अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में PM मोदी पर हमला बोला, रूस से तेल-गैस नीति, ऊर्जा कटौती अपील और अंतरराष्ट्रीय दबाव को लेकर सवाल उठाते हुए इस्तीफे की टिप्पणी की।
दिल्ली में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला। इस दौरान उन्होंने पेपर लीक मामलों से लेकर विदेश नीति और ऊर्जा संसाधनों की खरीद को लेकर सरकार को घेरा।
रूस से तेल-गैस खरीद पर उठाए सवाल
अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि सरकार एक तरफ देशवासियों से पेट्रोल-डीजल और गैस की बचत करने की अपील कर रही है, वहीं दूसरी तरफ रूस से सस्ती तेल और गैस खरीदने से बच रही है। उन्होंने दावा किया कि यह निर्णय अंतरराष्ट्रीय दबाव, विशेष रूप से अमेरिका के प्रभाव में लिया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि रूस से तेल और गैस लेकर आ रहा एक जहाज कथित तौर पर रोक दिया गया, जिस पर उन्होंने सवाल उठाए कि जब देश में ऊर्जा की जरूरत है तो सस्ते विकल्पों से दूरी क्यों बनाई जा रही है।
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कटौती अपील को लेकर सरकार पर निशाना
केजरीवाल ने कहा कि सरकार जनता से ऊर्जा बचाने की अपील कर रही है, जैसे कम गाड़ियों का इस्तेमाल करना और पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाना, जबकि दूसरी ओर सस्ते स्रोतों से ऊर्जा खरीदने में हिचक दिखाई जा रही है। उन्होंने इसे नीतिगत विरोधाभास बताया।
ट्रंप और अंतरराष्ट्रीय दबाव का आरोप
AAP प्रमुख ने आरोप लगाया कि भारत की ऊर्जा नीति पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जैसे वैश्विक नेताओं का दबाव देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत को अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए और किसी भी बाहरी दबाव के आगे नहीं झुकना चाहिए।
प्रधानमंत्री पर सीधा हमला और इस्तीफे की टिप्पणी
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि अगर कोई सरकार अंतरराष्ट्रीय दबाव झेलने में सक्षम नहीं है तो उसे पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि नेतृत्व ऐसी परिस्थितियों को संभाल नहीं सकता तो उसे इस्तीफा दे देना चाहिए।