चंडीगढ़ में ‘नशे के खिलाफ युद्ध’ अभियान की समीक्षा बैठक हुई, जिसमें जमीनी स्तर की कार्रवाई, रणनीति और समन्वय को मजबूत करने पर चर्चा की गई। पंजाब ने जीरो टॉलरेंस नीति दोहराई।
पंजाब सरकार के ‘नशे के खिलाफ युद्ध’ अभियान को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से चंडीगढ़ में एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जोनल कोऑर्डिनेटर, जिला कोऑर्डिनेटर और वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में नशे के उन्मूलन के प्रयासों को और तेज करना रहा।
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जमीनी स्तर पर चल रहे कार्यों की समीक्षा
बैठक के दौरान नशा उन्मूलन के लिए चल रहे जमीनी स्तर के अभियानों की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने अब तक की गई कार्रवाई, निगरानी व्यवस्था और जिला स्तर पर टीमों के बीच बेहतर समन्वय की स्थिति का आकलन किया।
‘ਯੁੱਧ ਨਸ਼ਿਆਂ ਵਿਰੁੱਧ’ ਮੁਹਿੰਮ ਨੂੰ ਹੋਰ ਪ੍ਰਭਾਵਸ਼ਾਲੀ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਵਿਖੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਜ਼ੋਨਾਂ ਦੇ ਕੋਆਰਡੀਨੇਟਰ, ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਕੋਆਰਡੀਨੇਟਰ ਅਤੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਅਹੁਦੇਦਾਰਾਂ ਨਾਲ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਮੀਟਿੰਗ ਕੀਤੀ।
ਮੀਟਿੰਗ ਦੌਰਾਨ ਨਸ਼ਿਆਂ ਦੇ ਖ਼ਾਤਮੇ ਲਈ ਜ਼ਮੀਨੀ ਪੱਧਰ ’ਤੇ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਉਪਰਾਲਿਆਂ ਦੀ ਸਮੀਖਿਆ ਕੀਤੀ ਗਈ ਅਤੇ ਮੁਹਿੰਮ ਨੂੰ ਹੋਰ… pic.twitter.com/4tTvR76qPi
— Aman Arora (@AroraAmanSunam) July 2, 2026
अभियान को और प्रभावी बनाने पर मंथन
बैठक में पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव और रणनीतियों पर चर्चा की गई। इसमें जमीनी स्तर पर कार्यों को और मजबूत करने, विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने और अभियान की प्रभावशीलता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। प्रतिभागियों ने अपने-अपने अनुभव और सुझाव साझा किए, जिससे इस अभियान को और अधिक परिणामदायक बनाया जा सके।
सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति दोहराई गई
पंजाब सरकार ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि राज्य में नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। सरकार का उद्देश्य नशे के नेटवर्क को पूरी तरह समाप्त करना और समाज से इस बुराई को जड़ से खत्म करना है।
कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि सरकार युवाओं को नशे से बचाने और पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए लगातार सख्त कदम उठा रही है।