ओट्स के फायदे और नुकसान जानें। क्या ओट्स सच में सुपरफूड है या इसके साइड इफेक्ट्स भी हैं? डायबिटीज, पाचन और सेहत पर ओट्स के असर की पूरी जानकारी पढ़ें।
आज के समय में ओट्स को हेल्दी डाइट और फिटनेस रूटीन का अहम हिस्सा माना जाता है। सुबह के नाश्ते से लेकर डाइट प्लान तक, ओट्स को “सुपरफूड” की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। लेकिन क्या यह सच में हर किसी के लिए उतना ही फायदेमंद है जितना माना जाता है? विशेषज्ञों के अनुसार, ओट्स के फायदे तो हैं, लेकिन इसके कुछ साइड इफेक्ट्स भी हैं जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है।
क्या ओट्स हर किसी के लिए फायदेमंद है?
ओट्स में बीटा-ग्लूकन नाम का घुलनशील फाइबर पाया जाता है, जो शरीर में कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद करता है और दिल की सेहत के लिए अच्छा माना जाता है। यही कारण है कि इसे हेल्दी ब्रेकफास्ट ऑप्शन के रूप में लोकप्रियता मिली है। कई रिसर्च भी इस बात को सपोर्ट करती हैं कि नियमित रूप से ओट्स खाने से खराब कोलेस्ट्रॉल यानी LDL कम हो सकता है।
हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि इसका असर इस बात पर निर्भर करता है कि आप कौन सा ओट्स खा रहे हैं और आपका शरीर उसे कैसे स्वीकार करता है।
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ओट्स शरीर में कैसे काम करता है?
ओट्स अलग-अलग रूपों में उपलब्ध होते हैं और सभी का असर एक जैसा नहीं होता। इंस्टेंट ओट्स जल्दी पच जाते हैं, जिससे कुछ लोगों में ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है। वहीं फ्लेवर्ड ओट्स में अतिरिक्त शुगर होती है, जो सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती है। इसके मुकाबले स्टील-कट और रोल्ड ओट्स धीरे पचते हैं और इन्हें ज्यादा बेहतर विकल्प माना जाता है, खासकर उन लोगों के लिए जो ब्लड शुगर कंट्रोल करना चाहते हैं।
ज्यादा ओट्स खाने के नुकसान
ओट्स में फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो हर किसी के लिए आरामदायक नहीं होती। अचानक ज्यादा मात्रा में सेवन करने से पेट फूलना, गैस और पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा ओट्स में फाइटेट्स नामक तत्व भी पाए जाते हैं, जो शरीर में आयरन और जिंक जैसे जरूरी मिनरल्स के अवशोषण को प्रभावित कर सकते हैं।
डॉक्टरों का मानना है कि अगर डाइट में विविधता नहीं रखी जाए और सिर्फ ओट्स पर निर्भर रहा जाए, तो लंबे समय में पोषण संतुलन बिगड़ सकता है।
क्या ओट्स सबके लिए सुरक्षित हैं?
हालांकि ओट्स को ग्लूटेन-फ्री माना जाता है, लेकिन कई बार यह उन जगहों पर प्रोसेस किए जाते हैं जहां गेहूं भी होता है। ऐसे में ग्लूटेन सेंसिटिव या सीलिएक रोग से पीड़ित लोगों के लिए यह समस्या पैदा कर सकता है। जिन लोगों का पाचन कमजोर है या जिन्हें ब्लड शुगर की समस्या रहती है, उन्हें भी ओट्स का सेवन सावधानी से करना चाहिए।