये कलाकार भाजपा के खिलाफ कुछ भी नहीं बोल पाते। अमिताभ बच्चन और अक्षय कुमार जैसे बड़े कलाकार मन से संवेदनशील होने के बावजूद अपनी मजबूरी के कारण 2014 से पहले की तरह आज मुद्दों पर ट्वीट नहीं कर सकते। कई कलाकार समाज के लिए रोल मॉडल होते हैं, लेकिन जब जनता पर संकट आता है तो वे मौन रहकर ‘जीरो’ बन जाते हैं। दूसरी ओर, फिल्मों में खलनायक की भूमिका निभाने वाले प्रकाश राज जैसे कई कलाकार जनता की सच्ची आवाज उठाकर सही मायनों में ‘हीरो’ बन जाते हैं। करसनदास माणेक की पंक्तियां, “मने ए ज नथी समझातुं के शाने आवुं थाय छे, फूलडां डूबी जतां ने पथरा तरी जाए छे” आज समाज और सरकार की इस स्थिति पर बिल्कुल सटीक बैठती हैं।