Saturday, August 15, 2026

जम्मू-कश्मीर सुरक्षा: गृहमंत्री अमित शाह ने बुलाई उच्चस्तरीय बैठक, आतंकवाद और व्हाइट कॉलर टेरर पर होगी चर्चा

by Neha
जम्मू-कश्मीर सुरक्षा: गृहमंत्री अमित शाह ने बुलाई उच्चस्तरीय बैठक, आतंकवाद और व्हाइट कॉलर टेरर पर होगी चर्चा

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 8 जनवरी को जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा समीक्षा बैठक बुलाई, आतंकवाद, व्हाइट कॉलर टेरर और क्षेत्रीय शांति पर होगी चर्चा।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 8 जनवरी को नई दिल्ली में जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक करेंगे। इस बैठक में आतंकवाद-रोधी रणनीतियों, पड़ोसी देशों की साजिशों और व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल को विफल करने के उपायों पर चर्चा होगी।

बैठक में शामिल अधिकारी और एजेंसियां

सूत्रों के अनुसार, बैठक में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, पुलिस खुफिया विंग प्रमुख, केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी, एनआईए, सीएसयूबी और सीआरपीएफ के प्रमुख समेत संबंधित केंद्रीय अधिकारियों की भागीदारी होगी।

गृहमंत्री नियमित रूप से जम्मू-कश्मीर के सुरक्षा हालात की समीक्षा करते हैं और लगभग हर तीन महीने में ऐसी बैठकें आयोजित की जाती हैं। इन बैठकों में आतंकवाद-रोधी अभियानों की प्रगति, सुरक्षा तैयारियों और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के उपायों का मूल्यांकन किया जाता है।

बैठक के प्रमुख एजेंडे

  1. आतंकवाद-रोधी अभियान और रणनीति:

    • जम्मू-कश्मीर में चल रहे आतंकवाद-रोधी अभियानों की समीक्षा।

    • आतंकियों के वित्तीय तंत्र को समाप्त करना।

    • इंटरनेट मीडिया पर सक्रिय जिहादी तत्वों पर निगरानी।

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  1. व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल और पड़ोसी साजिशें:

    • पड़ोसी देश की खुफिया एजेंसियों द्वारा आतंकवाद को बढ़ावा देने की कोशिशों को रोकना।

    • आतंकियों की भर्ती और नार्को टेरर गतिविधियों पर रोक।

  2. सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसियों का समन्वय:

    • क्षेत्र में स्थिरता और शांति बनाए रखने के लिए एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना।

बैठक का महत्व

वर्ष 2026 में यह गृहमंत्री की जम्मू-कश्मीर सुरक्षा समीक्षा की पहली बैठक है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी बैठकों से न केवल आतंकवाद को रोकने में मदद मिलती है, बल्कि जम्मू-कश्मीर में स्थायी शांति और विकास के लिए रणनीति तय करने में भी सहायता मिलती है।

केंद्रीय गृहमंत्री की यह बैठक जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी अभियानों और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए अहम कदम साबित होगी।

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