हरियाणा सरकार ने 18 योजनाओं के तहत ₹1,665 करोड़ 25 लाख की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर की। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य पारदर्शी शासन और समय पर जनकल्याण सुनिश्चित करना है।
हरियाणा सरकार ने अंत्योदय के संकल्प को साकार करते हुए एक बड़ी पहल के तहत 18 विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत कुल ₹1,665 करोड़ 25 लाख रुपये की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी है। यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली के माध्यम से राज्य के लाखों जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाई गई, जिससे पारदर्शिता और त्वरित सहायता सुनिश्चित हुई है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने “डबल इंजन सरकार” के विजन को आगे बढ़ाते हुए यह सुनिश्चित किया है कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक समय पर पहुंचे। इस कदम को सामाजिक सुरक्षा और जनकल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
अन्त्योदय के अपने संकल्प को साकार रूप देते हुए आज 18 विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत कुल 1,665 करोड़ 25 लाख रुपये की राशि सीधे प्रदेश के लाखों लाभार्थियों के बैंक खातों में स्थानांतरित की।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @NarendraModi जी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार का लक्ष्य हर जरूरतमंद… pic.twitter.com/oWLfUO6Hsl
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) April 10, 2026
सरकार का उद्देश्य है कि विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के सभी वर्गों, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को मजबूत किया जाए और उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए। इसी दिशा में लगातार प्रयास करते हुए प्रदेश को विकास और समृद्धि के नए आयामों की ओर अग्रसर किया जा रहा है।
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इस अवसर पर सरकार ने दोहराया कि अंत्योदय के सिद्धांत के अनुरूप हर जरूरतमंद तक सहायता पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। DBT प्रणाली के माध्यम से लाभ सीधे खातों में पहुंचने से बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है और पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनी है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन में हरियाणा सरकार मिलकर विकास की गति को और तेज कर रही है।
सरकार का दावा है कि इस तरह की योजनाएं न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती हैं, बल्कि राज्य में सामाजिक न्याय और समान विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।