Saturday, September 19, 2026

हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी कब होती है? डॉक्टर ने बताया कि किन महिलाओं को एक्स्ट्रा मॉनिटरिंग की जरूरत होती है?

by editor
हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी कब होती है? डॉक्टर ने बताया कि किन महिलाओं को एक्स्ट्रा मॉनिटरिंग की जरूरत होती है?

हर प्रेग्नेंसी अलग होती है। कुछ महिलाओं में उम्र या पूर्ववर्ती स्वास्थ्य समस्याएं प्रेग्नेंसी को हाई-रिस्क बताती हैं। ऐसे में जानें किन महिलाओं को प्रेग्नेंसी में एक्स्ट्रा मॉनिटरिंग की जरूरत हो सकती है।

आजकल कई महिलाएँ प्रेग्नेंसी के दौरान “हाई-रिस्क” शब्द सुनकर घबरा जाती हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि कोई गंभीर समस्या आने वाली है। गोरखपुर के रीजेंसी हॉस्पिटल में प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सौम्या ने बताया कि इसका सीधा अर्थ है कि माँ या बच्चे की सेहत पर सामान्य से अधिक सावधानी और नियमित जाँच की जरूरत होती है, ताकि किसी भी समस्या का समय रहते पता लगाया जा सके और उचित इलाज या डिलीवरी की योजना बनाई जा सके।

कब प्रेग्नेंसी हाई रिस्क होती है?

इसका कारण उम्र हो सकती है या पहले से मौजूद कुछ स्वास्थ्य समस्याओं जैसे हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या ऑटोइम्यून बीमारियाँ हो सकती हैं, लेकिन सिर्फ उम्र के आधार पर प्रेग्नेंसी खतरनाक नहीं माना जाता।

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ट्विन्स प्रेग्नेंसी में भी अधिक मॉनिटरिंग जरूरी है

ट्रिम्स या इससे अधिक बेबी की प्रेग्नेंसी में मां और शिशु दोनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। ऐसी प्रेग्नेंसी में बेबी की ग्रोथ, प्लेसेंटा, ब्लड फ्लो और मां का ब्लड प्रेशर नियमित रूप से देखे जाते हैं। इसलिए मल्टीपल प्रेग्नेंसी को अक्सर अधिक मॉनिटरिंग की आवश्यकता होती है। महिला शुरुआत में पूरी तरह स्वस्थ होती है, लेकिन प्रेग्नेंसी के दौरान उसे डायबिटीज, उच्च रक्तचाप या प्री-एक्लेम्पसिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

 एक्स्ट्रा मॉनिटरिंग कैसे होती है?

हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी में जांच की संख्या और समय प्रत्येक महिला की स्थिति पर निर्भर करता है। इसमें नियमित ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर की जांच, ब्लड टेस्ट, अल्ट्रासाउंड और जरूरत पड़ने पर बच्चे की हार्टबीट और ग्रोथ की मॉनिटरिंग शामिल हो सकती है।

हाई-रिस्क सुनकर डरने की जरूरत नहीं है

हाई-रिस्क शब्द को डर की तरह नहीं समझना चाहिए; इसे अधिक सावधानी के संकेत के रूप में समझना चाहिए। प्रेग्नेंसी को समय पर जांच करना, डॉक्टर की सलाह का पालन करना, बिना सलाह के दवाओं को न छोड़ना और ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर की समस्याओं को नियंत्रित रखना सबसे महत्वपूर्ण है। डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए अगर आप किसी भी असामान्य लक्षण को देखते हैं, जैसे तेज सिरदर्द, धुंधला दिखना, अचानक अधिक सूजन, ब्लीडिंग, पेट में तेज दर्द या बच्चे की मूवमेंट कम होती हैं। सही समय पर पहचान और निरंतर मॉनिटरिंग से कई जटिलताओं को नियंत्रित किया जा सकता है।

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