हरियाणा के हिसार में बीजेपी ने मेयर चुनाव के लिए प्रवीण पोपली को प्रत्याशी बनाया है। शनिवार को CM Saini उनके चुनाव कार्यालय के उद्घाटन के लिए पहुंचे।
CM Saini ने शनिवार को हिसार में बीजेपी के मेयर उम्मीदवार प्रवीण पोपली के चुनाव कार्यालय का शुभारंभ किया। सुशीला भवन में स्थापित इस कार्यालय के उद्घाटन के अवसर पर एक जनसभा भी आयोजित हुई। इस दौरान CM Saini ने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर कमल का फूल खिलाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर पीडब्ल्यूडी मंत्री रणबीर गंगवा, पूर्व मंत्री डॉ. कमल गुप्ता, बीजेपी जिला अध्यक्ष अशोक सैनी, मार्केट कमेटी के पूर्व चेयरमैन रणधीर धीरू समेत कई अन्य नेता मौजूद रहे। मेयर उम्मीदवार प्रवीण पोपली ने कहा कि वे पूरी निष्ठा के साथ शहर की सेवा के लिए प्रयास करेंगे। उन्होंने खुद को संगठन का सिपाही बताते हुए कहा कि जब भी पार्टी ने उन्हें कोई जिम्मेदारी सौंपी, उन्होंने उसे पूरी ईमानदारी से निभाया। अब संगठन ने जो नया दायित्व दिया है, वह उनके लिए सम्मान की बात है।
प्रवीण पोपली का राजनीतिक सफर और टिकट मिलने की वजह
प्रवीण पोपली वर्तमान में प्रदेश में नमो ऐप के सहसंयोजक की भूमिका निभा रहे थे। इससे पहले वे बीजेपी के जिला महामंत्री भी रह चुके हैं। 54 वर्षीय पोपली के पास बीएस और डिप्लोमा इन फार्मेसी की डिग्री है। सेक्टर-14 निवासी पोपली संघ से भी जुड़े रहे हैं और प्रथम वर्ष दीक्षित हैं। 2018 में वे हिसार में मेयर चुनाव के ओवरऑल इंचार्ज थे, जबकि 2019 लोकसभा चुनाव में सहसंयोजक की भूमिका निभा चुके हैं। उनके पिता, राम स्वरूप पोपली, संघ के सक्रिय कार्यकर्ता थे और आपातकाल के दौरान जेल भी गए थे। वे बीजेपी के जिला उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। उनके बड़े बेटे अखिल व्यवसाय से जुड़े हैं, जबकि छोटे बेटे निखिल पोपली आईआईटी खड़गपुर में बीटेक कर रहे हैं।
टिकट मिलने का कारण
हिसार में अग्रवाल और पंजाबी समाज के मतदाता सबसे अधिक संख्या में हैं। 2019 में बीजेपी ने हिसार विधानसभा सीट से अग्रवाल समाज के डॉ. कमल गुप्ता को टिकट दिया था, जबकि मेयर पद के लिए पंजाबी समाज के गौतम सरदाना को चुना गया था। इस बार हिसार से अग्रवाल समाज की सावित्री जिंदल विधायक हैं, इसलिए यह तय माना जा रहा था कि मेयर का टिकट पंजाबी समाज को मिलेगा।
हालांकि, निवर्तमान मेयर गौतम सरदाना ने विधानसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा, जिससे उनका पार्टी से दूर होना तय था। ऐसे में बीजेपी के पास पंजाबी समाज से प्रवीण पोपली से बड़ा कोई चेहरा नहीं था। जातीय समीकरणों को साधते हुए पंजाबी वोट को अपने पक्ष में करने के लिए बीजेपी ने पोपली को टिकट दिया।
सावित्री जिंदल और अन्य नेताओं की दूरी
बीजेपी प्रत्याशी के चुनाव कार्यालय के उद्घाटन से पूर्व मंत्री सावित्री जिंदल, पूर्व मेयर शकुंतला राजलीवाल और पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर डीएन सैनी ने दूरी बनाए रखी। बताया जा रहा है कि सावित्री जिंदल, शकुंतला राजलीवाल या डीएन सैनी में से किसी एक को टिकट दिलवाना चाहती थीं।
पूर्व मेयर शकुंतला राजलीवाल ने कहा कि वह पूरी तरह चुनाव की तैयारी कर रही थीं, और जिंदल परिवार की ओर से भी उन्हें समर्थन था। उन्होंने कहा कि वह शहर की सेवा करना चाहती थीं, लेकिन अब जब बीजेपी ने टिकट का ऐलान कर दिया है, तो आगे का निर्णय अभी तय नहीं किया है। कांग्रेस से टिकट लेने की संभावना को लेकर उन्होंने कहा कि ऐसी कोई बातचीत नहीं हुई है, और निर्दलीय चुनाव लड़ने पर भी अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। जिंदल परिवार की ओर से इस कार्यक्रम में जगदीश जिंदल मौजूद रहे।