CM Dhami
source: https://uttarainformation.gov.in
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पंजाब के CM Bhagwant Mann ने कहा कि राज्य की अमन-शांति, तरक्की और खुशहाली की दुश्मन ताकतें उनके खिलाफ बेबुनियाद अफवाहें फैला रही हैं ताकि राज्य के विकास को बाधित किया जा सके।
आज यहां राज्य के 30 आम आदमी क्लीनिकों का समर्पण करने के बाद सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह लोगों की भलाई और राज्य के विकास के लिए समर्पित होकर काम कर रहे हैं, लेकिन कुछ राजनीतिक नेताओं को यह पच नहीं रहा है। इसी वजह से वे बार-बार उनके खिलाफ जहर उगल रहे हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि ऐसे घटिया हथकंडे उन्हें लोगों की सेवा करने से नहीं रोक सकते और वे राज्य के विकास के इस नेक कार्य में पूरे समर्पण के साथ जुटे रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता में रहने वाले पिछले राजनीतिक नेताओं ने कभी भी राज्य या यहां के लोगों की चिंता नहीं की। उन्होंने कहा कि इन अहंकारी नेताओं ने हमेशा राज्य के लिए काम करने के बजाय अपने व्यक्तिगत लाभ और परिवारवाद को प्राथमिकता दी। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन नेताओं का यह रवैया पंजाब और इसके लोगों के लिए घातक साबित हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा, “परंपरागत पार्टियां मुझसे ईर्ष्या करती हैं क्योंकि मैं एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखता हूं। ये नेता सत्ता में बने रहने को अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते थे, इसलिए इन्हें यह बर्दाश्त नहीं हो रहा है कि आम आदमी सरकार इतनी बेहतर ढंग से कैसे चला रहा है। इन राजनीतिज्ञों ने लंबे समय तक लोगों को मूर्ख बनाया, लेकिन अब लोग इनके गुमराह करने वाले प्रचार में नहीं आएंगे।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नेताओं ने अपने सरकारी पदों का दुरुपयोग कर धन-संपत्ति इकट्ठी की और बड़े-बड़े महल खड़े किए। उन्होंने कहा कि इन महलों की दीवारें ऊंची हैं और दरवाजे आम लोगों के लिए बंद रहते हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि ये नेता लोगों की पहुंच से दूर रहे, इसलिए लोगों ने इन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया।
अकाली नेता सुखबीर सिंह बादल पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की बागडोर संभालने के बावजूद पूर्व उपमुख्यमंत्री राज्य की भौगोलिक स्थिति से अनजान हैं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, “सब कुछ छोड़ो, सुखबीर तो कद्दू और लौकी में फर्क भी नहीं बता सकता।” भगवंत सिंह मान ने कहा कि ऐसे नेता कई सालों तक लोगों को बेवकूफ बनाते रहे, लेकिन अब आम लोगों ने अपनी सरकार को वोट देकर सत्ता में लाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की जन-हितैषी नीतियों के कारण राज्य में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पारदर्शी तरीके से 44,000 से अधिक युवाओं को नौकरियां दी हैं, जिससे विदेश गए युवा नौकरी के लिए वापस आ रहे हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस बार राज्य के शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों के दाखिलों में भारी वृद्धि हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 1080 करोड़ रुपए की लागत से निजी कंपनी जीवीके पावर के स्वामित्व वाले गोइंदवाल पावर प्लांट को खरीदकर सफलता की एक नई कहानी लिखी है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब को आवंटित पचवाड़ा कोयला खदान से कोयले का उपयोग केवल सरकारी पावर प्लांट्स के लिए ही किया जा सकता है। इसलिए, इस पावर प्लांट की खरीद के साथ, इस कोयले का उपयोग राज्य के हर क्षेत्र में बिजली उत्पादन के लिए किया जा सकेगा। उन्होंने आगे कहा कि यह बहुत गर्व और संतोष की बात है कि पंजाब सरकार के जनहितैषी फैसलों के कारण राज्य के 90 प्रतिशत उपभोक्ताओं को शून्य बिजली बिल मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि उनकी सरकार ने मौजूदा धान के मौसम के दौरान किसानों को सिंचाई के लिए नहर का पानी उपलब्ध कराने का क्रांतिकारी कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य भूजल के घटते स्तर को रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि किसान इस मौसम में नहर के पानी का प्रभावी ढंग से उपयोग करें। भगवंत सिंह मान ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भूजल को बचाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब उन्होंने पदभार संभाला था, उस समय केवल 21 प्रतिशत नहर का पानी ही इस्तेमाल किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि यह बड़े गर्व और संतोष की बात है कि आज 72 प्रतिशत नहर का पानी सिंचाई के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। भगवंत सिंह मान ने बताया कि नई कंडी नहर बनाई जा रही है, जिससे 11,000 एकड़ भूमि को लाभ होगा और धार कलां में 206 मेगावाट का बांध स्थापित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने राज्य और इसके लोगों की भलाई के लिए अनुकरणीय पहल की हैं। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार उनकी सरकार ने राज्य में मालवा नहर के निर्माण का कार्य शुरू किया है। उन्होंने कहा कि यह रिकॉर्ड पर है कि इससे पहले किसी भी राज्य सरकार ने इस आवश्यकता पर ध्यान नहीं दिया। भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि लगभग 150 किलोमीटर लंबी यह नई नहर राज्य, खासकर मालवा क्षेत्र में, विकास और समृद्धि का एक नया युग शुरू करेगी, और राज्य सरकार इस अनूठी परियोजना पर लगभग 2300 करोड़ रुपए खर्च करेगी, जिससे लगभग 2 लाख एकड़ भूमि की सिंचाई की जरूरतें पूरी होंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब लोगों को अपना काम कराने के लिए चंडीगढ़ के चक्कर नहीं लगाने पड़ते हैं क्योंकि सरकार खुद ‘सरकार तुहाडे दुआर’ कार्यक्रम के माध्यम से उनकी शिकायतों का मौके पर ही समाधान कर रही है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल लोगों की समस्याओं को सुलझाने में मदद मिल रही है, बल्कि राज्य सरकार की नीतियों पर जमीनी स्तर की प्रतिक्रिया प्राप्त करने का एक उपयुक्त मंच भी साबित हो रहा है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि आने वाले दिनों में जनहित में और भी जनोन्मुखी पहल की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पंचायती चुनाव जल्द ही होंगे और उम्मीदवार बिना पार्टी चुनाव चिन्ह के चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि इससे गांवों में गुटबंदी समाप्त होगी और ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र विकास होगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार ने जनहित को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों को पार्टी चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ने से रोकने का बड़ा निर्णय लिया है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जो भी गांव सर्वसम्मति से पंचायत का चुनाव करेगा, उसे स्टेडियम, स्कूल या अस्पताल सहित 5 लाख रुपए का अनुदान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करना चाहती है, जिसके लिए सूझ-बूझ वाले और ईमानदार लोगों का चुना जाना आवश्यक है। भगवंत सिंह मान ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार के इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे और लोगों को इसका लाभ मिलेगा।
CM Bhagwant Mann: लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज 30 और आम आदमी क्लीनिक जनता को समर्पित किए, जिससे कुल 872 क्लीनिक कार्यशील हो चुके हैं।
मुख्यमंत्री द्वारा समर्पित किए गए 30 क्लीनिकों में बठिंडा में पाँच, होशियारपुर में दो, मानसा में सात, मोगा में तीन, पटियाला में छह, एसएएस नगर मोहाली में पाँच और श्री मुक्तसर साहिब में दो क्लीनिक शामिल हैं।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि ये क्लीनिक बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में मील का पत्थर साबित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि इन क्लीनिकों में कुल 80 प्रकार की दवाइयाँ और 38 तरह के टेस्ट मुफ्त उपलब्ध कराए जा रहे हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन क्लीनिकों को भरपूर समर्थन मिल रहा है, जिसमें अब तक 2.07 करोड़ मरीज इलाज के लिए आ चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इन क्लीनिकों में 72 लाख से अधिक मुफ्त टेस्ट किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि इन सेवाओं ने राज्य के लोगों के स्वास्थ्य खर्च में 1050 करोड़ रुपये की बचत में योगदान दिया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार ने सेकेंडरी स्वास्थ्य सेवाओं में सभी निर्धारित दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सीएमओज/एसएमओज को स्थानीय स्तर पर दवाइयों की खरीद के लिए अधिकृत किया गया है। उन्होंने कहा कि दवाइयों की खरीद और सप्लाई चेन के केंद्रीकरण को मजबूत किया जा रहा है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस पहल से मरीजों को लगभग 102.98 करोड़ रुपये की बचत हुई है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि सभी सेकेंडरी स्वास्थ्य सुविधाओं पर मुफ्त एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि 512 निजी एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड केंद्रों को मामूली सरकारी निर्धारित दरों पर सेवाएं प्रदान करने के लिए सूचीबद्ध किया गया है और इसके अलावा मौजूदा सरकारी सुविधाओं को भी मजबूत किया जा रहा है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि बड़ी संख्या में मरीज इसका लाभ उठा रहे हैं, क्योंकि प्रतिदिन किए जाने वाले अल्ट्रासाउंड की संख्या 650 से बढ़कर 1350 हो गई है, जबकि राज्य में एक्स-रे की संख्या 3000 से बढ़कर 4200 हो गई है। अब तक कुल 7.52 लाख मरीज (5.67 लाख एक्स-रे सेवाओं और 1.85 लाख यूएसजी सेवाओं का लाभ उठा चुके हैं) इन सेवाओं का उपयोग कर चुके हैं।
भारत माता की जय!
भारत माता की जय!
भारत माता की जय!
PM Narendra Modi: नमस्ते U.S. ! अब अपना नमस्ते भी मल्टीनेशनल हो गया है, लोकल से ग्लोबल हो गया है, और ये सब आपने किया है। अपने दिल में भारत को बसा कर रखने वाले हर भारतीय ने किया है।
साथियों,
आप यहां इतनी दूर-दूर से आए हैं, कुछ पुराने चेहरे हैं, कुछ नए चेहरे हैं. आपका ये प्यार, ये मेरा बहुत बड़ा सौभाग्य है। मुझे वो दिन याद आते हैं। जब मैं पीएम भी नहीं था, सीएम भी नहीं था, नेता भी नहीं था। उस समय एक जिज्ञासू के तौर पर यहां आप सब के बीच आया करता था। इस धरती को देखना, इसे समझना, मन में कितने ही सवाल लेकर के आता था। जब मैं किसी पद पर नहीं था। उससे पहले भी मैं अमेरिका के करीब-करीब 29 स्टेट्स में दौरा कर चुका था। उसके बाद जब मैं CM बना तो टेक्नोलॉजी के माध्यम से आपके साथ जुड़ने का सिलसिला जारी रहा। PM रहते हुए भी मैंने आपसे अपार स्नेह पाया है, अपनत्व पाया है। 2014 में मेडिसन स्क्वायर, 2015 में सैन होसे, 2019 में ह्यूस्टन, 2023 में वॉशिंगटन औऱ अब 2024 में न्यू यॉर्क, और आप लोग हर बार पिछला रिकॉर्ड तोड़ देते हैं।
साथियों,
मैं हमेशा से आपके सामर्थ्य को, भारतीय डायस्पोरा के सामर्थ्य को समझता रहा हूं। जब मेरे पास कोई सरकारी पद नहीं था, तब भी समझता था और आज भी समझता हूं। आप सब मेरे लिए हमेशा से भारत के सबसे मजबूत ब्रैंड एंबेसेडर रहे हैं। और इसलिए मैं आप सबको राष्ट्रदूत कहता हूं। आपने अमेरिका को भारत से, और भारत को अमेरिका से कनेक्ट किया है। आपका स्किल, आपका टैलेंट, आपका कमिटमेंट, इसका कोई मुकाबला नहीं है। आप सात समंदर पार भले आ गए हैं। लेकिन कोई समंदर इतना गहरा नहीं, जो दिल की गहराइयों में बसे हिंदुस्तान को आपसे दूर कर सके। मां भारती ने जो हमें सिखाया है, वो हम कभी भी भूल नहीं सकते। हम जहां भी जाते हैं, सबको परिवार मानकर उनसे घुल मिल जाते हैं। डायवर्सिटी को समझना, डायवर्सिटी को जीना, उसे अपने जीवन में उतारना, ये हमारे संस्कारों में है, हमारी रगों में है। हम उस देश के वासी हैं हमारे यहां सैकड़ों भाषाएं हैं, सैकड़ों बोलियां हैं। दुनिया के सारे मत हैं, पंथ हैं। फिर भी हम एक बनकर, नेक बनकर आगे बढ़ रहे हैं। यहां इस हॉल में ही देखिए, कोई तमिल बोलता है, कोई तेलुगु, कोई मलयालम, तो कोई कन्नड़ा, कोई पंजाबी, तो कोई मराठी, और तो कोई गुजराती, भाषा अनेक हैं, लेकिन भाव एक है। और वो भाव है- भारत माता की जय। वो भाव है – भारतीयता। दुनिया के साथ जुड़ने के लिए ये हमारी सबसे बड़ी strength है, सबसे बड़ी ताकत है। यही वैल्यूज़, हमें सहज रूप से ही विश्व-बंधु बनाती हैं। हमारे यहां कहा जाता है- तेन त्यक्तेन भुंजीथा:। यानि जो त्याग करते हैं, वे ही भोग पाते हैं। हम दूसरों का भला करके, त्याग करके सुख पाते हैं। और हम किसी भी देश में रहें, ये भावना नहीं बदलती है। हम जिस सोसायटी में रहते हैं, वहां ज्यादा से ज्यादा योगदान करते हैं। यहां अमेरिका में आपने डॉक्टर्स के रूप में, रिसरचर्स के रूप में, Tech (टेक) Professionals के रूप में, Scientists के रूप में या दूसरे प्रोफेशन्स में जो परचम लहराया हुआ है, वो इसी का प्रतीक है। अभी कुछ समय पहले ही तो यहां T-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप हुआ था और USA की टीम क्या गजब खेली, और उस टीम में यहां रह रहे भारतीयों का जो योगदान था वो भी दुनिया ने देखा है।
साथियों,
दुनिया के लिए AI का मतलब है आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस। लेकिन मैं मानता हूं कि AI का मतलब अमेरिका-इंडिया। अमेरिका-इंडिया ये स्पिरिट है और वही तो नई दुनिया का एआई पावर है। यही AI स्पिरिट, भारत-अमेरिका रिश्तों को नई ऊंचाई दे रहा है। मैं आप सभी को, इंडियन डायस्पोरा को सैल्यूट करता हूं। I Salute(सेल्यूट) you All.
साथियों,
मैं दुनिया में जहां भी जाता हूं, हर लीडर के मुंह से भारतीय डायस्पोरा की तारीफ ही सुनता हूं। कल ही, प्रेसिडेंट बाइडेन, मुझे डेलावेयर में अपने घर ले गए थे। उनकी आत्मीयता, उनकी गर्मजोशी, मेरे लिए दिल छू लेने वाला मोमेंट रहा। ये सम्मान 140 करोड़ भारतीयों का है, ये सम्मान आपका है, आपके पुरुषार्थ का है, ये सम्मान यहां रहने वाले लाखों भारतीयों का है। मैं प्रेसिडेंट बाइडेन का आभार करूंगा और साथ ही आपका भी आभार व्यक्त करूंगा।
साथियों,
2024 का ये साल पूरी दुनिया के लिए बहुत अहम है। एक तरफ दुनिया के कई देशों के बीच संघर्ष है, तनाव है तो दूसरी तरफ कई देशों में डेमोक्रेसी का जश्न चल रहा है। भारत और अमेरिका, डेमोक्रेसी के इस जश्न में भी एक साथ हैं। यहां अमेरिका में चुनाव होने वाले हैं और भारत में चुनाव हो चुके हैं। भारत में हुए ये इलेक्शन, ह्यूमन हिस्ट्री के अब तक के सबसे बड़े चुनाव थे, आप कल्पना कर सकते हैं, अमेरिका की कुल आबादी से भी करीब दोगुने वोटर्स, इतना ही नहीं पूरे यूरोप की कुल आबादी से ज्यादा वोटर्स, इतने सारे लोगों ने भारत में अपने वोट डाले। जब हम भारत की डेमोक्रेसी का उसका स्केल देखते हैं, तो और भी गर्व होता है। तीन महीने का पोलिंग प्रोसेस, 15 मिलियन यानि डेढ़ करोड़ लोगों का पोलिंग स्टाफ, एक मिलियन यानि 10 लाख से ज्यादा पोलिंग स्टेशन, ढाई हजार से ज्यादा पॉलिटिकल पार्टीज़, 8 हज़ार से ज्यादा कैंडिडेट्स, अलग-अलग भाषाओं के हजारों न्यूजपेपर्स, सैकड़ों रेडियो स्टेशन, सैकड़ों टीवी न्यूज चैनल, करोड़ों सोशल मीडिया अकाउंट्स, लाखों सोशल मीडिया चैनल्स, ये सब भारत की डेमोक्रेसी को वाइब्रेंट बनाते हैं। ये फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन के विस्तार का दौर है। इस लेवल की स्क्रूटनी से होकर हमारे देश की चुनावी प्रक्रिया गुज़रती है।
और साथियों,
इस लंबी चुनावी प्रक्रिया से गुजरकर इस बार भारत में कुछ अभूतपूर्व हुआ है। क्या हुआ है? क्या हुआ है? क्या हुआ है? क्या हुआ है? अबकी बार – अबकी बार – अबकी बार ।
साथियों,
तीसरी बार, हमारी सरकार की वापसी हुई है। और ऐसा पिछले 60 सालों में भारत में नहीं हुआ था। भारत की जनता ने ये जो नया मैंडेट दिया है, उसके मायने बहुत हैं और बहुत बड़े भी हैं। ये तीसरे टर्म में हमें बहुत बड़े लक्ष्य साधने हैं। हमें तीन गुना ताकत, और तीन गुना गति के साथ आगे बढ़ना है, आपको एक शब्द याद रहेगा पुष्प। हां कमल मान लीजिए मुझे ऐतराज नहीं है। पुष्प और मैं इस पुष्प को डिफाइन करता हूं। पी फोर Progressive भारत, यू फोर Unstoppable भारत! एस फोर Spiritual (स्पिरिचुअल) भारत! एच फोर Humanity First को समर्पित भारत! पी फोरProsperous भारत। यानि PUSHP- पुष्प की पांच पंखुड़ियां को मिलकर ही विकसित भारत बनाएंगे।
साथियों,
मैं भारत का पहला प्रधानमंत्री हूं, जिसका जन्म आज़ादी के बाद हुआ। आजादी के आंदोलन में करोड़ों भारतीयों ने स्वराज के लिए जीवन खपा दिया था, उन्होंने अपना हित नहीं देखा, अपने कंफर्ट जोन की चिंता नहीं की, वो तो बस देश की आजादी के लिए सब कुछ भूलकर अंग्रेजों से लड़ने चल पड़े थे। उस सफर में किसी को फांसी का फंदा मिला, किसी के शरीर को गोलियों से भून दिया गया, कोई यातनाएं सहते हुए जेल में ही गुजर गया, कईयों की जवानी जिंदगी जेल में खप गई।
साथियों,
हम देश के लिए मर नहीं पाए, लेकिन हम देश के लिए जरूर जी सकते हैं। मरना हमारे नसीब नहीं था, जीना हमारे नसीब है। पहले दिन से मेरा मन और मेरा मिशन एकदम क्लीयर रहा है। मैं स्वराज्य के लिए जीवन नहीं दे पाया, लेकिन मैंने तय किया सुराज और समृद्ध भारत के लिए जीवन समर्पित करूंगा। मेरे जीवन का एक बहुत बड़ा हिस्सा ऐसा रहा जिसमें मैं सालों-साल तक पूरे देश में घूमता रहा, भटकता रहा, जहां खाना मिला वहां खा लिया, जहां सोने को मिला, वहां सो लिया, समंदर के किनारे से लेकर पहाड़ों तक, रेगिस्तान से लेकर बर्फीली चोटियों तक, मैं हर क्षेत्र के लोगों से मिला, उनको जाना-समझा। मैंने अपने देश के जीवन, अपने देश की संस्कृति, अपने देश की चुनौतियों का फर्स्ट हैंड एक्सपीरियन्स लिया। वो भी एक वक्त था जब मैंने अपनी दिशा कुछ और तय की थी, लेकिन नियति ने मुझे राजनीति में पहुंचा दिया। कभी नहीं सोचा था कि एक दिन चीफ मिनिस्टर बनूंगा, और बना तो गुजरात का longest serving Chief Minister बन गया। 13 साल तक गुजरात का चीफ मिनिस्टर रहा, इसके बाद लोगों ने प्रमोशन देकर मुझे प्राइम मिनिस्टर बना दिया। लेकिन दशकों तक देश के कोने-कोने में जाकर मैंने जो सीखा है., उसी ने चाहे राज्य हो या केंद्र, मेरे सेवा के मॉडल को, मेरे गवर्नेंस के मॉडल को इतना सफल बनाया है। पिछले 10 साल में इस गवर्नेंस मॉडल की सफलता आपने देखी है, पूरी दुनिया ने देखी है, और अब देश के लोगों ने बहुत बड़े भरोसे के साथ मुझे ये तीसरा टर्म सौंपा है। इस थर्ड टर्म में, मैं तीन गुना ज्यादा दायित्व बोध के साथ आगे बढ़ रहा हूं।
साथियों,
आज भारत, दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है। भारत, Energy से भरा हुआ है, सपनों से भरा हुआ है। रोज़ नये कीर्तिमान, हर रोज़ नई ख़बर, आज ही एक औऱ बहुत अच्छी खबर मिली है। चेस ओलंपियाड में, मेन्स और वुमेन्स, दोनों में भारत को गोल्ड मिला है। लेकिन एक और बात बताऊं जब ज्यादा तालियां बजानी पड़ेगी। यह लगभग सौ साल के इतिहास में पहली बार हुआ है। पूरे देश को, हर हिंदुस्तानी को हमारे चेस प्लेयर्स पर बहुत गर्व है। एक और AI है, जो भारत को ड्राइव कर रही है, और वो कौन सा और है? वो है- ए फोर Aspirational (एस्पिरेशनल), आई फोर India, Aspirational India. ये नया फोर्स है, नई ऊर्जा है। आज करोड़ों भारतीयों की aspirations (एस्पिरेशन), भारत की ग्रोथ को ड्राइव कर रही हैं। हर एस्पीरेशन, नए अचीवमेंट को जन्म देती है। औऱ हर अचीवमेंट, नई एस्पिरेशन के लिए खाद पानी बन रही है। एक दशक में भारत, 10वें नंबर से 5वें नंबर की इकॉनॉमी बन गया। अब हर भारतीय चाहता है कि भारत जल्दी से Third largest economy बने। आज देश के एक बहुत बड़े वर्ग की बेसिक नीड्स पूरी हो रही हैं। पिछले 10 साल में, करोड़ों लोगों को क्लीन कुकिंग गैस की सुविधा मिली है, उनके घर तक पाइप से साफ पानी पहुंचने लगा है, उनके घर में बिजली कनेक्शन पहुंचा है, उनके लिए करोड़ों टॉयलेट्स बने हैं। ऐसे करोड़ों लोग अब क्वालिटी लाइफ चाहते हैं।
साथियों,
अब भारत के लोगों को सिर्फ रोड नहीं, उन्हें शानदार एक्सप्रेसवे चाहिए। अब भारत के लोगों को सिर्फ रेल कनेक्टिविटी नहीं, उन्हें हाईस्पीड ट्रेन चाहिए। भारत के हर शहर की अपेक्षा है, उसके यहां मेट्रो चले, भारत के हर शहर की अपेक्षा है, उसका अपना एयरपोर्ट हो। देश का हर नागरिक, हर गांव-शहर चाहता है कि उसके यहां दुनिया की बेस्ट सुविधाएं हों। औऱ इसका नतीजा हम देख रहे हैं। 2014 में भारत के सिर्फ 5 शहरों में मेट्रो थी, आज 23 शहरों में मेट्रो है। आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क भारत में है। और इसका हर दिन विस्तार हो रहा है।
साथियों,
2014 में भारत के सिर्फ 70 शहरों में एयरपोर्ट्स थे, आज 140 से ज्यादा शहरों में एयरपोर्ट्स हैं। 2014 में 100 से भी कम ग्राम पंचायतों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी थी, 100 से भी कम, आज 2 लाख से भी ज्यादा पंचायतों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी है। 2014 में भारत में 140 मिलियन यानि 14 करोड़ के आसपास LPG कंज्यूमर थे। आज भारत में 310 मिलियन यानि 31 करोड़ से ज्यादा LPG कंज्यूमर हैं। जिस काम में पहले सालों लग जाते थे, वो काम अब महीनों में खत्म हो रहा है। आज भारत के लोगों में एक आत्मविश्वास है, एक संकल्प है, मंजिल तक पहुंचने का इरादा है, भारत में डवलपमेंट, एक पीपल्स मूवमेंट बन रहा है। और हर भारतीय विकास के इस मूवमेंट में बराबर का पार्टनर बन गया है। उसे भरोसा हैभारत की सफलता पर, भारत की उपलब्धियों पर।
साथियों,
भारत आज, land of opportunities है, अवसरों की धरती है। अब भारत, अवसरों का इंतज़ार नहीं करता, अब भारत अवसरों का निर्माण करता है। बीते 10 साल में भारत ने हर सेक्टर में opportunities का एक नया launching pad तैयार किया है। आप देखिए सिर्फ एक दशक में ही, और ये बात आप सबको गर्व देगी, सिर्फ एक दशक में ही 25 करोड़ लोग, एक दशक में ही 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। ये कैसे हुआ? ये इसलिए हुआ, हमने पुरानी सोच बदली, अप्रोच बदली। हमने गरीब को Empower करने पर फोकस किया। 50 करोड़ यानि 500 मिलियन से ज्यादा लोगों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा, 55 करोड़ यानि 550 मिलियन, से ज्यादा लोगों को 5 लाख रुपए तक का फ्री मेडिकल ट्रीटमेंट देना, 4 करोड़ यानि 40 मिलियन से ज्यादा फैमिलीज को पक्के घर देना, Collateral (कोलैटरल) free loans का सिस्टम बनाकर करोड़ों लोगों को ease of credit से जोड़ना, ऐसे अनेकों काम हुए, तब इतने लोगों ने, खुद ने गरीबी को हराया। और वो गरीबी से निकलकर के आज यही निओ-मिडिल क्लास, भारत के डवलपमेंट को तेज गति दे रहा है।
साथियों,
हमने women welfare के साथ ही women led (लेड) development पर फोकस किया है। सरकार ने जो करोड़ों घर बनवाए, उनकी रजिस्ट्री महिलाओं के नाम हुई। जो करोड़ों बैंक खाते खुले, उसमें से आधे से ज्यादा खाते महिलाओं के खुले। 10 साल में भारत की 10 करोड़ महिलाएं माइक्रो Entrepreneurship Scheme से जुड़ी हैं। मैं आपको एक और Example देता हूं। हम भारत में एग्रीकल्चर को टेक्नॉलॉजी के साथ जोड़ने में अनेक प्रयास कर रहे हैं। उसमें आज खेती में, किसानी मे भरपूर मात्रामें ड्रोन का उपयोग आज भारत में नजर आता है। शायद ड्रोन आपके लिए नई बात नहीं है। लेकिन नई बात ये है, इसकी जिम्मेदारी कौन समझता है पता है? ये Rural women के पास है। हम हजारों महिलाओं को ड्रोन पायलट्स बना रहे हैं। एग्रीकल्चर में टेक्नोलॉजी का ये बहुत बड़ा रेवॉल्यूशन गांव की महिलाएं लेकर आ रही हैं।
साथियों,
जो Areas पहले Neglected थे, वो आज देश की प्रायॉरिटी हैं। आज भारत जितना कनेक्टेड है, उतना पहले कभी नहीं रहा। आप हैरान होंगे, आज भारत का 5G मार्केट, बताऊं, बुरा नहीं लगेगा ना? आज भारत का 5G मार्केट अमेरीका से भी बड़ा हो चुका है। और ये 2 साल के भीतर-भीतर हुआ है। अब तो भारत, मेड इन इंडिया, 6G पर काम कर रहा है। ये कैसे हुआ? ये इसलिए हुआ, क्योंकि हमने इस सेक्टर को आगे बढ़ाने के लिए policies बनाईं। हमने मेड इन इंडिया टेक्नॉलॉजी पर काम किया। हमने सस्ते डेटा पर, मोबाइल फोन मैन्युफेक्चरिंग पर फोकस किया। आज दुनिया का करीब-करीब हर बड़ा मोबाइल ब्रांड, मेड इन इंडिया है। आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल मैनुफैक्चरर है। एक जमाना था मेरे आने से पहले जब हम Mobile Importer थे, आज हम Mobile Exporter बन गए हैं।
साथियों,
अब भारत पीछे नहीं चलता, अब भारत नई व्यवस्थाएं बनाता है, अब भारत नेतृत्व करता है। भारत ने digital public infrastructure-DPI का नया कॉन्सेप्ट दुनिया को दिया है। DPI ने Equality को प्रमोट किया है, ये करप्शन को कम करने का भी बहुत बड़ा माध्यम बना है। भारत का UPI आज, पूरी दुनिया को आकर्षित कर रहा है। आपकी जेब में वॉलेट है, लेकिन भारत में लोगों की जेब के साथ ही फोन में वॉलेट है, ई-वॉलेट है। अनेक भारतीय अब अपने डॉक्यूमेंट्स, फिज़िकल फोल्डर्स में नहीं रखते, उनके पास डिजी लॉकर है। वो एयरपोर्ट में जाते हैं, तो डिजी यात्रा से सीमलेस ट्रैवल करते हैं। ये डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर,जॉब्स, इनोवेशन और इससे जुड़ी हर टेक्नॉलॉजी का लॉन्चिंग पैड बन गया है।
साथियों,
भारत, भारत अब रुकने वाला नहीं है, भारत अब थमने वाला नहीं है। भारत चाहता है, दुनिया में ज्यादा से ज्यादा डिवाइस मेड इन इंडिया चिप पर चलें। हमने सेमीकंडक्टर सेक्टर को भी भारत की तेज ग्रोथ का आधार बनाया है। पिछले साल जून में भारत ने सेमीकंडक्टर सेक्टर के लिए इंसेंटिव्स घोषित किए थे। इसके कुछ ही महीनों बाद माइक्रोन की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट का शिलान्यास भी हो गया। अब तक भारत में ऐसी 5 यूनिट्स स्वीकृत हो चुकी है। वो दिन दूर नहीं जब आप मेड इन इंडिया चिप यहां अमेरिका में भी देखेंगे। ये छोटी सी चिप – विकसित भारत की उड़ान को नई ऊंचाई पर ले जाएगी, और ये मोदी की गारंटी है।
साथियों,
आज भारत में रिफॉर्म्स के लिए जो Conviction (कन्विक्शन), जो कमिटमेंट है, वो अभूतपूर्व है। हमारा ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन प्रोग्राम, इसका बहुत बड़ा उदाहरण है। दुनिया की 17 परसेंट पॉपुलेशन होने के बावजूद, ग्लोबल कार्बन एमिशन में भारत की हिस्सेदारी सिर्फ 4 परसेंट है। दुनिया को बर्बाद करने में हमारा कोई रोल नहीं है। पूरी दुनिया की तुलना में एक तरह से यानि कह सकते हैं ना के बराबर है। हम भी सिर्फ कार्बन फ्यूएल जलाकर अपनी ग्रोथ को सपोर्ट कर सकते थे। लेकिन हमने ग्रीन ट्रांजिशन का रास्ता चुना। प्रकृति प्रेम के हमारे संस्कारों ने हमें गाइड किया। इसलिए, हम सोलर, विंड, हाइड्रो, ग्रीन हाइड्रोजन और न्यूक्लियर एनर्जी पर इन्वेस्टमेंट कर रहे हैं। आप देखिए, भारत G20 का ऐसा देश है, जिसने Paris climate goals को सबसे पहले पूरा कर दिया। 2014 के बाद से भारत ने अपनी Solar Energy Installed Capacity को 30 गुना से ज्यादा बढ़ाया है। हम देश के हर घर को सोलर पावर होम बनाने में जुटे हैं। इसके लिए रूफटॉप सोलर का बहुत बड़ा मिशन हमने शुरु किया है। आज हमारे रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट Solarise (सोलराइस) हो रहे हैं। भारत, घरों से लेकर सड़कों तक Energy Efficient Lighting के रास्ते पर चल पड़ा है। इन सारे प्रयासों से भारत में बहुत बड़ी संख्या में Green Jobs पैदा हो रही हैं।
साथियों,
21वीं सदी का भारत, एजुकेशन, स्किल, रिसर्च और इनोवेशन के दम पर आगे बढ़ रहा है। आप सभी नालंदा यूनिवर्सिटी के नाम से परिचित हैं। कुछ समय पहले ही भारत की प्राचीन नालंदा यूनिवर्सिटी, नए अवतार में सामने आई है। आज सिर्फ यूनिवर्सिटी को ही नहीं बल्कि नालंदा स्पिरिट को भी रिवाइव कर रहा है। पूरी दुनिया के स्टूडेंट्स भारत आकर पढ़ें, हम इस तरह का आधुनिक इकोसिस्टम बना रहे हैं। बीते 10 साल में भारत में, ये भी जरा आप लोगों को याद रखने जैसी बात बताता हूं मैं। बीते 10 साल में, भारत में हर सप्ताह एक यूनिवर्सिटी बनी है। हर दिन दो नए कॉलेज बने हैं। हर दिन एक नई ITI की स्थापना हुई है। 10 साल में ट्रिपल आईटी की संख्या 9 से बढ़कर 25 हो चुकी है। IIMs की संख्या 13 से बढ़कर 21 हो चुकी है। AIIMs की संख्या, तीन गुना बढ़कर 22 हो चुकी है। 10 साल में मेडिकल कॉलेजों की संख्या भी लगभग दोगुनी हो चुकी है। टॉप ग्लोबल यूनिवर्सिटीज़ भी आज भारत आ रही हैं, भारत का नाम है। अभी तक दुनिया ने भारत के designers का दम देखा, अब दुनिया, design in India का जलवा देखेगी।
साथियों,
आज हमारी साझेदारी, पूरी दुनिया के साथ बढ़ रही है। पहले भारत, सबसे समान दूरी की नीति पर चलता था – Equal Distance. अब भारत, सबसे समान नज़दीकी की नीति पर चल रहा है। हम ग्लोबल साउथ की भी बुलंद आवाज बन रहे हैं। आपने देखा होगा, भारत की पहल पर G-20 समिट में अफ्रीकन यूनियन को स्थायी सदस्यता मिली। आज जब भारत ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर कुछ कहता है, तो दुनिया सुनती है। कुछ समय पहले जब मैंने कहा- This is not the era (एरा) of war…तो उसकी गंभीरता सबने समझी।
साथियों,
आज दुनिया में कहीं भी संकट आए, भारत first responder के रूप में सामने आता है। कोरोना के समय में हमने 150 से ज्यादा देशों को वैक्सीन और दवाइयां भेजी, कहीं भूकंप आए, कहीं सायक्लोन आए, कहीं गृहयुद्ध हो, हम मदद के लिए सबसे पहले पहुंचते हैं। यही हमारे पुरखों की सीख है, यही हमारे संस्कार हैं।
साथियों,
आज का भारत दुनिया में एक नए catalytic agent की तरह उभर रहा है। और इसका प्रभाव हर सेक्टर में दिखेगा। ग्लोबल ग्रोथ के प्रोसेस को तेज़ करने के लिए भारत का रोल अहम होगा, ग्लोबल पीस के प्रोसेस को तेज करने के लिए भारत का रोल अहम होगा, ग्लोबल क्लाइमेट एक्शन को स्पीड अप करने में भारत का रोल अहम होगा, ग्लोबल स्किल गैप को दूर करने में भारत का रोल अहम होगा, ग्लोबल इनोवेशन्स को नई दिशा देने में भारत का रोल अहम होगा, ग्लोबल सप्लाई चेन में स्टेबिलिटी के लिए भारत की भूमिका अहम होगी।
साथियों,
भारत के लिए शक्ति और सामर्थ्य का अर्थ है, भारत के लिए शक्ति और सामर्थ्य का अर्थ है- “ज्ञानाय दानाय च रक्षणाय”। यानि Knowledge is for sharing. Wealth is for caring. Power is for protecting. इसीलिए, भारत की प्राथमिकता दुनिया में अपना दबाव बढ़ाने की नहीं, अपना प्रभाव बढ़ाने की है। हम आग की तरह जलाने वाले नहीं, हम सूरज की किरण की तरह रोशनी देने वाले लोग हैं। हम विश्व पर अपना दबदबा नहीं चाहते। हम विश्व की समृद्धि में अपना सहयोग बढ़ाना चाहते हैं। योग को बढ़ावा देना हो, सुपरफूड मिलेट्स को बढ़ावा देना हो, मिशन लाइफ, यानि लाइफस्टाइल फॉर इनवायरन्मेंट का विजन हो, भारत, GDP सेंट्रिक ग्रोथ के साथ ही ह्यूमेन सेंट्रिक ग्रोथ को भी प्राथमिकता दे रहा है। मेरा आपसे भी आग्रह है, यहां मिशन लाइफ को ज्यादा से ज्यादा प्रमोट करिए। हम अपनी लाइफस्टाइल में थोड़े से बदलाव करके भी पर्यावरण की बहुत मदद कर सकते हैं। शायद आपने सुना होगा और हो सकता है आप में से कुछ लोगों ने initiative लिया भी हो, आजकल भारत, में एक पेड़ मां के नाम, अपनी मां को याद करते हुए एक पेड़ लगाना, मां जिंदा है तो साथ ले जाना, मां नहीं है तो तस्वीर ले जाना, एक पेड़ मां के नाम लगाने का अभियान आज देश के हर कोने में चल रहा है। और मैं चाहूंगा, आप सभी यहां भी ऐसा अभियान चलाएं। ये हमारी जन्मदाता मां और धरती मां, दोनों का यश बढ़ाएगा।
साथियों,
आज का भारत बड़े सपने देखता है, बड़े सपनों का पीछा करता है। अभी कुछ दिन पहले ही पेरिस ओलंपिक खत्म हुए हैं। अगले ओलंपिक्स का होस्ट, USA है। जल्द ही, आप भारत में भी ओलंपिक्स के साक्षी बनेंगे। हम 2036 के ओलंपिक्स की मेजबानी के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। स्पोर्ट्स हो, बिजनेस हो या फिर एंटरटेनमेंट, आज भारत बहुत बड़े आकर्षण का केंद्र है। आज IPL जैसी भारत की लीग्स, दुनिया की टॉप लीग्स में से एक है। भारत की फिल्में, ग्लोबली धूम मचा रही हैं। भारत आज ग्लोबल टूरिज्म में भी परचम लहरा रहा है। दुनिया के अलग-अलग देशों में भारत के त्योहार मनाने की होड़ है। मैं देख रहा हूं इन दिनों हर शहर में लोग नवरात्रि का गरबा सीख रहे हैं। ये भारत के प्रति उनका प्यार है।
साथियों,
आज हर देश भारत को ज्यादा से ज्यादा समझना चाहता है, जानना चाहता है। आपको एक और बात जानकर खुशी होगी। कल ही, अमेरिका ने हमारे करीब 300 पुराने जो शिलालेख और मूर्तियां थीं, जो कभी हिंदुस्तान से कोई चोरी कर गया होगा, कोई 1500 साल पुरानी, कोई 2000 साल पुरानी, 300 शिलालेख और मूर्तियां भारत को लौटाई हैं। अभी तक अमेरिका ऐसी लगभग 500 धरोहरें भारत को लौटा चुका है। ये कोई छोटी सी चीज लौटाने का विषय नहीं है। ये हमारी हज़ारों वर्षों की विरासत का सम्मान है। ये भारत का सम्मान है, और ये आपका भी सम्मान है। मैं अमेरिका की सरकार का इसके लिए बहुत आभारी हूं।
साथियों,
भारत और अमेरिका की पार्टनरशिप लगातार मजबूत हो रही है। हमारी पार्टनरशिप, Global Good के लिए है। हम हर क्षेत्र में सहयोग बढ़ा रहे हैं। और इसमें आपकी सहूलियत का भी ध्यान है। मैंने पिछले साल ये घोषणा की थी कि सिएटेल में हमारी सरकार एक नया Consulate (कौंसुलेट) खोलेगी। अब ये Consulate (कौंसुलेट) शुरू हो चुका है। मैंने दो और Consulates खोलने के लिए आपके सुझाव मांगे थे। मुझे आपको ये बताते हुए खुशी है कि आपके सुझावों के बाद, भारत ने बोस्टन और लॉस एंजल्स में दो नए consulates (कौंसुलेट) खोलने का निर्णय लिया है। मुझे यूनिवर्सिटी ऑफ ह्यूस्टन में Thiruvalluvar (थिरुवल्लुवर) Chair of Tamil studies को announce करने की भी खुशी है। इससे महान तमिल संत थिरुवल्लुवर का दर्शन, दुनिया तक पहुंचाने में और मदद मिलेगी।
साथियों,
आपका ये आयोजन वाकई शानदार रहा है। यहां जो कल्चरल प्रोग्राम हुआ, वो अद्भुत था। मुझे ये भी बताया गया है कि इस इवेंट के लिए हज़ारों लोग और भी आना चाहते थे। लेकिन वेन्यू छोटा पड़ गया। जिन साथियों से मैं यहां मिल नहीं पाया, उनसे मैं क्षमा चाहता हूं। उन सभी से अगली बार मुलाकात होगी, किसी और दिन, किसी और वेन्यू पर। लेकिन मैं जानता हूं, उत्साह ऐसा ही होगा, जोश ऐसा ही होगा, आप ऐसे ही, स्वस्थ रहें, समृद्ध रहें, भारत-अमेरिका दोस्ती को ऐसे ही मजबूत करते रहें, इसी कामना के साथ, आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद! मेरे साथ बोलिये –
भारत माता की जय।
भारत माता की जय।
भारत माता की जय।
बहुत बहुत धन्यवाद।
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समुदाय ने प्रधानमंत्री का स्वागत असाधारण गर्मजोशी और उत्साह के साथ किया। सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और अमेरिका के संबंध दो महान लोकतंत्रों के बीच संबंधों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले भारतीय अमेरिकी समुदाय द्वारा प्रभावशाली रूप से समृद्ध हैं। प्रधानमंत्री ने एक दिन पहले डेलावेयर में राष्ट्रपति श्री बाइडेन के साथ उनके घर पर हुई अपनी मुलाकात के बारे में चर्चा की। यह विशेष भाव विश्वास के उस पुल को दर्शाता है, जो भारतीय समुदाय ने अमेरिका के साथ बनाया है।
प्रधानमंत्री ने 2047 तक विकसित भारत के अपने विजन के बारे में चर्चा की। उन्होंने कहा कि मानव इतिहास की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक प्रक्रिया ने उन्हें ऐतिहासिक तीसरा कार्यकाल प्रदान किया है, जिसमें वे पहले से कहीं अधिक समर्पण के साथ भारत की प्रगति के लिए काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने पिछले दशक में भारत में हुए व्यापक बदलावों – अगली पीढ़ी के बुनियादी ढांचे के निर्माण से लेकर 250 मिलियन लोगों को गरीबी के चंगुल से बाहर निकालने तक, भारत की आर्थिक वृद्धि और 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने तक, और अब दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य को रेखांकित किया।
प्रधानमंत्री ने लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सुधारों को आगे बढ़ाने की सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने देश में नई जीवंतता का उल्लेख किया, जिसमें नवाचार, उद्यमशीलता, स्टार्ट-अप, वित्तीय समावेशन और डिजिटल सशक्तिकरण विकास और समृद्धि को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने महिलाओं के नेतृत्व में विकास और हरित परिवर्तन के जमीनी स्तर पर व्यापक प्रभाव पर प्रकाश डाला।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत वैश्विक विकास, समृद्धि, शांति और सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन कार्रवाई, नवाचार, आपूर्ति और मूल्य श्रृंखलाओं तथा वैश्विक कौशल अंतर को दूर करने में प्रमुख योगदानकर्ता है। उन्होंने कहा कि आज वैश्विक मंच पर भारत की आवाज और भी गहन और जोरदार तरीके से गूंज रही है।
प्रधानमंत्री ने अमेरिका के बोस्टन और लॉस एंजेलिस में दो नए भारतीय वाणिज्य दूतावास खोलने तथा ह्यूस्टन विश्वविद्यालय में तमिल अध्ययन के लिए तिरुवल्लुवर चेयर खोलने की योजना की घोषणा की । इन कदमों से भारत और अमेरिका में रहने वाले उसके प्रवासियों के बीच संबंध और मजबूत होंगे। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भारतीय प्रवासी अपनी मजबूत संगठित शक्ति के साथ भारत और अमेरिका के बीच घनिष्ठ संबंधों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।
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Union Health Minister JP Nadda: भारत ने ‘विकसित भारत 2047’ के मार्ग पर स्वास्थ्य सेवा नवाचारों, महामारी की तैयारी और स्वदेशी चिकित्सा प्रौद्योगिकियों के विकास के लिए परिवर्तनकारी कदम उठाए हैं
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जेपी नड्डा ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग (डीएचआर) के 100 दिवसीय कार्यक्रम के सफल कार्यान्वयन की घोषणा की। श्री नड्डा ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री के 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में यह एक मील का पत्थर साबित हुआ। उन्होंने कहा, “ये पहल स्वास्थ्य सेवा नवाचार, महामारी की तैयारी और स्वदेशी चिकित्सा समाधानों के विकास में परिवर्तनकारी कदम हैं, जो एक स्वस्थ, अधिक लचीले और आत्मनिर्भर भारत में योगदान करते हैं।”
पिछले 100 दिनों में स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग द्वारा की गई कुछ प्रमुख उपलब्धियां और पहल निम्नलिखित हैं:
उपरोक्त पहलों को अक्टूबर 2024 में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री द्वारा लॉन्च किया जाने वाला है। डीएचआर के सचिव और आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने कहा कि यह प्रयास और हालिया उपलब्धियाँ नवाचार और अनुसंधान के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा को आगे बढ़ाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि ये कदम देश की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को बदलने और इसे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ और हरित भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप, मंत्रालय के प्रयासों का उद्देश्य स्वच्छता के प्रति निरंतरता के बारे में जागरूकता पैदा करना है। इसी संदर्भ में ‘कचरे से संपदा’ विषय के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया जिसमें अधिकारियों, कर्मचारियों और छात्रों ने भाग लिया।
राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) परिसरों में कचरे से संपदा पहल
राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) के सभी परिसरों में छात्रों ने ‘कचरे से संपदा’ गतिविधियों में भाग लिया। उन्होंने कपड़े, कागज और प्लास्टिक जैसे अपशिष्ट पदार्थों को उपयोगी उत्पादों, सजावटी वस्तुओं, भित्तिचित्रों और मूर्तियों में बदलकर अपनी रचनात्मकता का परिचय दिया। इस पहल ने न केवल पर्यावरण चेतना को बढ़ावा दिया बल्कि कचरे के बेहतर उपयोग के अभिनव तरीकों से लोगों को अवगत भी कराया।

वस्त्र समिति द्वारा अभिलेखों का डिजिटल रूपांतरण
वस्त्र समिति ने अपने मुख्यालय और देश भर में अपने क्षेत्रीय कार्यालयों में अभिलेखों के डिजिटलीकरण को बढ़ावा देकर ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान में योगदान दिया। इस पहल के तहत भारत सरकार के डिजिटल इंडिया दृष्टिकोण के अनुरूप कागज की बर्बादी को कम करने के उद्देश्य से 100 फाइलों और 50 सेवाओं का डिजिटलीकरण किया गया।

भारतीय कपास निगम (सीसीआई) में स्वच्छता अभियान
भारतीय कपास निगम (सीसीआई) ने भी स्वच्छता ही सेवा अभियान में सक्रिय रूप से भाग लिया। निगम के मुख्यालय और शाखा कार्यालयों के कर्मचारियों ने 20 सितंबर, 2024 को स्वच्छता अभियान में भाग लिया। कार्यस्थल पर वातावरण को बेहतर बनाने के लिए सभी कार्यालयों में रिकॉर्ड रूम को साफ करने और व्यवस्थित करने के लिए विशेष प्रयास किए गए।

नारा लेखन और चित्रकला प्रतियोगिताएं
समुदाय को अभियान से जोड़ने के लिए, कपड़ा मंत्रालय ने अपने कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में नारा लेखन, उद्धरण लेखन और चित्रकला प्रतियोगिताओं सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया। इन गतिविधियों के द्वारा प्रतिभागियों को कला और रचनात्मकता के माध्यम से स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर अपने विचार व्यक्त करने का अवसर प्राप्त हुआ।
वस्त्र मंत्रालय मुख्यालय में गहन सफाई अभियान
वस्त्र मंत्रालय के मुख्यालय में गहन सफाई अभियान चलाया गया, जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न प्रभागों और अनुभागों का दौरा किया। इस पहल का उद्देश्य कार्यस्थल पर स्वच्छता का उदाहरण स्थापित करना और कार्यस्थल पर सभी कर्मचारियों के लिए स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण को बढ़ावा देना था।
ये गतिविधियां चल रहे ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान का हिस्सा हैं, जो स्वच्छ भारत अभियान की 10वीं वर्षगांठ के अवसर पर 2 अक्टूबर, 2024 को मनाए जाने वाले स्वच्छ भारत दिवस से पहले पूरे देश में आयोजित की जा रही है।
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शेखावत ने आईसीडीएस के अधिकारियों से कहा कि जिले में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों को दिए जाने वाले पोषाहार की गुणवत्ता की जांच करें। गुणवत्तापूर्ण पोषाहार की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चिकित्सा विभाग के अधिकारियों से कहा कि मौसमी बीमारियों के लिए चिकित्सा सुविधाओं का बेहतरीन प्रबंधन किया जाए। अस्पतालों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, जांच सुविधा, चिकित्सकीय परामर्श आदि का प्रबंधन कर आमजन को चिकित्सा सेवाओं का समुचित लाभ दिया जाए।
शेखावत ने अधिकारियों से आवश्यक सेवाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी विभाग के अधिकारी जिले में आवश्यक सेवाओं के समुचित उपलब्धता के लिए नियमित रूप से मॉनीटरिंग करें तथा किसी प्रकार की शिकायत प्राप्त होने पर त्वरित एक्शन लेते हुए व्यवस्था दुरुस्त करें।
उन्होंने उन्होंने पीएचईडी व डिस्कॉम के अधिकारियों से कहा कि बिजली व पेयजल के कनेक्शन में किसी प्रकार की पेंडेंसी न रखें। टीम को प्रबंधित करते हुए आमजन को बिजली व पानी सहित सेवाओं का समुचित लाभ सुनिश्चित करें।
उन्होंने सम्पर्क पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की चर्चा कर त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। किसी प्रकार की अनावश्यक पेंडेंसी न रहे। सीएमओ से प्राप्त प्रकरणों व सम्पर्क पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का त्वरित निस्तारण करें।
इस दौरान पशुपालन संयुक्त निदेशक डॉ ओमप्रकाश, कृषि विस्तार संयुक्त निदेशक डॉ जगदेव सिंह, डीईओ प्रारंभिक संतोष महर्षि, सीएमएचओ डॉ मनोज शर्मा, पीएचईडी एसई रमेश कुमार राठी, डीबीएच अस्पताल अधीक्षक डॉ हनुमान जयपाल, डिस्कॉम एसई वीआई परिहार, पीएचईडी प्रोजेक्ट एसई राममूर्ति, सानिवि एसई चौतन्य पंवार, एपीआरओ मनीष कुमार, डीटीओ ओमसिंह शेखावत, आयुक्त अभिलाषा सिंह, प्रवर्तन निरीक्षक संपत कुमार, रेंजर दीपचंद यादव, संरक्षण अधिकारी जयप्रकाश सहित अधिकारी उपस्थित रहे।
source: https://dipr.rajasthan.gov.in

पंजाब के CM Bhagwant Mann ने आज अमृतसर उत्तरी क्षेत्र के विधायक कुंवर विजय प्रताप की पत्नी मधुमिता के दुखद और असमय निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है, जिनका संक्षिप्त बीमारी के कारण निधन हो गया। वह 53 वर्ष की थीं और अपने पीछे पति और दो बेटियों को छोड़ गई हैं।
एक शोक संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि मधुमिता जी के निधन के बारे में जानकर उन्हें गहरा दुख हुआ है। वह अपने परिवार की ताकत थीं और अपने पति की सफलता के लिए प्रेरणास्रोत थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समाज और विशेष रूप से परिवार के लिए बहुत बड़ी क्षति है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि मधुमिता जी एक पवित्र आत्मा थीं, जिन्होंने अपने पति कुंवर विजय प्रताप को एक पुलिस अधिकारी और अब जनता के चुने हुए प्रतिनिधि के रूप में मानवता की मिसाली सेवा करने में पूर्ण सहयोग दिया।
परिवार के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री ने अकाल पुरख के समक्ष प्रार्थना की कि वह दिवंगत आत्मा को अपने चरणों में स्थान दें और परिवार के सदस्यों एवं सगे-संबंधियों को इस अपूरणीय क्षति को सहने की शक्ति प्रदान करें।
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