हरियाणा की जेलों में कौशल विकास और शिक्षा को बढ़ावा, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने की समीक्षा। 123 युवाओं ने ITI पास की, 3,321 उच्च शिक्षा के लिए पंजीकृत।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विभिन्न विभागों की अच्छी कार्यप्रणालियों को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की जेलों में चल रहे कौशल विकास और शिक्षा कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। सरकार का उद्देश्य जेल से बाहर आने वाले लोगों को शिक्षा, हुनर और आत्मविश्वास देकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बैठक में जेलों में बंद युवाओं के लिए संचालित शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से इन योजनाओं की प्रगति और इनके माध्यम से युवाओं को मिल रहे लाभ के बारे में विस्तार से चर्चा की।
पांच जेलों में आठ ट्रेड में प्रशिक्षण
हरियाणा की पांच जेलों में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से आठ अलग-अलग ट्रेड में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब तक 123 युवाओं ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान की परीक्षा उत्तीर्ण की है।
सरकार का प्रयास है कि जेल में रहते हुए युवाओं को रोजगार से जुड़े व्यावहारिक कौशल हासिल करने का अवसर मिले, ताकि रिहाई के बाद वे आत्मनिर्भर बन सकें।
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20 जेलों में व्यावसायिक प्रशिक्षण
प्रदेश की 20 जेलों में अल्पकालिक व्यावसायिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। इन पाठ्यक्रमों के लिए अब तक 1,604 युवाओं ने पंजीकरण कराया है।
इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को कम समय में उपयोगी कौशल प्रदान करना है, जिससे वे जेल से बाहर निकलने के बाद रोजगार या स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकें।
‘उल्लास’ योजना से उच्च शिक्षा का अवसर
बैठक में शिक्षा से जुड़े कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। ‘उल्लास’ योजना के तहत 3,321 युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए पंजीकृत किया गया है।
इसके साथ ही जेलों में बंद लोगों को अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) और राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) के माध्यम से भी शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP ने आज विभिन्न विभागों की Good Practices को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में जेलों में चल रहे Skill Development और Education Programmes की प्रगति की जानकारी ली गई।
प्रदेश की 5 जेलों में ITI के माध्यम से 8 ट्रेड्स में प्रशिक्षण दिया जा रहा… pic.twitter.com/SgIqb6yFub
— CMO Haryana (@cmohry) September 2, 2026
हुनर और शिक्षा से नई शुरुआत का लक्ष्य
हरियाणा सरकार का जोर जेलों में केवल सजा पूरी करने तक सीमित व्यवस्था के बजाय सुधार और पुनर्वास की दिशा में भी है। कौशल प्रशिक्षण और शिक्षा के माध्यम से युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने की कोशिश की जा रही है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के अनुसार सरकार का प्रयास है कि जेल से बाहर निकलने वाला हर व्यक्ति हुनर, शिक्षा और आत्मविश्वास के साथ समाज की मुख्यधारा में लौटे और सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत कर सके।
रोजगार के साथ सामाजिक पुनर्वास पर जोर
जेलों में संचालित प्रशिक्षण और शिक्षा कार्यक्रमों के जरिए युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का प्रयास किया जा रहा है। व्यावसायिक प्रशिक्षण, उच्च शिक्षा और कौशल विकास के अवसर उन्हें रिहाई के बाद रोजगार हासिल करने में मदद कर सकते हैं।
सरकार का मानना है कि शिक्षा और कौशल व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाने के महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इसी सोच के साथ हरियाणा में जेलों के भीतर शिक्षा और प्रशिक्षण से जुड़े कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जा रहा है।