Thursday, July 23, 2026

AAP प्रवीण राम: NEET पेपर लीक के विरोध में विद्यार्थी चौराहों पर झालमुड़ी बेचकर प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराएंगे

by Neha
AAP प्रवीण राम: NEET पेपर लीक के विरोध में विद्यार्थी चौराहों पर झालमुड़ी बेचकर प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराएंगे

भाजपा ने 30 साल के शासन में शिक्षा व्यवस्था की धज्जियां उड़ाते हुए AAP प्रदेश फ्रंटल अध्यक्ष प्रवीण राम और सौराष्ट्र ज़ोन प्रमुख राजू बोरखतरिया ने सरकार को आड़े हाथ लिया

आम आदमी पार्टी के प्रदेश फ्रंटल अध्यक्ष प्रवीण राम और सौराष्ट्र ज़ोन प्रमुख राजू बोरखतरिया ने आज जूनागढ़ में पत्रकार परिषद आयोजित की। NEET परीक्षा रद्द होने के मामले पर बात करते हुए ‘आप’ नेता प्रवीण राम ने कहा कि NEET परीक्षा में पेपर लीक हुआ और उसके कारण परीक्षा रद्द करनी पड़ी। यह मुद्दा इसलिए गंभीर है क्योंकि अनुमानित 22 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने यह परीक्षा दी थी। इन सभी विद्यार्थियों ने मेहनत करके परीक्षा दी थी, लेकिन परीक्षा रद्द होने से उनके सपने टूट गए हैं और उनकी मेहनत पर पानी फिर गया है। प्रवीण राम ने आगे कहा कि सरकार फिलहाल सत्ता हासिल करने और राज्यों में सरकार बनाने में व्यस्त है। जहां सरकार बनाने की बात आती है वहां किसी प्रकार की बात लीक नहीं होती, लेकिन जब विद्यार्थियों के भविष्य, परीक्षाओं और पेपर की बात आती है तब बार-बार पेपर लीक होते हैं। गुजरात में अनुमानित 30 से 35 बार पेपर फूट चुके हैं और भाजपा सरकार को मानो पेपर लीक होने की लत लग गई हो ऐसी स्थिति है। अब यह परंपरा केंद्र तक पहुंच गई है। NEET परीक्षा के मामले में वर्ष 2017, 2021, 2024 और अब 2026 में भी पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं।

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AAP नेता प्रवीण राम ने आगे कहा कि यह परीक्षा इसलिए गंभीर है क्योंकि कोई बच्चा डॉक्टर बनने के सपने देखता है और उसके माता-पिता तथा परिवार भी उसका भविष्य बनाने की आशा रखते हैं। कई परिवार मजदूरी करते हैं, खेत मजदूरी करते हैं या दिहाड़ी पर जाते हैं, फिर भी लाखों रुपये की फीस भरकर बच्चों को कोचिंग क्लास करवाते हैं ताकि उनका भविष्य उज्ज्वल बन सके। अभी पेपर फूट गया और परीक्षा रद्द हो गई, जिसके कारण विद्यार्थियों का भविष्य अंधकारमय बन गया है। अब अगली परीक्षा कैसी होगी, कैसे ली जाएगी, आसान होगी या कठिन होगी, इसकी कोई स्पष्टता नहीं है। पेपर तो फूटा ही है, लेकिन साथ ही विद्यार्थियों का मनोबल भी टूट गया है। पूरे देश के विद्यार्थियों के मनोबल और भविष्य दोनों पर इस घटना का गंभीर प्रभाव पड़ा है। इस परिस्थिति के लिए जिम्मेदार कौन है? तो उसका सीधा जवाब भाजपा है। क्योंकि जो आरोपी पकड़ा गया है उसका भी भाजपा से सीधा संबंध होने की बात सामने आई है। वडोदरा भाजपा से उसका संबंध होने की चर्चा हो रही है। इसके अलावा गुजरात में जूनियर क्लर्क पेपर लीक मामले में पकड़े गए आरोपी आकाश पटेल को भाजपा युवा मोर्चा में स्थान दिया गया था। तो क्या भाजपा ऐसे लोगों को अपनी पार्टी में स्थान दे रही है जो पेपर फोड़ने में शामिल हैं? हजारों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने के लिए भाजपा और सत्ता में बैठी सरकार जिम्मेदार है। प्रवीण राम ने आगे कहा कि बार-बार ऐसी घटनाएं होती हैं, एक के बाद एक पेपर लीक होते हैं, फिर भी सरकार के पास उसका कोई समाधान नहीं है। सरकार बड़ी-बड़ी टेक्नोलॉजी की बातें करती है, विश्वगुरु बनने की बातें करती है, लेकिन इसी टेक्नोलॉजी का उपयोग करके पेपर लीक रोकने में सरकार विफल रही है।

AAP नेता प्रवीण राम ने आगे कहा कि गुजरात में नवनिर्माण जैसे आंदोलन हो चुके हैं, जहां विद्यार्थियों ने पूरे राज्य की तस्वीर बदल दी थी। आज तो विद्यार्थियों के भविष्य पर उससे भी बड़ा संकट आया है, फिर भी देश के विद्यार्थी और अभिभावक क्यों चुप हैं? केवल सोशल मीडिया पर बातें करने से कुछ नहीं होगा, बाहर आना पड़ेगा, लड़ना पड़ेगा और आवाज उठानी पड़ेगी। गांधीजी, सरदार पटेल और भगतसिंह जैसे महानुभावों ने भी अन्याय के खिलाफ लड़ने का रास्ता दिखाया था। आज गुजरात और देश के विद्यार्थियों से आह्वान है कि उनके साथ जो अन्याय हुआ है उसके खिलाफ बाहर आकर लड़ना पड़ेगा। आम आदमी पार्टी विद्यार्थियों के साथ खड़ी है और इस मुद्दे पर लड़ाई लड़ेगी। आम आदमी पार्टी ने इस मुद्दे पर आगामी कार्यक्रम के रूप में “NEET सत्याग्रह” करने की घोषणा की है। इस सत्याग्रह के माध्यम से गुजरात में पेपर लीक के अन्याय के खिलाफ लड़ने का कार्यक्रम चलाया जाएगा। आगामी एक-दो दिनों में आम आदमी पार्टी, ASAP, यूथ विंग के कार्यकर्ता बृजराज सोलंकी और धार्मिक माथुकिया के नेतृत्व में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें विद्यार्थियों को भी जोड़ा जाएगा। शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यार्थी चौराहों पर इकट्ठा होकर प्रतीकात्मक विरोध के रूप में झालमुड़ी बेचने का कार्यक्रम करेंगे। इस प्रतीकात्मक विरोध के पीछे का उद्देश्य यह है कि जो विद्यार्थी डॉक्टर बनने के सपने देख रहे थे, उनके सपने NEET परीक्षा रद्द होने से टूट गए हैं। अब वे दोबारा परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे या नहीं इसकी भी कोई गारंटी नहीं है। सरकार की विफलता, लापरवाही और उदासीनता के कारण विद्यार्थी सड़क पर आ गए हैं। इसलिए अब विद्यार्थी प्रतीकात्मक रूप से झालमुड़ी बेचकर सरकार को संदेश देंगे कि आपकी गलतियों के कारण हम सड़क पर आ गए हैं। आम आदमी पार्टी, ACS और यूथ विंग मिलकर गुजरात के विद्यार्थियों के लिए आने वाले दिनों में और अधिक आंदोलन और कार्यक्रम करेंगे।

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