Monday, May 11, 2026

ज्येष्ठ माह 2026: इस बार 30 नहीं बल्कि लगभग 60 दिन का होगा महीना, जानें शुरुआत से लेकर व्रत-त्योहार और नियम

by Neha
ज्येष्ठ माह 2026: इस बार 30 नहीं बल्कि लगभग 60 दिन का होगा महीना, जानें शुरुआत से लेकर व्रत-त्योहार और नियम

ज्येष्ठ माह 2026 इस बार अधिकमास के कारण करीब 60 दिन का रहेगा। जानें इसकी शुरुआत, धार्मिक महत्व, नियम और प्रमुख व्रत-त्योहारों की पूरी जानकारी।

ज्येष्ठ माह 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में ज्येष्ठ माह सामान्य से लंबा रहने वाला है। इस बार यह महीना करीब दो महीने तक चलेगा क्योंकि इसमें अधिकमास का संयोग बन रहा है। ज्येष्ठ माह 2 मई 2026 से शुरू होकर 29 जून 2026 तक रहेगा।

अधिकमास के कारण बढ़ी अवधि

पंचांग के अनुसार सामान्य रूप से हर हिंदू महीना लगभग 30 दिनों का होता है, लेकिन इस वर्ष ज्येष्ठ माह के साथ अधिकमास जुड़ने से इसकी अवधि बढ़कर करीब 59 दिन हो जाएगी। इस दौरान एक अतिरिक्त ज्येष्ठ माह भी शामिल रहेगा, जिससे यह विशेष और लंबा माना जा रहा है।

धार्मिक दृष्टि से खास महत्व

ज्येष्ठ माह को हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। मान्यता है कि इसी महीने शनि देव का जन्म हुआ था और भगवान श्रीराम की भेंट हनुमान जी से हुई थी। इसके अलावा सूर्य देव और वरुण देव की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। इस माह में किए गए दान, जप और व्रत का फल कई गुना अधिक प्राप्त होता है।

स्कंद पुराण में उल्लेख है कि ज्येष्ठ माह में जल दान करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं। वहीं पद्म पुराण में इस महीने के स्नान को पापों का नाश करने वाला बताया गया है।

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ज्येष्ठ माह के नियम और परंपराएं

इस महीने में एक समय भोजन करना, सुबह सूर्योदय से पहले स्नान करना और सूर्य देव को जल अर्पित करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा पेड़-पौधों को पानी देना, पक्षियों की सेवा करना और जल दान करना भी पुण्यकारी माना गया है।

मान्यता के अनुसार इस महीने दिन में सोने से बचना चाहिए और शरीर को संयम में रखना चाहिए। साथ ही सादा और हल्का भोजन करने की सलाह दी जाती है क्योंकि गर्मी के कारण शरीर में वात और गर्मी बढ़ जाती है।

क्या न करें ज्येष्ठ माह में

ज्येष्ठ माह में जल की बर्बादी को अशुभ माना गया है। भारी और मसालेदार भोजन से परहेज करने की सलाह दी जाती है। बैंगन, लहसुन और राई जैसे कुछ खाद्य पदार्थों का सेवन भी वर्जित माना जाता है। इसके अलावा मांसाहार और मदिरा से दूर रहने की परंपरा है।

प्रमुख व्रत और त्योहार

इस बार ज्येष्ठ माह में कई महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार भी पड़ रहे हैं, जिनमें बुद्ध पूर्णिमा, वट सावित्री व्रत, गंगा दशहरा, निर्जला एकादशी, शनि जयंती, बड़ा मंगल और मासिक शिवरात्रि जैसे पर्व शामिल हैं।

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