पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई, जागरूकता और पुनर्वास को सरकार की प्राथमिकता बताया।
पंजाब सरकार राज्य में बढ़ती नशे की समस्या पर नियंत्रण के लिए अपने अभियान को लगातार तेज कर रही है। सरकार का कहना है कि यह केवल प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि एक व्यापक “नशे के खिलाफ युद्ध” है, जिसमें अपराधियों पर सख्त कार्रवाई के साथ-साथ समाजिक सुधार भी शामिल हैं।
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में नशा तस्करी के नेटवर्क को खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर नशा कारोबारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
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सरकार का सख्त रुख और “War Against Drugs” अभियान
सरकार द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान नशा सप्लाई चेन को तोड़ने और तस्करों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई पर केंद्रित है। प्रशासन और पुलिस मिलकर लगातार ऐसे नेटवर्क की पहचान कर उन पर कार्रवाई कर रहे हैं।
सरकारी पक्ष का कहना है कि यह नीति आम आदमी पार्टी के शासन मॉडल से जुड़ी है, जिसका उद्देश्य कानून व्यवस्था को मजबूत करना और समाज को नशा मुक्त बनाना है।
BJP’s hypocrisy on drugs stands exposed.
One day @BJP4India leaders lecture Punjab on eradicating drugs, the next day people linked to the party are caught in synthetic drug trafficking. Punjab deserves action, not empty speeches.
Under CM @BhagwantMann and the vision of… pic.twitter.com/g8XHP5ZXQo— Adv Harpal Singh Cheema (@HarpalCheemaMLA) June 15, 2026
राजनीतिक बयानबाज़ी भी तेज
नशे के मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाज़ी भी देखने को मिल रही है। भारतीय जनता पार्टी की ओर से राज्य सरकार की नीतियों और कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि सरकार का दावा है कि जमीनी स्तर पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई की जा रही है और नतीजे भी सामने आ रहे हैं। सरकारी अधिकारियों का कहना है कि उनका पूरा ध्यान केवल कार्रवाई और परिणामों पर है, न कि राजनीतिक विवादों पर।
बहुआयामी रणनीति पर काम जारी
पंजाब सरकार नशे के खिलाफ लड़ाई में केवल पुलिस कार्रवाई पर निर्भर नहीं है, बल्कि एक बहुआयामी रणनीति अपना रही है। इसके तहत जागरूकता अभियान, शिक्षा संस्थानों में कार्यक्रम और पुनर्वास सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है। नशा प्रभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी बढ़ाई गई है और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।
नशा मुक्त पंजाब की दिशा में प्रयास
सरकार का लक्ष्य एक पूरी तरह नशा मुक्त पंजाब बनाना है। इसके लिए रोकथाम, कार्रवाई और पुनर्वास—तीनों मोर्चों पर काम किया जा रहा है। हरपाल सिंह चीमा ने दोहराया कि राज्य सरकार इस अभियान को पूरी गंभीरता के साथ आगे बढ़ा रही है और नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई में किसी तरह की ढिलाई नहीं होगी।