Share Market Today: सेंसेक्स-निफ्टी की कमजोर शुरुआत हुई। HDFC Bank में गिरावट से दबाव बढ़ा, जबकि PSU बैंक शेयरों में खरीदारी दिखी।
Share Market Today: भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 21 जुलाई 2026 को कारोबार की शुरुआत सुस्त रही। शुरुआती सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी दबाव में नजर आए। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत, मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई। हालांकि, सरकारी बैंक यानी PSU बैंक शेयरों में खरीदारी के चलते बाजार को कुछ मजबूती मिली और बड़ी गिरावट से राहत रही।
सेंसेक्स और निफ्टी की कमजोर शुरुआत
शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स करीब 60 अंक की गिरावट के साथ 77,650 के स्तर के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं, निफ्टी 50 इंडेक्स भी 24,250 के स्तर से नीचे फिसल गया।
फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव का माहौल बना हुआ है। निवेशकों की नजरें वैश्विक घटनाक्रमों के साथ-साथ कंपनियों के तिमाही नतीजों पर भी टिकी हुई हैं।
HDFC Bank के शेयरों में गिरावट से बढ़ा दबाव
आज के कारोबार में निजी बैंकिंग क्षेत्र के दिग्गज एचडीएफसी बैंक के शेयरों में कमजोरी देखने को मिली। बैंक के शेयरों में करीब 1 फीसदी तक गिरावट दर्ज की गई।
HDFC Bank का सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख इंडेक्स में बड़ा योगदान है। ऐसे में बैंक के शेयरों में गिरावट का सीधा असर बाजार की चाल पर पड़ा और दोनों सूचकांक दबाव में नजर आए।
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PSU बैंक शेयरों में खरीदारी से मिला सहारा
जहां निजी बैंकिंग शेयरों में कमजोरी देखने को मिली, वहीं सरकारी बैंकिंग शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी। PSU बैंक शेयरों में खरीदारी के कारण बाजार को कुछ सपोर्ट मिला। बैंकिंग सेक्टर में आज मिला-जुला रुख देखने को मिला, जहां सरकारी बैंकों के शेयरों में तेजी रही जबकि कुछ निजी बैंक शेयर दबाव में रहे।
कच्चे तेल और वैश्विक तनाव का बाजार पर असर
मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से महंगाई बढ़ने की चिंता बढ़ती है, जिससे निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी बनी रहती है तो इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिल सकता है।
निवेशकों की नजर अब आगे के संकेतों पर
फिलहाल घरेलू बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और कंपनियों के तिमाही प्रदर्शन से तय होगी। निवेशक बाजार में आगे की चाल को समझने के लिए इन सभी कारकों पर नजर बनाए हुए हैं।