अकारण थकान और उदासी हमेशा मानसिक तनाव का संकेत नहीं होती, बल्कि यह शरीर में कुछ आवश्यक Vitamin की कमी का नतीजा भी हो सकती है। मानसिक स्वास्थ्य का संबंध केवल भावनात्मक स्थिति से नहीं, बल्कि हमारे शरीर के पोषण स्तर से भी होता है। यदि कुछ जरूरी Vitamin की मात्रा शरीर में कम हो जाए, तो यह डिप्रेशन और चिंता जैसी समस्याओं को जन्म दे सकता है। अच्छी बात यह है कि संतुलित खानपान और सप्लिमेंट्स की मदद से इन समस्याओं को समय रहते रोका जा सकता है।
डिप्रेशन से जुड़े अहम विटामिन:
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Vitamin B12:
यह दिमाग और तंत्रिका तंत्र के लिए बेहद जरूरी है। इसकी कमी से व्यक्ति थका हुआ, चिड़चिड़ा और उदास महसूस कर सकता है। लंबे समय तक इसकी कमी डिप्रेशन की वजह बन सकती है। -
Vitamin D:
जिसे ‘सनशाइन विटामिन’ भी कहा जाता है, यह मूड को संतुलित रखने में मदद करता है। धूप न मिलने से इसका स्तर घटता है और व्यक्ति लो एनर्जी व मोटिवेशन की कमी महसूस करता है। -
फोलेट (Vitamin B9):
यह विटामिन ब्रेन में ‘हैप्पी हार्मोन’ जैसे सेरोटोनिन और डोपामिन के निर्माण में अहम होता है। इसकी कमी मस्तिष्क के रासायनिक संतुलन को प्रभावित कर सकती है।
मानसिक स्वास्थ्य के लिए बचाव के उपाय:
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पोषक आहार लें जिसमें दूध, दही, हरी सब्ज़ियाँ, अंडा, मछली, दालें और फल शामिल हों।
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रोज़ाना कुछ समय धूप में बिताएं ताकि विटामिन D प्राकृतिक रूप से मिल सके।
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बार-बार थकान या उदासी महसूस होने पर ब्लड टेस्ट कराएं।
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डॉक्टर की सलाह लेकर विटामिन सप्लिमेंट्स का सेवन करें।
डिप्रेशन केवल भावनात्मक कारणों से नहीं होता, बल्कि यह पोषण की कमी का भी नतीजा हो सकता है। विटामिन B12, D और B9 की कमी को समय रहते पहचानकर और सुधार कर मानसिक रूप से स्वस्थ रहना संभव है।