Sunday, August 23, 2026

केरल में निपाह वायरस का नया मामला: कोझिकोड में 45 वर्षीय मरीज संक्रमित, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर

by Neha
केरल में निपाह वायरस का नया मामला: कोझिकोड में 45 वर्षीय मरीज संक्रमित, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर

केरल के कोझिकोड में निपाह वायरस का मामला मिला। 45 वर्षीय मरीज संक्रमित, 77 संपर्कों की निगरानी जारी। जानें इसके लक्षण, फैलाव और खतरा।

केरल में एक बार फिर निपाह वायरस (Nipah Virus) का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। कोझिकोड में 45 वर्षीय व्यक्ति की जांच रिपोर्ट में निपाह वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है। इसके बाद प्रशासन ने तुरंत कंटेनमेंट और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

फिलहाल संक्रमित मरीज का इलाज कोझिकोड मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार मरीज की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और आवश्यक सभी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।

77 लोगों के संपर्क में आया संक्रमित मरीज

स्वास्थ्य विभाग की शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि संक्रमित व्यक्ति कुल 77 लोगों के संपर्क में आया था। अच्छी बात यह है कि अब तक इनमें से किसी में भी निपाह वायरस के लक्षण नहीं पाए गए हैं।

इन संपर्कों में शामिल हैं:

  • 14 परिवार के सदस्य
  • 5 दोस्त और सहकर्मी
  • 58 स्वास्थ्यकर्मी

इनमें से 15 लोगों को “हाई-रिस्क” श्रेणी में रखा गया है और उनकी विशेष निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी संभावित संक्रमण को शुरुआती चरण में ही रोका जा सके।

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निपाह वायरस क्या है?

निपाह वायरस एक ज़ूनोटिक वायरस है, यानी यह जानवरों से इंसानों में फैलता है। इसका मुख्य स्रोत फल खाने वाले चमगादड़ (Fruit Bats) माने जाते हैं, जिन्हें प्राकृतिक रूप से इस वायरस का वाहक माना जाता है।

इस वायरस की पहचान सबसे पहले वर्ष 1999 में मलेशिया और सिंगापुर में हुई थी। इसके बाद समय-समय पर भारत, बांग्लादेश और दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ देशों में इसके प्रकोप के मामले सामने आते रहे हैं।

निपाह वायरस कैसे फैलता है?

यह वायरस कई तरीकों से इंसानों में फैल सकता है। संक्रमण के प्रमुख स्रोत इस प्रकार हैं:

  • संक्रमित चमगादड़ों की लार, मूत्र या मल से दूषित फल का सेवन
  • ऐसे कच्चे खजूर के रस का सेवन, जो चमगादड़ों के संपर्क में आया हो
  • संक्रमित जानवरों, खासकर सूअरों के संपर्क में आना
  • संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थ जैसे लार, खून या अन्य स्राव के संपर्क में आना

विशेषज्ञों के अनुसार, निपाह संक्रमित मरीजों की देखभाल करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों और परिजनों में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है, इसलिए उचित सुरक्षा बेहद जरूरी है।

निपाह वायरस के लक्षण

निपाह वायरस के संक्रमण के लक्षण आमतौर पर 4 से 14 दिनों के भीतर दिखाई देने लगते हैं। शुरुआती चरण में इसके लक्षण सामान्य वायरल बुखार जैसे हो सकते हैं।

मुख्य लक्षणों में शामिल हैं:

  • तेज बुखार
  • सिरदर्द
  • मांसपेशियों में दर्द
  • कमजोरी और थकान
  • खांसी और गले में खराश
  • सांस लेने में दिक्कत

गंभीर मामलों में यह वायरस मस्तिष्क तक पहुंच सकता है और इंसेफेलाइटिस (ब्रेन इंफ्लेमेशन) का कारण बन सकता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है।

कितना खतरनाक है निपाह वायरस?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, निपाह वायरस से संक्रमित मरीजों में मृत्यु दर लगभग 40% से 75% तक हो सकती है। यह इसे बेहद घातक वायरसों में शामिल करता है।

इसी वजह से इसके मामलों में तेजी से ट्रेसिंग, आइसोलेशन और निगरानी की जाती है ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

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