आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शारदीय नवरात्रि का पर्व शुरू होता है। इस दिन मां दुर्गा अपने अनुयायियों को आशीर्वाद देने आती हैं। आइए जानें कि यह पर्व कब से शुरू होगा, सभी तिथियां कब होंगी और कलश स्थापना का शुभ मुहुर्त क्या होगा।
शारदीय नवरात्रि हिंदू धर्म में सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र त्योहारों में से एक है। यह पर्व आश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होकर नवमी तिथि तक चलता है। इसमें मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की उपासना की जाती है, जिन्हें नवदुर्गा कहा जाता है। यह पर्व प्रतिपदा तिथि को कलश स्थापना से शुरू होता है। बहुत से लोग पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ नौ दिनों का उपवास भी करते हैं। माना जाता है कि मां दुर्गा का आगमन सकारात्मकता और रोग-दोष को दूर करता है। आइए जानें शारदीय नवरात्रि इस साल कब से शुरू हो रहे हैं।
शारदीय नवरात्रि 2026 में कब होगी?
नवरात्र की शुरुआत और घटस्थापना: 11 अक्टूबर 2026, रविवार को
कलश स्थापना के लिए शुभ समय: सुबह 06:19 से 10:12
अभिजीत समय: सुबह 11:45 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक
दुर्गा अष्टमी और महानवमी दोनों: 19 अक्टूबर 2026 सोमवार
विजयादशमी, या दशहरा: मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026
मां दुर्गा का आगमन और महत्व
शास्त्रों के अनुसार, इस वर्ष रविवार को नवरात्रि शुरू हो रही है, और मां दुर्गा का आगमन हाथी पर हो रहा है, जो बहुत शुभ है क्योंकि यह अच्छी वर्षा और समृद्धि का प्रतीक है।
शारदीय नवरात्रि 2026 के दिन और तिथियां
11 अक्टूबर को मां शैलपुत्री
12 अक्टूबर को मां ब्रह्मचारिणी
13 अक्टूबर को मां चंद्रघंटा
14 अक्टूबर को मां कूष्मांडा
15 अक्टूबर को मां स्कंदमाता
16 अक्टूबर को मां कात्यायनी
17 अक्टूबर को मां कालरात्रि
18 अक्टूबर को मां महागौरी
19 अक्टूबर को मां सिद्धिदात्री
संक्षिप्त पूजन प्रक्रिया
प्रातः स्नान के बाद, संकल्प लेकर ईशान कोण में कलश या घट रखें, जौ बोएं और अखंड ज्योति जलाएं।
हर दिन दुर्गा सप्तशती पढ़ें, मंत्र जाप करें और आरती करें।
9 कन्याओं और एक बटुक (भैरव रूप) को भोजन कराकर अष्टमी या नवमी तिथि के दिन आशीर्वाद प्राप्त करें।