रक्षाबंधन 2026: 28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन है। एक दिन पहले पंचक दिखाई देता है। ऐसे में राखी या कुरियर करने में कोई समस्या नहीं होगी। नियमों को देखें।
रक्षाबंधन 2026: रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026 शुक्रवार को मनाया जाएगा। रक्षाबंधन के दिन भी पंचक रहेगा। ऐसे में प्रश्न उठता है कि क्या पंचक में राखी खरीदना या भाई के लिए कुरियर करना अशुभ माना जाता है, क्या पंचक के कारण राखी बांधने पर भी प्रतिबंध लगाया जाएगा? धार्मिक नियम जान लें.
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कब रहेगा अगस्त 2026 में पंचक?
अगस्त का पंचक, पंचांग के अनुसार, गुरुवार, 27 अगस्त 2026 को दोपहर लगभग 1:36 बजे शुरू होगा और मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को सुबह लगभग 3:25 बजे समाप्त होगा। पंचक, जो रक्षाबंधन से एक दिन पहले शुरू होता है, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्रों से बना है।
पंचक में राखी खरीद सकते हैं या नहीं ?
शास्त्रों में राखी को निषेध नहीं माना गया है, लेकिन पंचक लकड़ी, लोहा, पलंग या चारपाई तथा कुछ विशेष वस्तुओं को खरीदने और बनाने से बचने की सलाह दी जाती है।
क्या राखी पंचक में कुरियर कर सकते है?
जब कई बहने अपने भाई को राखी नहीं बांध सकतीं, तो वे कुरियर या दूसरे व्यक्ति को राखी भेज देती हैं। राखी से एक दिन पहले पंचक लग रहा है। ऐसे में कई लोगों को शक है कि राखी कुरियर करना सही होगा या नहीं। शास्त्रों के अनुसार पंचक में दक्षिण दिशा की यात्रा करना, लकड़ी या घास इकट्ठा करना, पलंग या चारपाई बनाना, घर की छत या लेंटर का काम करना नहीं चाहिए। शास्त्र में राखी खरीदने या भेजने को पंचक दोष वाला कार्य नहीं मानना उचित नहीं है। इसलिए अगर राखी को समय पर पहुंचाने के लिए पंचक में कुरियर करना पड़े तो इसे बुरा नहीं मानना चाहिए और इसे रोकना नहीं चाहिए।
क्या पंचक में राखी बांधी जा सकती?
रक्षाबंधन में भद्रा का महत्व पंचक से अधिक है। 2026 में पूर्णिमा 27 अगस्त सुबह 9:08 बजे शुरू होकर 28 अगस्त सुबह 9:48 बजे समाप्त होगी, और भद्रा 27 अगस्त की रात तक चलेगी। राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह 5:57 से 9:48 बजे तक है।