NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद पर अरविंद केजरीवाल ने सरकार पर सवाल उठाए और Gen-Z से सड़कों पर उतरकर विरोध करने का आह्वान किया। मामला CBI जांच के तहत है।
NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर देशभर में विवाद गहराता जा रहा है। इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
सरकार पर 93 पेपर लीक मामलों का आरोप
अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि 2014 में केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद से अब तक परीक्षा पेपर लीक की 93 से अधिक घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनसे करोड़ों छात्र प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह समस्या केवल कुछ घटनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक गंभीर सिस्टम फेलियर का संकेत है।
हम रूस से तेल क्यों नहीं ख़रीद रहे? अगर पेपर लीक रोकना है तो हमारी Gen Z को आंदोलन करना होगा। दोनों महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रेस कॉन्फ़्रेंस | LIVE https://t.co/4HOlCjuiry
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) May 13, 2026
Gen-Z से सड़कों पर उतरने की अपील
अरविंद केजरीवाल ने युवाओं, खासकर Gen-Z से अपील करते हुए कहा कि यदि नेपाल और बांग्लादेश जैसे देशों में युवा अपने आंदोलन से सरकारों को बदल सकते हैं, तो भारत में भी पेपर लीक जैसी समस्याओं के खिलाफ आवाज उठाई जानी चाहिए। उन्होंने छात्रों से इस कथित घोटाले के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अपील की।
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राज्यों और जांच एजेंसियों पर भी सवाल
उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक की अधिकतर घटनाएं राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और गुजरात जैसे राज्यों में हुई हैं। साथ ही उन्होंने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि राजनीतिक संलिप्तता होगी तो निष्पक्ष जांच पर संदेह पैदा हो सकता है।
सरकार का निर्णय और CBI जांच
पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों के बाद सरकार ने NEET-UG 2026 परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया है और मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई है। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर उठी चिंताओं के बाद यह कदम उठाया गया है।
NTA ने यह भी कहा कि पुनर्परीक्षा के लिए उम्मीदवारों को दोबारा रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नहीं होगी और पहले से मौजूद डाटा और परीक्षा केंद्र मान्य रहेंगे।