Sunday, May 10, 2026

हरपाल सिंह चीमा: मान सरकार ने पंजाब की वित्तीय स्थिति मजबूत की, GST और पूंजीगत व्यय में रिकॉर्ड वृद्धि

by Versha
हरपाल सिंह चीमा: मान सरकार ने पंजाब की वित्तीय स्थिति मजबूत की, GST और पूंजीगत व्यय में रिकॉर्ड वृद्धि

हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि मान सरकार ने पंजाब की वित्तीय स्थिति को मजबूत किया। 46 महीनों में GST राजस्व और पूंजीगत व्यय में रिकॉर्ड वृद्धि, पुराने ऋण चुकाए और GSDP बढ़ाया।

पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि मान सरकार ने पूर्व की अकाली-बिजेपी और कांग्रेस सरकारों के बकाया भुगतानों को समय पर निपटाया है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के 2016 से 2021 तक के ‘फ्रोजन’ बकाया 14,191 करोड़ रुपये का भुगतान शुरू किया गया। इसके अलावा, विभिन्न सरकारी संस्थाओं जैसे PUNSUP और मंडी बोर्डों के ऋण 2,566 करोड़ रुपये चुकाए गए और कांग्रेस सरकार के दौरान लंबित केंद्रीय योजनाओं के बकाया 1,750 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। इन कदमों से पंजाब की वित्तीय स्थिति लगातार मजबूत हुई है।

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पूंजीगत व्यय में उल्लेखनीय वृद्धि

हरपाल सिंह चीमा ने मान सरकार और पारंपरिक सरकारों के पूंजीगत व्यय की तुलना की। अकाली-बिजेपी सरकार (2012-2017) ने 14,641 करोड़ रुपये का निवेश किया, जबकि कांग्रेस सरकार (2017-2022) ने 19,356 करोड़ रुपये का व्यय किया। इसके विपरीत, आम आदमी पार्टी की मान सरकार (मार्च 2022 – जनवरी 2026) ने 31,630 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय कर वित्तीय विकास में बड़ी वृद्धि दिखाई।

राजस्व और GSDP में सुधार

मंत्री ने बताया कि मान सरकार के कार्यकाल में पंजाब के GST राजस्व में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। कांग्रेस सरकार के पांच वर्ष में कुल राजस्व 61,286 करोड़ रुपये था, जबकि मान सरकार ने केवल 46 महीनों में 83,739 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह किया। इसके साथ ही, पंजाब का GSDP वृद्धि दर 2.66% से बढ़कर 3.11% हो गया है।

टैक्स और ऋण प्रबंधन में सुधार

हरपाल सिंह चीमा ने वित्तीय प्रबंधन में सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। मान सरकार ने चार वर्षों में 37,975 करोड़ रुपये का संग्रह किया, खुदरा उत्पाद शुल्क में 11,500 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा और स्टांप व रजिस्ट्रेशन से 19,515 करोड़ रुपये प्राप्त किए। पिछली सरकारों के ऋण का 35% मूल राशि और 50% ब्याज चुका दिया गया। ऋण का 85% केवल पुराने ऋणों के पुनर्गठन में इस्तेमाल किया गया। परिणामस्वरूप, Debt-to-GSDP अनुपात घटकर 44.47% हुआ और पंजाब की GSDP वृद्धि दर 7.15% तक बढ़ी।

हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मान सरकार ने वित्तीय पारदर्शिता और स्थिरता के माध्यम से पंजाब की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की है और आगे भी यह प्रवृत्ति जारी रहेगी।

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