कैबिनेट मंत्री बलबीर सिंह ने चंडीगढ़ में स्वास्थ्य विभाग की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में डी-एडिक्शन सेंटरों की समीक्षा, दवा उपलब्धता और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर चर्चा की गई।
कैबिनेट मंत्री बलबीर सिंह ने आज चंडीगढ़ स्थित स्वास्थ्य निदेशालय कार्यालय में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में राज्य भर के डी-एडिक्शन और पुनर्वास केंद्रों के प्रदर्शन और स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई।
डी-एडिक्शन और पुनर्वास केंद्रों की समीक्षा
बैठक में राज्य के विभिन्न डी-एडिक्शन और पुनर्वास केंद्रों के कामकाज की समीक्षा की गई। इस दौरान प्रमुख सचिव और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ निदेशक भी मौजूद रहे। चर्चा का मुख्य उद्देश्य इन केंद्रों की कार्यप्रणाली, मरीजों की देखभाल और सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करना था।
केमिस्ट एसोसिएशन के साथ दवाओं की उपलब्धता पर चर्चा
बैठक का एक महत्वपूर्ण मुद्दा राज्य में आवश्यक दवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करना रहा। इस संबंध में केमिस्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ भी बातचीत की गई, ताकि दवा आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत किया जा सके और किसी भी प्रकार की कमी से बचा जा सके।
ਕੈਬਿਨੇਟ ਮੰਤਰੀ @AAPbalbir ਨੇ ਡਾਇਰੈਕਟਰ ਹੈਲਥ ਦਫ਼ਤਰ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਵਿਖੇ ਪ੍ਰਿੰਸੀਪਲ ਸੈਕਟਰੀ ਅਤੇ ਸਿਹਤ ਵਿਭਾਗ ਦੇ ਡਾਇਰੈਕਟਰਾਂ ਨਾਲ ਨਸ਼ਾ ਛੁਡਾਊ ਅਤੇ ਮੁੜ ਵਸੇਬਾ ਕੇਂਦਰਾਂ ਦੀ ਕਾਰਗੁਜ਼ਾਰੀ ਬਾਰੇ ਅਤੇ ਕੈਮਿਸਟ ਐਸੋਸੀਏਸ਼ਨ ਦੇ ਮੈਂਬਰਾਂ ਨਾਲ਼ ਸੂਬੇ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਦਵਾਈਆਂ ਦੀ ਉਪਲੱਭਤਾ ਯਕੀਨ ਬਣਾਉਣ ਬਾਰੇ ਚਰਚਾ ਲਈ ਮੀਟਿੰਗ ਕੀਤੀ। ਇਸ… pic.twitter.com/uMRzuzi6sq
— AAP Punjab (@AAPPunjab) May 22, 2026
DITSU की वार्षिक रिपोर्ट की समीक्षा और डिजिटल स्वास्थ्य पर जोर
मंत्री बलबीर सिंह ने इस दौरान DITSU की वार्षिक रिपोर्ट की भी समीक्षा की और स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल तकनीक के विस्तार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल सिस्टम से पारदर्शिता, निगरानी और सेवाओं की दक्षता में सुधार होगा।
सरकार का आधुनिक स्वास्थ्य प्रणाली पर फोकस
अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने और नशा मुक्ति केंद्रों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। पंजाब सरकार का लक्ष्य एक आधुनिक और मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य प्रणाली विकसित करना है।