Friday, July 24, 2026

हरियाणा सरकार ने गणमान्य व्यक्तियों को गार्ड-ऑफ-ऑनर देने के लिए जारी किए नए विस्तृत दिशा-निर्देश

by Neha
हरियाणा सरकार ने गणमान्य व्यक्तियों को गार्ड-ऑफ-ऑनर देने के लिए जारी किए नए विस्तृत दिशा-निर्देश

हरियाणा सरकार ने गणमान्य व्यक्तियों को गार्ड-ऑफ-ऑनर देने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए। अधिसूचना में पात्र व्यक्तियों और संरचना से जुड़े नियम स्पष्ट किए गए।

हरियाणा सरकार ने प्रदेश में गणमान्य व्यक्तियों को दिए जाने वाले गार्ड-ऑफ-ऑनर से संबंधित नई अधिसूचना जारी की है। इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य राज्यभर में प्रोटोकॉल से जुड़ी प्रक्रियाओं में एकरूपता, अनुशासन और स्पष्टता सुनिश्चित करना है ताकि सभी विभाग, जिला प्रशासन और पुलिस एक समान मानकों का पालन कर सकें।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, गार्ड-ऑफ-ऑनर देने के पात्र व्यक्तियों को दो श्रेणियों में बांटा गया है।

पहली श्रेणी : केंद्र सरकार के प्रोटोकॉल के अंतर्गत आने वाले गणमान्य व्यक्ति

इस श्रेणी में वे सभी उच्च पदस्थ व्यक्ति शामिल हैं जिन्हें भारत सरकार के प्रोटोकॉल अनुसार गार्ड-ऑफ-ऑनर दिया जाता है – राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री, उप-मंत्री, विदेशी एवं कॉमनवेल्थ देशों के राजनयिक मिशनों के प्रमुख, कॉमनवेल्थ देशों के राष्ट्राध्यक्ष/गवर्नर-जनरल, विदेशी प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री। इन सभी के लिए गार्ड-ऑफ-ऑनर, केंद्र सरकार द्वारा समय–समय पर जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप दिया जाएगा।

दूसरी श्रेणी : हरियाणा के गणमान्य व्यक्ति

विशेष परिस्थितियों में गार्ड-ऑफ-ऑनर पाने वाले राज्य स्तरीय व्यक्तियों में शामिल हैं – हरियाणा के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, कैबिनेट मंत्री, विधानसभा उपाध्यक्ष, राज्य मंत्री, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, मुख्य सचिव, गृह व राजस्व विभागों के प्रशासनिक सचिव, पुलिस महानिदेशक, मंडल आयुक्त, एडीजीपी रेंज, आईजी, पुलिस आयुक्त, जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक।

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गार्ड-ऑफ-ऑनर की संख्या और संरचना स्पष्ट

अधिसूचना के अनुसार, हर गणमान्य व्यक्ति के लिए अवसर के अनुसार गार्ड-ऑफ-ऑनर की संरचना को स्पष्ट रूप से निर्धारित किया गया है।

उदाहरण:
हरियाणा के राज्यपाल को –

  • कार्यभार ग्रहण/त्याग करने,

  • विधानसभा अभिभाषण

  • तथा विशेष अवसरों पर

1 राजपत्रित अधिकारी, 2 अराजपत्रित अधिकारी, 4 हेड कांस्टेबल, 100 कांस्टेबल और पूर्ण बैंड के साथ गार्ड-ऑफ-ऑनर मिलेगा।

सामान्य आधिकारिक दौरे के दौरान – 1 अराजपत्रित अधिकारी, 2 हेड कांस्टेबल, 10 कांस्टेबल और 1 बग्लर की व्यवस्था होगी।

इसी तरह की संरचना मुख्यमंत्री, मुख्य न्यायाधीश, विधानसभा अध्यक्ष और मंत्रियों के लिए भी निर्धारित है।

जिला प्रशासन के लिए विशेष प्रावधान

जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक को केवल कार्यभार ग्रहण या छोड़ते समय ही गार्ड-ऑफ-ऑनर दिया जाएगा।
संरचना: 1 हेड कांस्टेबल, 4 कांस्टेबल और एक बग्लर

मानक संचालन प्रक्रियाएँ DGP द्वारा जारी की जाएँगी

सरकार ने बताया कि गार्ड-ऑफ-ऑनर की संरचना, ड्रेस कोड, सेरेमोनियल ड्रिल और प्रोटोकॉल से संबंधित विस्तृत SOPs को गृह विभाग की मंजूरी के बाद डीजीपी द्वारा अलग से जारी किया जाएगा। किसी भी प्रकार की छूट के लिए संबंधित विभागों को सामान्य प्रशासन विभाग (प्रोटोकॉल शाखा) से पूर्व अनुमति लेनी होगी।

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