Saturday, September 5, 2026

जन्माष्टमी पर कर्मचारियों को भगवंत मान सरकार का तोहफा, 85 हजार कर्मियों का DA 60% करने की तैयारी

by Neha
जन्माष्टमी पर कर्मचारियों को भगवंत मान सरकार का तोहफा, 85 हजार कर्मियों का DA 60% करने की तैयारी

भगवंत मान सरकार 17 जुलाई 2020 के बाद भर्ती 85 हजार कर्मचारियों का DA 42% से बढ़ाकर 60% करने की तैयारी में है। जानें किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ।

पंजाब की भगवंत मान सरकार ने जन्माष्टमी के मौके पर राज्य के कर्मचारियों के लिए बड़ा ऐलान किया है। सरकार 17 जुलाई 2020 के बाद भर्ती किए गए करीब 85,000 कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (DA) 42 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने की तैयारी में है। इस बदलाव के बाद संबंधित कर्मचारियों का डीए केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर हो जाएगा।

सरकार के मुताबिक यह फैसला उन कर्मचारियों के लिए प्रस्तावित है, जिनका वेतन केंद्र सरकार के 7वें वेतन आयोग (7th CPC) के अनुरूप निर्धारित किया गया है और बाद में अदालत के किसी आदेश के कारण उनके वेतन ढांचे में बदलाव नहीं हुआ है।

85 हजार कर्मचारियों को मिलेगा संभावित लाभ

प्रस्तावित डीए बढ़ोतरी का फायदा 2020 के बाद भर्ती हुए लगभग 85,000 कर्मचारियों को मिलने की उम्मीद है। इस सूची में अलग-अलग विभागों के कर्मचारी शामिल हैं।

इनमें करीब 20,603 शिक्षक, 11,685 कांस्टेबल, 5,144 क्लर्क, 2,355 नर्स, 2,267 चपरासी, 1,467 मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर, 1,248 मेडिकल ऑफिसर, 1,214 पटवारी और 1,129 जूनियर इंजीनियर शामिल हैं।

कैबिनेट सब-कमेटी ने की DA बढ़ाने की सिफारिश

महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का प्रस्ताव तीन सदस्यीय कैबिनेट सब-कमेटी ने रखा है। इस समिति में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अमन अरोड़ा और सामाजिक सुरक्षा मंत्री डॉ. बलजीत कौर शामिल हैं।

समिति ने 17 जुलाई 2020 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए डीए को 42 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने की सिफारिश की है। अब प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के समक्ष भेजा जाएगा।

2020 के बाद भर्ती कर्मचारियों के लिए क्यों जरूरी हुआ फैसला?

पंजाब सरकार के मुताबिक दिसंबर 2020 में 17 जुलाई 2020 के बाद होने वाली नई भर्तियों और नियुक्तियों के लिए वेतनमान को केंद्र सरकार के 7वें वेतन आयोग के पैटर्न के अनुरूप करने का निर्णय लिया गया था।

इस बदलाव के बाद कर्मचारियों की दो प्रमुख श्रेणियां बन गईं। एक तरफ पुराने कर्मचारी पंजाब के अपेक्षाकृत अधिक मूल वेतनमान के तहत काम कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर 2020 के बाद नियुक्त कर्मचारियों का शुरुआती वेतन केंद्रीय 7वें वेतन आयोग के ढांचे से जुड़ा है।

सरकार का कहना है कि इस नई श्रेणी के कर्मचारियों को अब तक सिर्फ 42 प्रतिशत डीए मिल रहा था। ऐसे में उनके वेतन ढांचे में मौजूद अंतर को कम करने के लिए डीए बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है।

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अमन अरोड़ा बोले- कर्मचारियों के हितों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता

पंजाब भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री और आप पंजाब अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने प्रस्तावित फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कर्मचारी बेहतर प्रशासन की बुनियाद हैं और सरकार उनके अधिकारों और सम्मान को प्राथमिकता देती है।

अमन अरोड़ा के मुताबिक 2020 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को केंद्रीय वेतन पैटर्न तो दिया गया, लेकिन उन्हें पंजाब में सिर्फ 42 प्रतिशत डीए मिल रहा था। उनका कहना है कि इस अंतर को लंबे समय तक बनाए रखना उचित नहीं था।

उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब के कई कैडरों में कर्मचारियों का वेतन केंद्र सरकार के समान पदों पर कार्यरत कर्मचारियों की तुलना में पहले से 30 से 70 प्रतिशत तक अधिक है। हालांकि, 2020 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को पुराने पंजाब वेतन ढांचे वाला उच्च प्रवेश वेतन नहीं मिलता, इसलिए उनके मामले में कम डीए की भरपाई अधिक मूल वेतन से नहीं हो पाती।

सरकार ने कर्मचारियों के वेतन में समानता का दिया तर्क

सरकार का कहना है कि पंजाब के कर्मचारियों को उनके केंद्रीय समकक्षों की तुलना में वेतन के मामले में नुकसान नहीं होना चाहिए। इसी उद्देश्य से 2020 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के डीए में प्रस्तावित बढ़ोतरी को महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।

अमन अरोड़ा ने कहा कि राज्य सरकार ने हाल के वर्षों में बड़ी संख्या में युवाओं को सरकारी रोजगार दिया है और नए कर्मचारियों के हितों की रक्षा करना सरकार की प्राथमिकता है।

हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी उठा है मामला

2020 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के डीए को लेकर पंजाब सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखा था। इसके बाद राज्य की ओर से सुप्रीम कोर्ट में भी विशेष अनुमति याचिका दायर की गई।

सरकार की ओर से इस मुद्दे पर पहले भी अपना रुख सार्वजनिक किया जा चुका है। अब कैबिनेट सब-कमेटी की सिफारिश के बाद प्रस्ताव मुख्यमंत्री की अंतिम मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

किन कर्मचारियों को मिलेगा फायदा?

यदि प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिलती है, तो 17 जुलाई 2020 के बाद भर्ती किए गए और निर्धारित शर्तों को पूरा करने वाले लगभग 85,000 कर्मचारियों को 60 प्रतिशत डीए का लाभ मिल सकता है।

इनमें मुख्य रूप से: शिक्षक, पुलिस कांस्टेबल, क्लर्क, नर्स, स्वास्थ्य कर्मचारी, मेडिकल ऑफिसर, पटवारी, जूनियर इंजीनियर, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शामिल हैं।सरकार के इस प्रस्ताव से 2020 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों और पुराने वेतन ढांचे के बीच डीए को लेकर मौजूद अंतर कम होने की उम्मीद है।

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