एजबेस्टन टेस्ट में Shubman Gill ने धमाकेदार प्रदर्शन कर क्रिकेट इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया है। पहले टेस्ट में जहां उन्होंने शतक जड़ा, वहीं दूसरे टेस्ट में शानदार दोहरा शतक (269 रन) ठोककर भारतीय कप्तान के रूप में सबसे बड़ा स्कोर बना डाला। लेकिन सवाल यही है कि जो शुभमन पहले विदेशी पिचों पर संघर्ष करते थे, अब अचानक कैसे रनों की बारिश करने लगे?
इसका जवाब मिला युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह से। उन्होंने एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि युवराज ने उन्हें बताया कि गिल ने अपनी बल्लेबाजी में दो अहम बदलाव किए हैं—हाथ और फुटवर्क पर मेहनत।
युवराज ने बताया गिल के गेम में आया ये सुधार
योगराज सिंह के मुताबिक, ” Shubman Gill के सीधे हाथ में पहले कुछ कमजोरी थी, लेकिन अब वो पूरी तरह ठीक हो गया है। युवराज ने मुझसे कहा, ‘पापा, अब गिल का राइट हैंड पूरी ताकत से काम कर रहा है।’ यही वजह है कि अब वो कवर ड्राइव में भी बेहतरीन टाइमिंग दिखा रहे हैं। वो सचमुच जादुई बल्लेबाज़ी कर रहे हैं।”
बैट-पैड गैप खत्म, डिफेंस हुआ मजबूत
गिल ने न सिर्फ अपने हाथों पर बल्कि अपनी फुट पोजिशन पर भी काम किया है। पहले उनके बैट और पैड के बीच जो फासला रहता था, वो अब खत्म हो गया है। इससे पहले गेंदबाज़ इनस्विंगर्स पर उन्हें चकमा दे देते थे, लेकिन अब उनका डिफेंस इतना मजबूत हो गया है कि वो गेंदों को आसानी से पढ़ रहे हैं और डोमिनेट कर रहे हैं।
गिल का ऐतिहासिक दोहरा शतक
269 रन की रिकॉर्डतोड़ पारी के साथ Shubman Gill इंग्लैंड में टेस्ट डबल सेंचुरी लगाने वाले पहले भारतीय कप्तान बन गए हैं। उनकी इस शानदार पारी की बदौलत टीम इंडिया ने पहली पारी में 587 रन बनाए, जबकि इंग्लैंड की शुरुआत लड़खड़ा गई और उसने तीन विकेट सिर्फ 77 रन पर गंवा दिए। अब भारत जीत की ओर मज़बूती से बढ़ रहा है।
शुभमन गिल का यह फॉर्म न सिर्फ टीम इंडिया के लिए राहत की बात है, बल्कि यह भी दिखाता है कि अगर खिलाड़ी अपनी तकनीक और फिटनेस पर लगातार काम करे, तो विदेशों में भी वो चमत्कारी प्रदर्शन कर सकता है।