आजकल की प्रोसेस्ड और फास्ट फूड वाली जीवनशैली में लोगों की थाली से Fiber लगभग गायब हो चुका है, जो पाचन और आंतों की सेहत के लिए बेहद जरूरी है। Fiber की कमी न केवल कब्ज और गैस जैसी समस्याएं पैदा करती है, बल्कि आगे चलकर गंभीर पेट संबंधी बीमारियों का कारण भी बन सकती है।
आपकी डाइट में रोज़ाना पर्याप्त मात्रा (25 से 30 ग्राम) में फाइबर नहीं है, तो इसका असर आंतों पर पड़ सकता है। इससे पाचन तंत्र कमजोर होता है और कई तरह की दिक्कतें उभर सकती हैं। ऐसे में ज़रूरी है कि आप अपनी डाइट में Fiber युक्त चीजें जैसे फल, हरी सब्ज़ियां, साबुत अनाज और दालें शामिल करें। यदि लक्षण लगातार बने रहें, तो डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।
फाइबर की कमी के संकेत:
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कब्ज: मल त्याग में परेशानी होना, या सप्ताह में 3 बार से कम शौच जाना।
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पेट में भारीपन या गैस: फाइबर की कमी से भोजन सही से नहीं पचता।
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बार-बार भूख लगना: पेट जल्दी खाली हो जाता है, जिससे बार-बार खाने की इच्छा होती है।
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वजन बढ़ना: फाइबर की कमी से अधिक खाने की संभावना रहती है।
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ब्लड शुगर असंतुलन: फाइबर ब्लड शुगर को संतुलित रखने में मदद करता है, इसकी कमी से डायबिटीज़ का खतरा बढ़ता है।
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कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना: घुलनशील फाइबर LDL यानी खराब कोलेस्ट्रॉल को घटाने में मदद करता है।
फाइबर के अच्छे स्रोत:
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फल: अमरूद, सेब, पपीता, नाशपाती
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सब्ज़ियां: पालक, गाजर, बीन्स, मटर
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अनाज: ब्राउन राइस, ओट्स, जौ, दलिया
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दालें और चने: मूंग, राजमा, छोले
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बीज व नट्स: चिया सीड्स, अलसी, बादाम
अपनी थाली में फाइबर की मौजूदगी सुनिश्चित कर आप आंतों की सेहत को सुधार सकते हैं और पेट से जुड़ी कई समस्याओं से बचाव कर सकते हैं।