दिल्ली NEET छात्रा आत्महत्या मामले पर सौरभ भारद्वाज ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने परीक्षा दबाव और व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। पूरा मामला जांच में है।
दिल्ली में NEET की तैयारी कर रही एक छात्रा की कथित आत्महत्या के मामले ने राजनीतिक और सामाजिक बहस को जन्म दे दिया है। इस घटना पर दिल्ली सरकार में मंत्री और आम आदमी पार्टी नेता सौरभ भारद्वाज ने प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने कहा कि यह घटना केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं है, बल्कि देश में प्रतियोगी परीक्षाओं के बढ़ते दबाव और व्यवस्था से जुड़ी गंभीर समस्या को भी दर्शाती है। उनके अनुसार, छात्रों पर लगातार बढ़ता मानसिक दबाव चिंता का विषय है।
अंतिम प्रयास में था भारी दबाव, परिवार ने जताई चिंता
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, छात्रा पिछले वर्ष NEET परीक्षा में केवल 4 अंकों से चयन से चूक गई थीं। इस वर्ष वह अपना अंतिम प्रयास कर रही थीं और लगातार तनाव में थीं। परिवार के अनुसार, परीक्षा की तैयारी और भविष्य को लेकर चिंता ने उनकी मानसिक स्थिति को प्रभावित किया।
Delhi Girl who had could not qualify NEET last year by 4 marks, hanged herself to death.
This was her last attempt for NEET and was depressed that NEET paper had leaked even this year. pic.twitter.com/nFsknzKsCv
— Saurabh Bharadwaj (@Saurabh_MLAgk) May 16, 2026
परीक्षा प्रणाली और मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल
सौरभ भारद्वाज के बयान के बाद एक बार फिर परीक्षा प्रणाली, प्रतियोगी दबाव और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर बहस तेज हो गई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि छात्रों के लिए बेहतर काउंसलिंग और सपोर्ट सिस्टम की जरूरत है।
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पुलिस जांच जारी
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है। अधिकारियों ने अभी तक किसी निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की है।
बढ़ते परीक्षा दबाव पर चर्चा
यह घटना देश में NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के दबाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसिक स्वास्थ्य सहायता और जागरूकता को शिक्षा प्रणाली का हिस्सा बनाना जरूरी है।