Saturday, September 12, 2026

सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने दिल्ली का बड़ा एक्शन: 41 स्थानों पर बुलडोजर चला; 61 संपत्ति सील

by editor
सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने दिल्ली का बड़ा एक्शन: 41 स्थानों पर बुलडोजर चला; 61 संपत्ति सील

सत्य निकेतन हादसे के बाद, MCD ने दिल्ली में अवैध और पुरानी इमारतों के खिलाफ अभियान को तेज कर दिया है। गुरुवार को 41 स्थानों पर ध्वस्तीकरण और 61 घरों की सीलिंग हुई।

दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए हादसे के बाद MCD ने अवैध निर्माण, जर्जर इमारतों और बिल्डिंग नियमों के उल्लंघन के खिलाफ अभियान को तेज कर दिया है। राजधानी के सभी बारह क्षेत्रों में नगर निगम की टीमें लगातार जांच और कार्रवाई कर रही हैं। घर-घर जाकर अधिकारी इमारतों की हालत देखते हैं और कोई कमी होने पर नोटिस, सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करते हैं। गुरुवार को 41 स्थानों पर ध्वस्तीकरण किया गया और 61 घरों को सील किया गया। इसके अलावा, तीस दो संपत्तियों को कारण बताओ नोटिस और तीन ध्वस्तीकरण आदेश जारी किए गए।

गांधी विहार: 65 इमारतें खतरनाक घोषित

सत्य निकेतन हादसे के बाद नॉर्थ दिल्ली के गांधी विहार में भी जर्जर और झुकी हुई इमारतों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया गया है। गांधी विहार के एफ-ब्लॉक की 65 इमारतों को MCD की जांच में खतरनाक घोषित किया गया है। क्षेत्र में कई घर एक तरफ झुक चुके हैं। बहुत सी इमारतों के बीच केवल पांच से दो फीट का गैप रह गया है। स्थानीय लोग इससे डर रहे हैं। सुरक्षित होने के कारण प्रशासन ने ऐसी खतरनाक इमारतों को खाली करने का आदेश दिया है।

ईस्ट, वेस्ट और सेंट्रल क्षेत्रों में भी कार्रवाई

MCD ने ईस्ट, वेस्ट और सेंट्रल क्षेत्रों में अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। ईस्ट ज़ोन में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई हुई, जिसमें खुरेजी खास, जगतपुरी और लक्ष्मी नगर शामिल हैं। वेस्ट जोन में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई मादीपुर, सुभाष नगर, पश्चिम पुरी, सोम बाजार रोड, विपिन गार्डन, उत्तम नगर, बक्करवाला रोड, नंगली विहार, निहाल विहार और नांगलोई में हुई। वहीं, सेंट्रल जोन में मदनपुर खादर एक्सटेंशन में एक G+5 इमारत पर कार्रवाई की गई। यहां चार पैनल पांचवीं मंजिल पर काटे गए, फिर पूरी इमारत को ढक दिया गया।

MCD ने चांदनी चौक में 54 दुकानें सील कीं

MCD ने चांदनी चौक के कूचा महाजनी ज्वेलरी मार्केट में भी बहुत काम किया। विभिन्न इमारतों के बेसमेंट में बनी दुकानों को नगर निगम की टीम ने सील किया। यहां अब तक 54 दुकानें सील की गई हैं। कारोबारियों ने MCD की इस कार्रवाई से असंतोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि सीलिंग की कार्रवाई उनके व्यवसाय को प्रभावित कर रही है। राजधानी में पुरानी इमारतों पर हथौड़े और ड्रिल मशीन से काम चल रहा है। कुछ स्थानों पर बुलडोजर भी चल रहे हैं। हादसे की आशंका वाली इमारतों को पहले खाली करके सील किया जा रहा है।

MCD के तीन अधिकारी सस्पेंड

MCD ने अवैध निर्माण के खिलाफ अपने तीन अधिकारियों पर भी कार्रवाई की है। गुरुवार को साउथ वेस्ट जोन के भवन निर्माण विभाग में AE रविंदर कुमार, JE सुमन सौरभ और JE मोहित यादव को निलंबित कर दिया गया। अवैध निर्माण करने वालों के अलावा, लापरवाही करने वाले निगम अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जा रही है। दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे पर CM रेखा गुप्ता ने पहले भी कड़ी कार्रवाई की थी, जिसमें MCD के डिप्टी कमिश्नर सहित पांच अधिकारी सस्पेंड किए गए थे।

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1355 इमारतों में PG सर्कुलेशन

MCD टीमें भी दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे PG का सर्वे कर रही हैं। 1,355 इमारतों को अब तक सर्वे किया गया है। इन इमारतों में लगभग २७ हजार विद्यार्थी रहते हैं। सर्वे के दौरान 1,304 इमारतें बच गईं। 26,917 लोग इसमें रहते हैं। नौ इमारतों में बड़ी मरम्मत की जरूरत पाई गई है, जबकि तीन को खतरनाक बताया गया है। साथ ही, अवैध PG और इमारतों पर हो रही कार्रवाई ने छात्रों के सामने रहने की समस्या पैदा की है।

LG ने विद्यार्थियों की सहायता के लिए एक कमेटी बनाई

दिल्ली के एलजी तरनजीत सिंह संधू ने 18 सदस्यीय हाई-पावर कमेटी की स्थापना को मंजूरी दी है, जो विद्यार्थियों की समस्याओं को देखता है। कमेटी का अध्यक्ष दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद है। PG से जुड़े मौजूदा नियमों की समीक्षा करने और छात्रों के लिए अन्य विकल्पों की खोज करने का काम कमेटी पर है। निम्नलिखित कार्य इस कमेटी को सौंपे गए हैं:

अब दिल्ली में भी अपनी SDRF होगी

दिल्ली सरकार ने प्राकृतिक और मानवीय आपदाओं से निपटने के लिए अपनी स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) को मजबूत करने का निर्णय लिया है। गुरुवार को दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हाई लेवल बैठक हुई। NDRF अधिकारियों के साथ इसमें SDRF की स्थापना पर चर्चा हुई। SDRF की एक बटालियन (अधिकतम 1,100 युवा) दिल्ली में योजना के तहत बनाई जाएगी। दिल्ली सरकार इस बटालियन को नियंत्रित करेगी। NDRF अपने जवानों को आवश्यक प्रशिक्षण देगा। ताकि आपदा या बड़े हादसे में राहत-बचाव तेजी से हो सके, फायर डिपार्टमेंट और सिविल डिफेंस वॉलंटियरों को भी विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी।

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