Tuesday, August 25, 2026

बगलामुखी जयंती 2026: बगलामुखी जयंती कब है? जानें तिथि, पूजा विधि, मंत्र और महत्व

by Neha
बगलामुखी जयंती 2026: बगलामुखी जयंती कब है? जानें तिथि, पूजा विधि, मंत्र और महत्व

बगलामुखी जयंती 2026 25 अप्रैल को मनाई जाएगी। जानें मां बगलामुखी की पूजा विधि, मंत्र, लाभ और सिद्धपीठ मंदिरों की पूरी जानकारी।

बगलामुखी जयंती 2026: हिंदू धर्म में मां बगलामुखी को दस महाविद्याओं में आठवीं महाविद्या माना जाता है। इन्हें पीतांबरा देवी भी कहा जाता है और इनकी साधना को वाणी, बुद्धि और शत्रुओं पर विजय के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। वर्ष 2026 में बगलामुखी जयंती वैशाख शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाएगी, जो इस बार 25 अप्रैल 2026, शुक्रवार को पड़ रही है।

बगलामुखी जयंती 2026 का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां बगलामुखी की उपासना से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है और जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं। उन्हें वाणी पर नियंत्रण और वाक्पटुता की देवी भी माना जाता है। तांत्रिक साधनाओं में भी इनकी पूजा का विशेष महत्व है, हालांकि इसे गुरु के मार्गदर्शन में ही करना उचित माना जाता है।

पूजा का शुभ मुहूर्त

बगलामुखी जयंती के दिन सुबह का पूजा मुहूर्त सुबह 5:47 से 10:41 बजे तक रहेगा। तांत्रिक साधना प्रायः रात्रि काल में की जाती है, लेकिन इसे बिना मार्गदर्शन के करना वर्जित माना जाता है।

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मां बगलामुखी पूजा विधि

इस दिन भक्तों को पीले वस्त्र धारण कर पूजा करनी चाहिए, क्योंकि मां बगलामुखी को पीला रंग अत्यंत प्रिय है।

  • स्नान के बाद पीले वस्त्र पहनें
  • पीले फूल, हल्दी, अक्षत और सिंदूर अर्पित करें
  • केला या हलवे का भोग लगाएं
  • “ॐ ह्लीं बगलामुख्यै नमः” मंत्र का जाप करें
  • आरती कर अपनी मनोकामना व्यक्त करें

पूजा के लाभ

मां बगलामुखी की पूजा को जीवन में कई प्रकार के लाभ देने वाली माना गया है, जैसे—

  • शत्रुओं पर विजय
  • कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता
  • विवादों में जीत
  • वाणी में प्रभावशीलता
  • बाधाओं और दरिद्रता से मुक्ति

मंत्र

मां बगलामुखी का प्रमुख मंत्र है: “ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिव्हां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा।” इसके साथ ही मृत्युंजय भैरव मंत्र “हौं जूं स:” का जाप भी विशेष फलदायी माना जाता है।

मां बगलामुखी की कथा

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार एक बार ब्रह्मांडीय विनाशकारी तूफान से सृष्टि संकट में आ गई थी। भगवान विष्णु ने भगवान शिव का स्मरण किया, जिसके बाद देवी शक्ति के रूप में मां बगलामुखी प्रकट हुईं और उन्होंने उस प्रलय को शांत किया।

प्रमुख बगलामुखी मंदिर

भारत में मां बगलामुखी के प्रमुख सिद्धपीठ मंदिर—

  • बनखंडी, हिमाचल प्रदेश
  • नलखेड़ा, मध्य प्रदेश
  • दतिया, मध्य प्रदेश

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