भारत में विदेशी निवेश और FDI को लेकर चिंता बढ़ी है। निवेशक विश्वास में गिरावट और नीति अनिश्चितता पर हरपाल सिंह चीमा ने सवाल उठाए हैं।
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भारत में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) की स्थिति को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि देश में निवेशकों का भरोसा लगातार कमजोर होता दिखाई दे रहा है।
हरपाल सिंह चीमा के अनुसार, भारत पहले वैश्विक स्तर पर विदेशी निवेश के प्रमुख आकर्षणों में शामिल था, लेकिन अब इसकी स्थिति में गिरावट दर्ज की गई है।
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निवेश माहौल पर उठे सवाल
उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 में भारत वैश्विक FDI भरोसा सूचकांक में शीर्ष 10 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल था, लेकिन वर्तमान में इसकी स्थिति पहले जैसी मजबूत नहीं रही है। उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न मंचों पर किए गए कई एमओयू (MoUs) अभी तक जमीनी स्तर पर निवेश में तब्दील नहीं हो पाए हैं।
India was once among the world’s top destinations for foreign investment. In 2016, India ranked among the Top-10 economies for global FDI confidence. Today, India is not even in the Top-15.
Investors are losing confidence. MoUs remain on paper, the investment climate has… pic.twitter.com/GjH49cqVlx
— Adv Harpal Singh Cheema (@HarpalCheemaMLA) May 28, 2026
नीति अनिश्चितता और आर्थिक चुनौतियां
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि देश में बढ़ती नीति अनिश्चितता और कमजोर निवेश माहौल के कारण विदेशी निवेशक अन्य विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि व्यापार समझौतों में भी भारत की स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर दिखाई देती है, जिससे देश की आर्थिक साख पर असर पड़ रहा है।
आर्थिक सुधारों की आवश्यकता
उन्होंने जोर देकर कहा कि देश में स्थिर, स्पष्ट और निवेशक-अनुकूल नीतियों की आवश्यकता है। उनके अनुसार, केवल घोषणाओं से नहीं बल्कि वास्तविक आर्थिक सुधारों से ही निवेशकों का विश्वास बहाल किया जा सकता है।
