गोपाल इटालिया: विश्वगुरु और डबल इंजन सरकार के बड़े दावे करने वाली भाजपा सरकार शिक्षा की बुनियादी सुविधाएं देने में विफल रही।
गांधीनगर में विधानसभा सत्र के अंतिम दिन आम आदमी पार्टी के विसावदर के विधायक गोपाल इटालिया ने मीडिया से बातचीत में राज्य में प्राथमिक शिक्षा की बिगड़ती जा रही प्रशासनिक स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने विधानसभा में प्रस्तुत किए गए सवालों के जवाबों का हवाला देते हुए खुलासा किया था कि, अमरेली और जूनागढ़ जैसे महत्वपूर्ण जिलों में तालुका प्राथमिक शिक्षा अधिकारी (TPEO) के कुल स्वीकृत २० पदों में से लगभग १४ पद लंबे समय से खाली पड़े हैं, जिसमें अमरेली जिले के ९ में से ७ और जूनागढ़ के पद शामिल हैं। सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा भेसाण तालुका से सामने आया है, जहां स्वयं शिक्षा मंत्री के जवाब के अनुसार वर्ष २०१३ से तालुका प्राथमिक शिक्षा अधिकारी का पद खाली पड़ा है। पूरे तालुका के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और पूरे शैक्षणिक इंफ्रास्ट्रक्चर की देखरेख तथा सुपरविजन की मुख्य जिम्मेदारी TPEO की होती है, लेकिन वर्षों से इस अधिकारी के बिना ही प्रशासन चलाया जा रहा होने के कारण प्राथमिक शिक्षा की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
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सत्तारूढ़ दल पर कटाक्ष करते हुए गोपाल इटालिया ने बताया कि, एक ओर देश को विश्वगुरु बनाने, डबल इंजन सरकार के दावे करने और बड़े आईटी पार्क या डेटा सेंटर बनाने की बातें की जाती हैं, लेकिन दूसरी ओर स्कूलों का बुनियादी प्रशासन संभालने के लिए अधिकारियों की नियुक्ति करने की क्षमता भी सरकार के पास नहीं है। उन्होंने भाजपा के विधायकों को आड़े हाथों लेते हुए चुनौती दी थी कि, अगर डबल इंजन सरकार में वास्तव में काम हो रहा है तो तत्काल अपने ही जिलों और तालुकाओं में खाली पड़े TPEO के पदों को भरवाकर दिखाएं। शिक्षा क्षेत्र में चल रही इस गंभीर लापरवाही को देश और बच्चों के भविष्य के लिए बेहद खतरनाक बताते हुए उन्होंने गुजरात के सभी शिक्षकों, अभिभावकों और शिक्षा-प्रेमी नागरिकों से जागरूक होने की अपील की थी, ताकि प्राथमिक शिक्षा को बर्बाद होने से रोका जा सके और सरकार अपनी जिम्मेदारी समझे।