Tuesday, September 1, 2026

गणेश चतुर्थी 2026: दिल्ली-मुंबई में अलग होगा गणपति स्थापना का समय, जानें सही मुहूर्त

by Neha
गणेश चतुर्थी 2026: दिल्ली-मुंबई में अलग होगा गणपति स्थापना का समय, जानें सही मुहूर्त

गणेश चतुर्थी 2026: 14 सितंबर को गणपति स्थापना होगी। जानें दिल्ली-मुंबई में बप्पा स्थापना का शुभ मुहूर्त, चंद्र दर्शन का समय और गणेश विसर्जन की तारीख।

गणेश चतुर्थी 2026: गणेश चतुर्थी का त्योहार इस साल 14 सितंबर 2026, सोमवार को मनाया जाएगा। भगवान गणेश की स्थापना के लिए देशभर में तारीख एक होगी, लेकिन पूजा और स्थापना का शुभ समय शहर के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है। दिल्ली और मुंबई में भी गणपति स्थापना के मुहूर्त में करीब 18 मिनट का अंतर रहेगा।

पंचांग के अनुसार, दिल्ली में गणपति स्थापना का शुभ समय सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक रहेगा। वहीं मुंबई में बप्पा की स्थापना सुबह 11:20 बजे से दोपहर 1:48 बजे तक की जा सकेगी।

ऐसे में गणेश चतुर्थी पर पूजा की तैयारी करने वाले भक्तों के लिए अपने शहर के अनुसार मुहूर्त जानना जरूरी है। इंटरनेट पर उपलब्ध किसी सामान्य मुहूर्त को अपने शहर के लिए सीधे लागू करना सही नहीं माना जाता।

गणेश चतुर्थी 2026 कब मनाई जाएगी?

इस साल गणेश चतुर्थी 14 सितंबर 2026, सोमवार को मनाई जाएगी। हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 14 सितंबर को सुबह 7:06 बजे शुरू होगी और 15 सितंबर को सुबह 7:44 बजे समाप्त होगी।

चतुर्थी तिथि अगले दिन तक रहने के बावजूद गणपति स्थापना 14 सितंबर को ही की जाएगी। इसकी वजह यह है कि गणेश चतुर्थी की पूजा के लिए मध्याह्न काल में रहने वाली चतुर्थी तिथि को विशेष महत्व दिया जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान गणेश का प्राकट्य मध्याह्न काल में हुआ था। इसलिए इसी अवधि में गणपति स्थापना और मुख्य पूजा करना शुभ माना जाता है।

गणेश चतुर्थी 2026 की महत्वपूर्ण तारीखें

  • गणेश चतुर्थी: 14 सितंबर 2026, सोमवार
  • चतुर्थी तिथि शुरू: 14 सितंबर, सुबह 7:06 बजे
  • चतुर्थी तिथि समाप्त: 15 सितंबर, सुबह 7:44 बजे
  • मुख्य गणेश विसर्जन: 25 सितंबर 2026, अनंत चतुर्दशी

दिल्ली में गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त

दिल्ली में गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करने और पूजा करने के लिए सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक का समय शुभ रहेगा।

इस दौरान भक्त गणपति की प्रतिमा स्थापित कर संकल्प, प्राण प्रतिष्ठा और विधि-विधान से पूजा कर सकते हैं। कुल मिलाकर पूजा के लिए लगभग 2 घंटे 29 मिनट का समय उपलब्ध रहेगा।

अगर आप घर पर गणपति स्थापना करने जा रहे हैं तो पूजा की सभी तैयारियां मुहूर्त से पहले पूरी कर लेना बेहतर रहेगा। चौकी, पूजा सामग्री, कलश और अन्य सामान पहले से तैयार रखें, ताकि शुभ समय शुरू होते ही स्थापना की प्रक्रिया शुरू की जा सके।

दिल्ली में गणपति स्थापना मुहूर्त: सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक।

मुंबई में कितने बजे विराजेंगे बप्पा?

मुंबई में गणपति स्थापना का शुभ समय दिल्ली की तुलना में 18 मिनट बाद शुरू होगा। यहां भक्त सुबह 11:20 बजे से दोपहर 1:48 बजे तक गणपति की स्थापना और पूजा कर सकेंगे।

मुंबई में गणेशोत्सव बड़े स्तर पर मनाया जाता है और घरों के अलावा सार्वजनिक गणेश मंडलों में भी बप्पा की स्थापना की जाती है। प्रतिमा को शुभ समय से पहले मंडप या घर में लाया जा सकता है, लेकिन विधिवत स्थापना और मुख्य पूजा निर्धारित मुहूर्त में करना शुभ माना जाता है। मुंबई में गणपति स्थापना मुहूर्त: सुबह 11:20 बजे से दोपहर 1:48 बजे तक।

दिल्ली और मुंबई में पूजा के समय में अंतर क्यों?

दिल्ली और मुंबई दोनों जगह भारतीय मानक समय यानी IST लागू होता है। इसके बावजूद दोनों शहरों में सूर्योदय और सूर्यास्त का समय अलग रहता है। हिंदू पंचांग में कई धार्मिक मुहूर्त स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर निर्धारित किए जाते हैं।

गणेश पूजा के लिए मध्याह्न काल को विशेष महत्व दिया जाता है। यही कारण है कि दिल्ली और मुंबई के गणपति स्थापना मुहूर्त में अंतर दिखाई देता है। इसलिए गणेश चतुर्थी पर पूजा करने से पहले अपने शहर के हिसाब से पंचांग में दिया गया मुहूर्त देखना बेहतर होता है।

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गणपति स्थापना और पूजा कैसे करें?

गणपति स्थापना से पहले पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करें। इसके बाद चौकी पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाकर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें। पूजा के दौरान गणपति का ध्यान करके संकल्प लें। इसके बाद भगवान गणेश को सिंदूर, अक्षत, फूल, दूर्वा, फल और मोदक अर्पित करें। कलश स्थापना के बाद विधि के अनुसार पूजा और आरती करें।

घर में गणपति स्थापित करने वाले श्रद्धालु मिट्टी से बनी प्रतिमा को प्राथमिकता दे सकते हैं। ऐसी प्रतिमा का घरेलू विसर्जन करना अपेक्षाकृत आसान होता है और पर्यावरण पर भी कम प्रभाव पड़ता है।

गणेश चतुर्थी 2026 पर कब न देखें चंद्रमा?

गणेश चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन को लेकर विशेष धार्मिक मान्यता है। मान्यता के अनुसार इस दिन चंद्रमा को देखने से मिथ्या कलंक या झूठे आरोप का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए इस दिन चंद्र दर्शन से बचने की परंपरा है।

आपके दिए गए पंचांग विवरण के अनुसार:

दिल्ली: 14 सितंबर को सुबह 9:06 बजे से रात 8:04 बजे तक चंद्र दर्शन से बचने की सलाह दी गई है।
मुंबई: सुबह 9:10 बजे से रात 8:37 बजे तक चंद्र दर्शन से बचने की सलाह दी गई है।

अगर गलती से चंद्रमा दिखाई दे जाए तो धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान गणेश का स्मरण किया जाता है। साथ ही स्यमंतक मणि से जुड़ी कथा का पाठ या श्रवण करने की परंपरा भी बताई जाती है।

गणेश विसर्जन 2026 कब होगा?

गणेशोत्सव के दौरान भक्त अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार अलग-अलग दिनों में गणपति विसर्जन कर सकते हैं। दस दिवसीय गणेशोत्सव का प्रमुख विसर्जन 25 सितंबर 2026 को अनंत चतुर्दशी के दिन किया जाएगा। दिए गए पंचांग के अनुसार अनंत चतुर्दशी तिथि 24 सितंबर को रात 11:18 बजे शुरू होगी और 25 सितंबर को रात 11:06 बजे समाप्त होगी।

विभिन्न परंपराओं के अनुसार विसर्जन की प्रमुख तिथियां इस प्रकार हैं:

  • डेढ़ दिन का विसर्जन: 15 सितंबर 2026
  • तीसरे दिन का विसर्जन: 16 सितंबर 2026
  • पांचवें दिन का विसर्जन: 18 सितंबर 2026
  • सातवें दिन का विसर्जन: 20 सितंबर 2026
  • अनंत चतुर्दशी का मुख्य विसर्जन: 25 सितंबर 2026

गणेश चतुर्थी पर मुहूर्त नोट करना क्यों जरूरी?

गणेश चतुर्थी पर केवल त्योहार की तारीख जानना पर्याप्त नहीं है। गणपति स्थापना के लिए शुभ समय स्थान के अनुसार बदल सकता है। दिल्ली और मुंबई के उदाहरण में ही स्थापना मुहूर्त में 18 मिनट का अंतर देखने को मिल रहा है।

इसलिए बप्पा की स्थापना से पहले अपने शहर का स्थानीय पंचांग और सही पूजा मुहूर्त जरूर जांचें। इससे पूजा निर्धारित शुभ समय में करने में आसानी होगी।

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