इसुदान गढ़वी: पेपर लीक करने वाले पकड़े नहीं जाते, लेकिन हमने विरोध किया तो हमें जेल में भेज दिया गया
आम आदमी पार्टी के गुजरात प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने एक वीडियो के माध्यम से गंभीर मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए कहा कि NEET की परीक्षा पेपर लीक होने के कारण रद्द हुई है। पिछले दो वर्षों से 22-23 लाख बच्चे और उनके परिवार दिन-रात मेहनत कर रहे थे, बिना त्योहार मनाए तैयारी कर रहे थे और ऐसे बच्चों ने दिन-रात मेहनत करके परीक्षा दी थी, वह पेपर रद्द हो गया। यह पूरे देश के लिए शर्मनाक घटना है। गुजरात में पिछले कई वर्षों से 21 पेपर लीक हुए हैं और अब यही सिस्टम किसी ने केंद्र में लागू कर दी है। किसके कारण लागू हुई है, यह पता नहीं? क्या अपने लोगों को पास करवाने के लिए पेपर लीक करवाए गए? गुजरात में भी अपने लोगों और अपने करीबी लोगों को पास करवाने के लिए खुद ही पेपर लीक करवाने जैसी घटनाएं हुई हैं। गुजरात में इतने पेपर लीक हुए हैं, फिर भी अभी तक किसी को बड़ी सजा नहीं हुई है।
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आगे AAP नेता इसुदान गढ़वी ने कहा कि हमने पेपर लीक का विरोध किया था तो हमें जेल में भेज दिया गया, लेकिन असली दोषी पकड़े नहीं जाते। और अब यही सिस्टम केंद्र में लागू हो गई है। NEET परीक्षा पेपर लीक की घटना देश के 140 करोड़ लोगों के लिए दुखद घटना है और देश की व्यवस्था के लिए यह एक शर्मनाक घटना है। अगर ऐसी घटनाएं होती रहेंगी तो बच्चे कैसे विश्वास करेंगे? दो साल तक मेहनत करके बच्चों ने NEET की परीक्षा दी होगी और परीक्षा के बाद उन्होंने राहत महसूस की होगी तथा अपनी छुट्टियां मना रहे होंगे, लेकिन अब इन बच्चों को फिर से परीक्षा देनी पड़ेगी, तो वे दोबारा कितनी तैयारी कर पाएंगे? इस तरह भाजपा सरकार ने बच्चों का भविष्य धुंधला कर दिया है।