Tuesday, May 12, 2026

भारत में पहली बार Census प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जाएगी, जिसमें लोग स्वयं ऑनलाइन फॉर्म भर सकेंगे।

भारत सरकार 2027 में देश की 16वीं Census कराने जा रही है, जो पहली बार डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए आयोजित की जाएगी।

by editor
भारत में पहली बार Census प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जाएगी, जिसमें लोग स्वयं ऑनलाइन फॉर्म भर सकेंगे।

भारत सरकार 2027 में देश की 16वीं Census कराने जा रही है, जो पहली बार डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए आयोजित की जाएगी।

भारत सरकार 2027 में देश की 16वीं Census आयोजित करने जा रही है, जो पहली बार पूरी तरह डिजिटल माध्यम से होगी। इसका मतलब है कि नागरिक खुद अपना जनगणना फॉर्म ऑनलाइन भर सकेंगे। इसके लिए एक विशेष वेब पोर्टल लॉन्च किया जाएगा, जो जनगणना के दोनों चरणों—हाउस लिस्टिंग व हाउसिंग सेंसस और जनसंख्या गणना—के लिए कार्य करेगा। लोग अपने एंड्रॉइड या आईफोन मोबाइल के जरिए एप्लिकेशन का उपयोग कर जानकारी दर्ज करेंगे, जिसे गणनाकर्ता बाद में इकट्ठा करेंगे।

यह 16वीं और आज़ादी के बाद 8वीं जनगणना होगी

इस Census के लिए 16 जून को अधिसूचना जारी की गई थी। जनगणना को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए तीन स्तर की ट्रेनिंग दी जाएगी—नेशनल ट्रेनर, मास्टर ट्रेनर और फील्ड ट्रेनर। लगभग 34 लाख गणनाकर्ताओं और सुपरवाइजर्स को फील्ड ट्रेनर द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा।

पहली बार नागरिक खुद भरेंगे फॉर्म

डिजिटल जनगणना के तहत नागरिकों को पहली बार यह अवसर मिलेगा कि वे वेब पोर्टल के जरिए खुद अपनी जानकारी दर्ज कर सकें। यह सुविधा दोनों चरणों के लिए उपलब्ध होगी। टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से डाटा को सीधे इलेक्ट्रॉनिक रूप से केंद्रीय सर्वर तक भेजा जाएगा, जिससे रिपोर्ट जल्दी तैयार हो सकेगी।

डाटा की सुरक्षा का विशेष ध्यान

ऑनलाइन प्रक्रिया में डाटा सिक्योरिटी के लिए सख्त नियम लागू होंगे ताकि किसी तरह की जानकारी लीक न हो। डाटा को कलेक्ट करने से लेकर ट्रांसमिशन और स्टोरेज तक हर चरण में सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

कब होगी जनगणना?

  • हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस: 1 अप्रैल 2026 से

  • जनसंख्या गणना (फेज 2): 1 फरवरी 2027 से

  • मुख्य गणना प्रक्रिया की संभावित तारीख: 1 मार्च 2027

  • दुर्गम व ठंडे क्षेत्रों (जैसे लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड) में: 1 अक्टूबर 2026 से

इस बार जातिगत आंकड़ों को भी शामिल किया जाएगा, जिससे सरकार को ज्यादा सटीक जनसांख्यिकीय जानकारी मिल सकेगी। यह कदम डिजिटल भारत की दिशा में एक बड़ी पहल माना जा रहा है।

You may also like

एल्विश यादव को 10 करोड़ की धमकी, साथ ही मिली जान से मारने की धमकी रीवा अरोड़ा के घर हंगामा, पुलिस तक पहुंचा मामला – गलत व्यवहार… बेटे की कब्र पर रो पड़ीं एक्ट्रेस, एक्स-हसबैंड पर लगाए गंभीर आरोप कैंसर से लड़ रही दीपिका, क्या बंद होगा YouTube चैनल? शोएब ने बताई पूरी सच्चाई सोने की साड़ी, मां की जूलरी वाला डायमंड ब्लाउज और मैंगो स्कल्पचर के साथ छाईं ईशा अंबानी