मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 5.12 लाख मरीजों को 914 करोड़ रुपये से अधिक का कैशलेस इलाज मिला। 50 लाख से ज्यादा ई-हेल्थ कार्ड जारी किए गए।
पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में शुरू की गई मुख्यमंत्री सेहत योजना ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। योजना शुरू होने के करीब साढ़े छह महीनों में ही 5.12 लाख से अधिक मरीजों को 914 करोड़ रुपये से ज्यादा का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा चुका है।
50 लाख से ज्यादा ई-हेल्थ कार्ड जारी
पटियाला में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने योजना की प्रगति रिपोर्ट साझा की। उन्होंने बताया कि अब तक 50.3 लाख से अधिक ई-हेल्थ कार्ड जारी किए जा चुके हैं।
इन डिजिटल हेल्थ कार्ड के माध्यम से पात्र परिवारों को गंभीर बीमारियों और महंगे इलाज के लिए आर्थिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। सरकार का उद्देश्य हर परिवार तक बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है।
868 अस्पतालों में मिल रही कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा
मुख्यमंत्री सेहत योजना के अंतर्गत पंजाब भर में 868 सरकारी और निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है। इन अस्पतालों के नेटवर्क के जरिए मरीजों को मुफ्त और कैशलेस इलाज की सुविधा दी जा रही है।
स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, इस योजना से अब तक करीब 25 लाख परिवार लाभान्वित हो चुके हैं। इसके अलावा लाखों मरीजों को सर्जरी और जरूरी चिकित्सा सेवाओं का फायदा मिला है।
कैंसर से लेकर गंभीर सर्जरी तक का इलाज शामिल
डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि योजना के तहत कई गंभीर बीमारियों और उपचारों को शामिल किया गया है। अब तक 733 कैंसर मरीजों का इलाज किया जा चुका है।
इसके अलावा मरीजों को घुटने की सर्जरी, एंजियोप्लास्टी, कोरोनरी आर्टरी बाईपास सर्जरी (CABG), हिप रिप्लेसमेंट, किडनी से जुड़ी प्रक्रियाएं, क्रोनिक हेमोडायलिसिस, नवजात देखभाल और आंखों की सर्जरी जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
सरकारी और निजी अस्पतालों की भागीदारी
योजना की सफलता में सरकारी और निजी अस्पतालों दोनों की भूमिका अहम रही है। आंकड़ों के मुताबिक, सरकारी अस्पतालों ने करीब 2.29 लाख इलाज (45 प्रतिशत) किए हैं, जबकि निजी अस्पतालों ने 2.83 लाख इलाज (55 प्रतिशत) उपलब्ध कराए हैं। इस साझेदारी से राज्य के दूरदराज इलाकों में रहने वाले लोगों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच मिल रही है।
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24.96 लाख परिवार योजना में शामिल
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि वर्तमान में मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 24.96 लाख परिवार जुड़े हुए हैं। लाभार्थियों में करीब 48 प्रतिशत पुरुष और 52 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं।
वहीं, योजना का लाभ लेने वालों में 68 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों और 32 प्रतिशत शहरी क्षेत्रों के लोग हैं। इससे पता चलता है कि योजना का फायदा राज्य के सभी क्षेत्रों तक पहुंच रहा है।
लुधियाना में सबसे ज्यादा ई-हेल्थ कार्ड जारी
जिलावार आंकड़ों के अनुसार, लुधियाना जिले में सबसे अधिक 5.46 लाख ई-हेल्थ कार्ड जारी किए गए हैं। इसके बाद पटियाला में 4.56 लाख, जालंधर में 3.69 लाख और होशियारपुर में 3.45 लाख कार्ड जारी किए गए हैं। इलाज उपलब्ध कराने के मामले में पटियाला और बठिंडा जिले सबसे आगे रहे हैं।
पीजीआई चंडीगढ़ को योजना में शामिल करने की मांग
डॉ. बलबीर सिंह ने पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ को मुख्यमंत्री सेहत योजना में शामिल न किए जाने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए इस प्रतिष्ठित संस्थान को योजना से जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना का उद्देश्य लोगों को महंगे इलाज के आर्थिक बोझ, मानसिक तनाव और कर्ज से राहत दिलाना है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में डिजिटल बदलाव की पहल
पंजाब सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री सेहत योजना राज्य में डिजिटल और पारदर्शी स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। ई-हेल्थ कार्ड और कैशलेस इलाज की सुविधा से मरीजों को समय पर उपचार मिल रहा है और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान हो रही है।