Friday, July 24, 2026

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नर्सिंग कर्मियों को सराहा, 15 को मिला फ्लोरेंस नाइटिंगेल राष्ट्रीय पुरस्कार 2026

by Neha
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नर्सिंग कर्मियों को सराहा, 15 को मिला फ्लोरेंस नाइटिंगेल राष्ट्रीय पुरस्कार 2026

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नर्सिंग कर्मियों की उत्कृष्ट सेवा को सराहते हुए 2026 के राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार प्रदान किए। 15 नर्सिंग पेशेवरों को स्वास्थ्य सेवा में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

नई दिल्ली में आयोजित एक सम्मान समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देशभर के नर्सिंग कर्मियों की सेवाओं की खुलकर प्रशंसा की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नर्सिंग पेशेवर स्वास्थ्य सेवा के सबसे उच्च मानकों का उदाहरण प्रस्तुत करते हैं और कठिन परिस्थितियों में भी मरीजों की सेवा में निरंतर समर्पित रहते हैं।

15 नर्सिंग पेशेवरों को मिला राष्ट्रीय सम्मान

इस समारोह में वर्ष 2026 के लिए कुल 15 नर्सिंग पेशेवरों को राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में उत्कृष्ट योगदान और समर्पण के लिए दिया जाता है।

इनमें देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के नर्सिंग कर्मी शामिल थे, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

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स्वास्थ्य मंत्री की उपस्थिति में हुआ समारोह

यह पुरस्कार समारोह राष्ट्रपति भवन में आयोजित किया गया, जिसमें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री J. P. Nadda भी उपस्थित रहे। समारोह के दौरान सभी सम्मानित नर्सिंग कर्मियों को पदक, प्रमाण पत्र और नकद पुरस्कार प्रदान किया गया।

राष्ट्रपति मुर्मू का संदेश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा कि नर्सिंग कर्मी केवल एक पेशेवर नहीं बल्कि मानव सेवा का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि ये स्वास्थ्यकर्मी सहानुभूति, करुणा और उच्चतम पेशेवर मानकों के साथ देश की सेवा कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि यह पुरस्कार समारोह नर्सों और स्वास्थ्य कर्मियों के योगदान को सम्मान देने का एक महत्वपूर्ण अवसर है, जो दिन-रात मरीजों की सेवा में लगे रहते हैं।

देशभर से चुने गए प्रतिभाशाली नर्सिंग कर्मी

इस वर्ष जिन 15 नर्सिंग पेशेवरों को सम्मान मिला, वे लद्दाख, महाराष्ट्र, मिजोरम, सिक्किम, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, गोवा, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप जैसे क्षेत्रों से चुने गए थे।

इनमें सहायक नर्स मिडवाइफ (ANM) और स्टाफ नर्स शामिल थीं, जिन्होंने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में योगदान दिया है।

नर्सिंग क्षेत्र में सरकार की पहल

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने बताया कि नर्सिंग क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। इसमें नर्सिंग शिक्षा का विस्तार, नए नर्सिंग कॉलेजों की स्थापना और राष्ट्रीय नर्सिंग आयोग जैसे सुधार शामिल हैं।

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