Turmeric Purity Test: हल्दी असली है या नकली? जानें घर बैठे आसान पानी और हथेली टेस्ट से हल्दी की शुद्धता कैसे जांचें और मिलावटी हल्दी से होने वाले नुकसान।
Turmeric Purity Test: हल्दी भारतीय रसोई का एक अहम हिस्सा है, जिसका उपयोग स्वाद, रंग और सेहत तीनों के लिए किया जाता है। आयुर्वेद में भी इसे औषधीय गुणों के लिए महत्वपूर्ण माना गया है। लेकिन आज के समय में बाजार में मिलने वाली हल्दी हमेशा शुद्ध हो, यह जरूरी नहीं है।
हल्दी में कैसे होती है मिलावट?
बाजार में हल्दी को चमकदार पीला रंग देने और उसकी क्वालिटी सुधारने के लिए कई बार हानिकारक केमिकल मिलाए जाते हैं। इनमें मेटानिल येलो और लेड क्रोमेट जैसे कृत्रिम रंग शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा कुछ मामलों में चॉक पाउडर या खराब क्वालिटी के कच्चे पदार्थ भी मिलाए जाते हैं, जो सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं।
वॉटर टेस्ट से करें हल्दी की शुद्धता की जांच
हल्दी की शुद्धता जांचने का सबसे आसान तरीका वॉटर टेस्ट माना जाता है। इसके लिए एक गिलास गुनगुने पानी में एक चम्मच हल्दी डालें और कुछ देर छोड़ दें। अगर हल्दी नीचे बैठ जाती है और पानी हल्का पीला रहता है, तो यह शुद्ध मानी जाती है। लेकिन अगर हल्दी पानी में घुलने लगे और पानी का रंग गहरा पीला हो जाए, तो यह मिलावट का संकेत हो सकता है।
also read: Bluetooth Earbuds Cancer Risk: ब्लूटूथ ईयरबड्स से ब्रेन…
हथेली टेस्ट से भी लग सकता है पता
हल्दी की शुद्धता जांचने के लिए हथेली टेस्ट भी आसान तरीका है। एक चुटकी हल्दी हथेली पर रखकर 10 से 20 सेकंड तक रगड़ें। असली हल्दी हल्का पीला दाग छोड़ती है, जबकि मिलावटी हल्दी का रंग जल्दी फीका पड़ सकता है या अलग तरह का निशान छोड़ सकता है।
केमिकल मिलावट का खतरा और नुकसान
कुछ मामलों में हल्दी में मेटानिल येलो जैसे केमिकल की मिलावट की जांच के लिए हाइड्रोक्लोरिक एसिड का उपयोग किया जाता है। अगर रंग गुलाबी हो जाए तो यह मिलावट का संकेत हो सकता है। ऐसे केमिकल से फूड पॉइजनिंग, पेट दर्द, मतली और पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
हल्दी खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान
हल्दी खरीदते समय हमेशा भरोसेमंद ब्रांड और पैकेज्ड प्रोडक्ट को प्राथमिकता देनी चाहिए। खुली हल्दी खरीदने से बचना बेहतर होता है। साथ ही समय-समय पर घर में इसकी शुद्धता की जांच करना भी जरूरी है, ताकि सेहत पर कोई नकारात्मक असर न पड़े।