सितंबर और अक्टूबर में देश भर के बैंक अधिकारी और बैंककर्मी हड़ताल पर जा सकते हैं। दो प्रमुख मांगों को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने देश भर में बैंककर्मी हड़ताल का आह्वान किया है।
बैंक यूनियनों की पहली मांग है कि सरकार द्वारा लागू की गई PLI (परफॉर्मेंस-लिंक्ड इंसेंटिव) योजना को वापस ले लिया जाए और हफ्ते में पांच दिन काम की अनुमति दी जाए। 26 अक्टूबर से देश भर में बैंकों में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो जाएगी अगर सरकार और बैंक प्रशासन ने उनकी मांगें नहीं सुनीं।
5 दिन की बैंकिंग पर 2 साल से अटकी अनुमति
UFBU के अनुसार, IBA ने 8 मार्च 2024 को 12वें द्विपक्षीय समझौते और 9वें जॉइंट नोट पर हस्ताक्षर किए थे। इसमें पांच दिनों की बैंकिंग लागू करने पर समझौता हुआ था। इसके तहत, कर्मचारी सोमवार से शुक्रवार तक हर दिन चालीस मिनट अधिक काम करेंगे। IBA ने इस प्रस्ताव को मंजूरी देकर केंद्र सरकार को भेजा था, लेकिन दो साल से अधिक बीत जाने के बाद भी इसे वित्त मंत्रालय से मंजूरी नहीं मिली है।
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क्या है पांच दिन का बैंकिंग प्रस्ताव
- वर्तमान में, प्रत्येक महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बैंकों में काम नहीं होता है।
- नया प्रस्ताव लागू होने पर हर शनिवार छुट्टी होगी।
- इसके बदले, सोमवार से शुक्रवार तक कामकाज की अवधि चालीस मिनट बढ़ जाएगी।
नवीनतम PLI कार्यक्रम पर बहस: सीनियर अफसरों को लाभ, निचले कर्मचारियों से भेदभाव यूनियनों ने वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवाएं विभाग द्वारा जारी किए गए हाल ही में जारी किए गए PLI निर्देशों का विरोध किया है। यूनियन ने दावा किया कि यह योजना भेदभावपूर्ण है:
- स्केल IV के अधिकारी: 365 दिनों के बेसिक पे के बराबर PLI व्यक्तिगत प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।
- कर्मचारी (स्केल I से III) और कर्मचारी: इन्हें कम से कम पंद्रह दिनों का मूल पेज और डीए मिलेगा।
UFBU का तर्क है कि PLI बैंक के उच्चतम प्रदर्शन पर आधारित होना चाहिए और स्केल VII तक सभी कर्मचारियों को समान दिनों का वेतन मिलना चाहिए। IBA और यूनियनों के बीच हुए समझौते का यह नवीनतम नियम उल्लंघन करता है।
मामला दिल्ली हाईकोर्ट और श्रम आयुक्त के पास पहुंचा
PLI स्कीम की बहस अब मुख्य श्रम आयुक्त के समक्ष सुलह प्रक्रिया में है। यह मामला दिल्ली हाईकोर्ट में भी चुनौती दी गई है। यूनियनों ने द्विपक्षीय बातचीत के जरिए इंसेंटिव योजना को बदलने की मांग की है।
पेंशन अपडेट और OPS की भी आवश्यकता
बैंक यूनियनों ने बैंककर्मी हड़ताल के मुख्य कारणों के अलावा कई पुरानी मांगों को फिर से उठाया है:
सभी पेंशनधारकों के लिए अपडेट और सुधार
सभी रिटायर कर्मचारियों के लिए समान महंगाई भत्ता फार्मूला
NPS के तहत आने वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना में बदलने का विकल्प