हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि ताइवान ने मार्केट कैपिटलाइजेशन में भारत को पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी, बढ़ते कर्ज और आर्थिक सुस्ती को लेकर गंभीर चिंता जताई।
पंजाब के वित्त मंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता हरपाल सिंह चीमा ने भारत की आर्थिक स्थिति को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि ताइवान ने अब मार्केट कैपिटलाइजेशन के मामले में भारत को पीछे छोड़ दिया है, जबकि उसकी आबादी भारत की तुलना में बहुत कम है।
कम आबादी वाला ताइवान बना आर्थिक रूप से मजबूत
चीमा के अनुसार, लगभग 2.5 करोड़ की आबादी वाला ताइवान अब भारत के कुल बाजार मूल्यांकन से आगे निकल गया है। वहीं, 130 करोड़ की आबादी वाला भारत वैश्विक आर्थिक रैंकिंग में अपेक्षाकृत पिछड़ता नजर आ रहा है।
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भारत की जीडीपी रैंकिंग में गिरावट का दावा
उन्होंने कहा कि भारत, जो पहले दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था माना जाता था, अब जीडीपी के मामले में छठे स्थान पर पहुंच गया है। यह स्थिति आर्थिक सुस्ती और वैश्विक निवेशकों के भरोसे में कमी को दर्शाती है।
सरकार पर आर्थिक मुद्दों की अनदेखी का आरोप
चीमा ने आरोप लगाया कि सरकार महंगाई, बढ़ते कर्ज, धीमी आर्थिक वृद्धि और बेरोजगारी जैसे गंभीर मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय सिर्फ प्रचार और नैरेटिव पर अधिक ध्यान दे रही है।
Taiwan’s market capitalisation has now crossed that of India. A country of barely 2.5 crore people has overtaken a nation of 130 crore people. India, once the world’s 4th largest economy by GDP size, has now slipped to 6th position.
But instead of answering tough questions on…
— Adv Harpal Singh Cheema (@HarpalCheemaMLA) May 26, 2026
आम जनता पर बढ़ रहा आर्थिक दबाव
उन्होंने कहा कि इन नीतियों का सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ रहा है, जो लगातार बढ़ती महंगाई, रोजगार की कमी और घटती क्रय शक्ति जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
पारदर्शी और जन-केंद्रित नीतियों की जरूरत
हरपाल सिंह चीमा ने जोर देकर कहा कि देश को पारदर्शी शासन, मजबूत आर्थिक योजना और जनहितैषी नीतियों की जरूरत है, ताकि निवेशकों का भरोसा दोबारा बहाल हो सके और आर्थिक विकास को स्थिर किया जा सके।