पंजाब श्रम दिवस 2026: तरुनप्रीत सिंह सौंध ने विधानसभा में मजदूरों के लिए वेतन वृद्धि का प्रस्ताव रखा, मान सरकार ने 69 साल बाद विशेष सत्र आयोजित कर श्रमिकों को सम्मान दिया।
श्रम दिवस के अवसर पर पंजाब सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित किया। इस सत्र को पूरी तरह से श्रमिकों और मजदूरों को समर्पित किया गया, जिसमें उनकी समस्याओं, अधिकारों और सम्मान पर चर्चा की गई।
कैबिनेट मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंध ने इस विशेष सत्र में संबोधन देते हुए कहा कि यह एक ऐतिहासिक अवसर है, क्योंकि 69 वर्षों में पहली बार किसी सरकार ने श्रम दिवस पर विशेष सत्र बुलाया है। इस दौरान उन्होंने शिकागो आंदोलन के शहीद मजदूरों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਅੱਜ ਮਜ਼ਦੂਰ ਦਿਹਾੜੇ ‘ਤੇ ਮਜ਼ਦੂਰਾਂ ਤੇ ਕਿਰਤੀਆਂ ਦੇ ਸਤਿਕਾਰ ਅਤੇ ਸ਼ਿਕਾਗੋ ਦੇ ਅੰਦੋਲਨ ਦੇ ਮਜ਼ਦੂਰ ਸ਼ਹੀਦਾਂ ਨੂੰ ਸਮਰਪਿਤ ਇਹ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਸੈਸ਼ਨ ਸੱਦਿਆ ਗਿਆ ਹੈ। ਇਹ ਇਤਿਹਾਸਿਕ ਦਿਨ 69 ਸਾਲਾਂ ਬਾਅਦ ਆਇਆ ਹੈ ਕਿ ਕਿਸੇ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਮਜ਼ਦੂਰ ਦਿਹਾੜੇ ਮੌਕੇ ਸੈਸ਼ਨ ਬੁਲਾਇਆ ਹੋਵੇ।
– @TarunpreetSond
ਕੈਬਿਨੇਟ ਮੰਤਰੀ,… pic.twitter.com/zuzHjHwt59— AAP Punjab (@AAPPunjab) May 1, 2026
मजदूरों के लिए वेतन बढ़ाने का प्रस्ताव
तरुनप्रीत सिंह सौंध ने अपने भाषण में श्री गुरु नानक देव जी द्वारा दिए गए “किरत करो” के सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा कि मेहनत और ईमानदारी ही जीवन का आधार है। उन्होंने विधानसभा में मजदूरों के न्यूनतम वेतन बढ़ाने का प्रस्ताव भी पेश किया, ताकि श्रमिक वर्ग को बेहतर आर्थिक सुरक्षा और सम्मान मिल सके।
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मजदूरों के सम्मान में बड़ा कदम
पंजाब की मान सरकार ने इस विशेष सत्र के जरिए यह संदेश दिया कि मजदूरों का योगदान समाज की रीढ़ है। सरकार ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में श्रमिकों के हित में कई बड़े फैसले लिए जाएंगे।
पिछली सरकारों पर टिप्पणी
सत्र में यह भी कहा गया कि वर्ष 2012 के बाद से अकाली दल और कांग्रेस सरकारों ने न्यूनतम वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं की, जिससे मजदूरों की लंबे समय से चली आ रही मांगें अनदेखी रहीं।