ऋषिकेश के सच्चा अखिलेश्वर मंदिर में शिवलिंग पर जल चढ़ाना मना है। जानें मरकरी शिवलिंग और इस अनोखे शिव मंदिर की खास मान्यता।
भगवान शिव की पूजा में जलाभिषेक का विशेष महत्व माना जाता है। सनातन परंपरा में शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और फूल अर्पित कर महादेव को प्रसन्न करने की मान्यता है। लेकिन देश में एक ऐसा भी शिव मंदिर है, जहां शिवलिंग पर जल चढ़ाना पूरी तरह वर्जित माना जाता है। यह अनोखा मंदिर उत्तराखंड के ऋषिकेश में स्थित श्री सच्चा अखिलेश्वर मंदिर है।
देवभूमि उत्तराखंड के ऋषिकेश में लक्ष्मण झूला क्षेत्र में स्थित यह मंदिर अपनी अनोखी पूजा पद्धति और धार्मिक मान्यताओं के कारण श्रद्धालुओं के बीच काफी प्रसिद्ध है। यहां स्थापित शिवलिंग साधारण नहीं बल्कि मरकरी (पारा) शिवलिंग है, जिसकी पूजा विशेष विधि से की जाती है।
नागा साधुओं ने की थी मरकरी शिवलिंग की स्थापना
मान्यता के अनुसार, श्री सच्चा अखिलेश्वर मंदिर में स्थापित मरकरी शिवलिंग की स्थापना नागा साधुओं द्वारा की गई थी। कहा जाता है कि वर्षों पहले लोक कल्याण की भावना से यहां विशेष शिवलिंग स्थापित किया गया था।
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, बाबा 1009 भगत जी महाराज ने यहां 11.5 फीट के शिवलिंग के पास मरकरी शिवलिंग की स्थापना करवाई थी। बताया जाता है कि नागा साधुओं ने अपनी साधना और तपोबल से मरकरी को ठोस रूप दिया और इसके बाद शिवलिंग की स्थापना की गई।
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क्यों नहीं चढ़ाया जाता शिवलिंग पर जल?
सामान्य तौर पर भगवान शिव को जल अर्पित करना शुभ माना जाता है, लेकिन इस मंदिर की परंपरा अलग है। यहां मरकरी शिवलिंग की विशेष संरचना और धार्मिक मान्यता के कारण जल चढ़ाने की अनुमति नहीं दी जाती।
श्रद्धालु यहां भगवान शिव को जल की जगह फूल अर्पित करते हैं। मंदिर में शिवलिंग पर चांदी का लेप भी किया जाता है और विशेष विधि से पूजा-अर्चना की जाती है।
15 दिन में होती है विशेष महापूजा
श्री सच्चा अखिलेश्वर मंदिर में रोजाना भगवान शिव की पूजा की जाती है, लेकिन हर 15 दिन में एक बार विशेष महापूजा का आयोजन होता है। इस दौरान शिवलिंग को फूलों और मिठाइयों से सजाकर पूजा की जाती है।
इस विशेष पूजा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं और भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करते हैं।
लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं दर्शन के लिए
ऋषिकेश का यह शिव मंदिर अपनी अनोखी परंपराओं और आध्यात्मिक महत्व के कारण देशभर में प्रसिद्ध है। हर साल बड़ी संख्या में भक्त यहां पहुंचते हैं और मरकरी शिवलिंग के दर्शन करते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस मंदिर में श्रद्धा और विश्वास के साथ पूजा करने से मनोकामनाएं पूर्ण होने की बात कही जाती है। हालांकि, मंदिर से जुड़ी कई बातें धार्मिक आस्था और स्थानीय मान्यताओं पर आधारित हैं।