Saturday, April 18, 2026

पैरों की सूजन हो सकती है फैटी लिवर का शुरुआती संकेत, एक्सपर्ट्स दे रहे चेतावनी

by Neha
पैरों की सूजन हो सकती है फैटी लिवर का शुरुआती संकेत, एक्सपर्ट्स दे रहे चेतावनी

पैरों की सूजन (पेडल एडिमा) फैटी लिवर का शुरुआती संकेत हो सकता है। जानिए इसके कारण, लक्षण और समय पर इलाज से कैसे बचें लिवर की गंभीर बीमारी से।

फैटी लिवर की समस्या आज के समय में तेजी से बढ़ रही है और इसका शुरुआती लक्षण अक्सर पैरों की सूजन (पेडल एडिमा) होता है, जिसे आमतौर पर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार अगर फैटी लिवर का समय पर इलाज न किया जाए तो यह गंभीर लिवर रोगों जैसे सिरोसिस और लिवर कैंसर का रूप ले सकता है।

फैटी लिवर क्या है?

फैटी लिवर या नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) एक ऐसी स्थिति है जिसमें लिवर में वसा का अत्यधिक जमाव हो जाता है। हल्के स्तर पर यह सामान्य माना जाता है, लेकिन जब वसा अधिक हो जाती है तो यह लिवर की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकती है। फैटी लिवर आमतौर पर मोटापा, डायबिटीज, खराब खान-पान और शारीरिक निष्क्रियता से जुड़ा होता है। यदि समय रहते इसका इलाज न किया जाए, तो यह गंभीर बीमारी जैसे नॉन-अल्कोहलिक स्टीटोहेपेटाइटिस (NASH), सिरोसिस और लिवर कैंसर में बदल सकता है।

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पैरों की सूजन (पेडल एडिमा) कैसे पहचानें?

पेडल एडिमा यानी पैरों में सूजन फैटी लिवर का शुरुआती और अक्सर अनदेखा किया जाने वाला संकेत हो सकता है। इसे घर पर आसानी से जांचा जा सकता है। टखने के ऊपर वाली जगह पर कुछ सेकेंड के लिए दबाव डालें, अगर दबाव हटाने के बाद आपकी त्वचा पर गड्ढा या निशान रह जाता है, तो यह पीटिंग एडिमा कहलाता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि पैरों की सूजन को सिर्फ लंबे समय तक खड़े रहने या चलने का असर समझकर नजरअंदाज न करें। यह आपके लिवर में किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है।

फैटी लिवर का समय पर इलाज जरूरी

एक्सपर्ट्स बताते हैं कि फैटी लिवर के शुरुआती लक्षणों को पहचान कर तुरंत इलाज शुरू करना बहुत जरूरी है। इससे लिवर की क्षति को रोका जा सकता है और गंभीर रोगों से बचा जा सकता है। यदि लक्षणों को अनदेखा किया गया तो यह लिवर सिरोसिस या कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों में परिवर्तित हो सकता है।

फैटी लिवर से बचाव के उपाय:

  • स्वस्थ और संतुलित भोजन लें।

  • नियमित रूप से व्यायाम करें।

  • शराब और तंबाकू से बचें।

  • समय-समय पर डॉक्टर से जांच कराएं।

  • तनाव को कम करने के उपाय अपनाएं।

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