Tuesday, July 21, 2026

योगिनी एकादशी 2026: योगिनी एकादशी पर करें लड्डू गोपाल का ‘मोहिनी श्रृंगार’, जानें संपूर्ण विधि, भोग और पूजा के नियम

by Neha
योगिनी एकादशी 2026: योगिनी एकादशी पर करें लड्डू गोपाल का 'मोहिनी श्रृंगार', जानें संपूर्ण विधि, भोग और पूजा के नियम

योगिनी एकादशी 2026 पर लड्डू गोपाल का मोहिनी श्रृंगार कैसे करें? जानें अभिषेक की विधि, पूजा के नियम, भोग, तुलसी दल अर्पण और आरती की संपूर्ण जानकारी।

योगिनी एकादशी 2026: योगिनी एकादशी भगवान विष्णु और उनके श्रीकृष्ण स्वरूप की आराधना के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। इस दिन व्रत, पूजा और भक्ति के साथ लड्डू गोपाल का विशेष ‘मोहिनी श्रृंगार’ करने की परंपरा भी है। मान्यता है कि श्रद्धा और प्रेम से किया गया यह श्रृंगार भगवान श्रीकृष्ण की विशेष कृपा प्राप्त कराने वाला होता है।

यदि आपके घर में लड्डू गोपाल विराजमान हैं, तो योगिनी एकादशी के दिन उनका विशेष श्रृंगार और पूजन करना शुभ माना जाता है।

दिव्य स्नान से करें पूजा की शुरुआत

मोहिनी श्रृंगार करने से पहले लड्डू गोपाल का विधिपूर्वक अभिषेक करें। सबसे पहले भगवान को गंगाजल से स्नान कराएं। इसके बाद पंचामृत – दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से अभिषेक करें। अंत में स्वच्छ जल से स्नान कराकर मुलायम और साफ कपड़े से उन्हें धीरे-धीरे पोंछ लें।

ऐसे करें लड्डू गोपाल का मोहिनी श्रृंगार

‘मोहिनी श्रृंगार’ का अर्थ है ऐसा अलौकिक रूप जो मन को आकर्षित कर ले।

  • भगवान को सुनहरे, पीले या चमकीले रंग के सुंदर वस्त्र पहनाएं।
  • मोर मुकुट, कंगन, हार, चोकर, कमरबंद, जनेऊ, पायल और अन्य आभूषणों से श्रृंगार करें।
  • माथे पर सुंदर तिलक लगाएं और भौहों को आकर्षक ढंग से सजाएं।
  • चाहें तो नथ और सिर पर चांदनी (मुकुट सजावट) भी लगा सकते हैं।
  • मोगरे के फूलों की माला पहनाना भी शुभ माना जाता है।
  • अंत में भगवान को बुरी नजर से बचाने के लिए काला नजर टीका अवश्य लगाएं।

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तुलसी दल और सात्विक भोग अवश्य अर्पित करें

भगवान श्रीकृष्ण की पूजा तुलसी दल के बिना अधूरी मानी जाती है। इसलिए श्रृंगार पूर्ण होने के बाद तुलसी दल अर्पित करें। भोग में आप माखन-मिश्री, पंचामृत, खीर, पेड़ा, मौसमी फल या घर का बना सात्विक भोजन अर्पित कर सकते हैं।

आरती और मंत्र जाप से करें पूजा पूर्ण

श्रृंगार और भोग के बाद घी का दीपक जलाकर भगवान श्रीकृष्ण और भगवान विष्णु की आरती करें। पूजा के दौरान विष्णु मंत्र, श्रीकृष्ण मंत्र या “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करना शुभ माना जाता है।

इन बातों का रखें विशेष ध्यान

  • पूजा स्थल और भगवान के वस्त्र पूरी तरह स्वच्छ रखें।
  • पूजा के दौरान मन में श्रद्धा, प्रेम और सकारात्मक भाव रखें।
  • सात्विक भोजन का सेवन करें और क्रोध, विवाद व नकारात्मक विचारों से दूर रहें।
  • श्रृंगार दिखावे के लिए नहीं, बल्कि भक्ति और समर्पण की भावना से करें।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार योगिनी एकादशी पर श्रद्धापूर्वक लड्डू गोपाल का मोहिनी श्रृंगार और विधि-विधान से पूजा करने से भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त होती है तथा घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास बना रहता है।

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